लखनऊ (25 जुलाई 2026)। उत्तर प्रदेश में मानसून एक बार फिर सक्रिय होने जा रहा है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, 27 जुलाई से प्रदेश के मौसम में बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा। पूर्वी और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कई जिलों में भारी बारिश, तेज हवाएं, गरज-चमक और बिजली गिरने की आशंका जताई गई है। मौसम विभाग ने लोगों से सतर्क रहने और खराब मौसम के दौरान अनावश्यक रूप से घरों से बाहर न निकलने की अपील की है।
बीते 24 घंटों के दौरान प्रदेश के कई जिलों में हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई, जबकि कुछ इलाकों में उमस ने लोगों की परेशानी बढ़ाए रखी। अब अगले कुछ दिनों में मानसून के और अधिक सक्रिय होने से बारिश की तीव्रता बढ़ने के संकेत हैं।
27 जुलाई से सक्रिय होगा मानसून, कई जिलों में भारी बारिश के आसार
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, 25 और 26 जुलाई को प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में छिटपुट बारिश का सिलसिला जारी रहेगा। इसके बाद 27 जुलाई से मानसून मजबूत होगा और कई जिलों में व्यापक बारिश होने की संभावना है।
पूर्वी उत्तर प्रदेश में 27 से 31 जुलाई के बीच भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। इस दौरान तेज हवाओं के साथ गरज-चमक और आकाशीय बिजली गिरने की भी आशंका है। मौसम विभाग का कहना है कि कुछ स्थानों पर कम समय में अधिक बारिश होने से जलभराव जैसी स्थिति भी बन सकती है।
पश्चिमी उत्तर प्रदेश में भी बढ़ेगी बारिश की गतिविधियां
पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 25 और 26 जुलाई को कहीं-कहीं हल्की बारिश हो सकती है, लेकिन 28 से 31 जुलाई के बीच बारिश का दायरा और तीव्रता दोनों बढ़ने की संभावना है। विभाग ने इस अवधि में कई जिलों के लिए भारी बारिश की चेतावनी जारी की है।
इसके अलावा 27 से 29 जुलाई के बीच गरज-चमक के साथ तेज हवाएं चलने और बिजली गिरने की आशंका भी जताई गई है। ऐसे मौसम में खुले मैदानों और पेड़ों के नीचे रुकने से बचने की सलाह दी गई है।
आंधी-तूफान और बिजली गिरने को लेकर विशेष सतर्कता बरतने की अपील
मौसम विभाग ने पूर्वी और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के लोगों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है। विभाग के अनुसार, खराब मौसम के दौरान जर्जर भवनों, बिजली के खंभों और जलभराव वाले इलाकों से दूरी बनाए रखें। खेतों या खुले स्थानों में काम कर रहे लोगों को भी गरज-चमक के समय सुरक्षित स्थान पर पहुंचने की सलाह दी गई है।
प्रशासन ने भी स्थानीय स्तर पर सतर्कता बरतने के निर्देश दिए हैं ताकि भारी बारिश की स्थिति में किसी भी आपात परिस्थिति से समय रहते निपटा जा सके।













