लखनऊ, 19 फरवरी 2026 (गुरुवार): उत्तर प्रदेश में शिक्षा के अधिकार से जुड़ी योजनाओं को लेकर जमीनी स्तर पर एक दिलचस्प बदलाव दिखाई दे रहा है। खासकर UP RTE Admission 2026 के पहले चरण में आए आवेदन इस बात का संकेत दे रहे हैं कि अब अभिभावक केवल सरकारी व्यवस्था पर निर्भर नहीं रहना चाहते, बल्कि अपने बच्चों के लिए बेहतर और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा की दिशा में सक्रिय पहल कर रहे हैं।
राज्य में निःशुल्क एवं अनिवार्य शिक्षा का अधिकार (RTE) के तहत वर्ष 2026–27 के पहले चरण में कुल 2,61,501 आवेदन प्राप्त हुए हैं। यह आंकड़ा पिछले शैक्षणिक सत्र 2025–26 की समान अवधि में मिले 1,32,446 आवेदनों की तुलना में लगभग 97 प्रतिशत अधिक है। यानी एक साल के भीतर ही आवेदन संख्या लगभग दोगुनी हो गई है, जो इस योजना के प्रति बढ़ते भरोसे को साफ तौर पर दर्शाता है।
जागरूकता अभियानों से बदली तस्वीर
शिक्षा विभाग के अधिकारियों के मुताबिक, UP RTE Admission 2026 में इस उल्लेखनीय वृद्धि के पीछे कई अहम कारक रहे हैं। बीते महीनों में बेसिक शिक्षा विभाग ने ग्राम पंचायतों, वार्ड स्तर और स्कूल परिसरों में अभिभावक संवाद कार्यक्रमों का आयोजन किया। इन कार्यक्रमों में न केवल योजना की जानकारी दी गई, बल्कि आवेदन प्रक्रिया को लेकर व्यावहारिक सहायता भी उपलब्ध कराई गई।
ऑनलाइन आवेदन प्रणाली को इस बार पहले की तुलना में अधिक सरल और उपयोगकर्ता-अनुकूल बनाया गया। खासकर ग्रामीण और अर्द्धशहरी क्षेत्रों के अभिभावकों को ध्यान में रखते हुए तकनीकी बाधाओं को कम करने का प्रयास किया गया। हेल्पडेस्क, समयबद्ध सूचना प्रणाली और विद्यालय स्तर पर जवाबदेही तय करने जैसे कदमों ने पूरी प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी बनाया है।
निजी स्कूलों में मुफ्त प्रवेश का अवसर
UP RTE Admission 2026 के अंतर्गत आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS) और वंचित वर्ग (DG) के बच्चों को निजी विद्यालयों में निःशुल्क प्रवेश का प्रावधान है। इस व्यवस्था का उद्देश्य केवल नामांकन बढ़ाना नहीं, बल्कि समाज के उन वर्गों को भी गुणवत्तापूर्ण शिक्षा तक पहुंच उपलब्ध कराना है, जो अब तक संसाधनों की कमी के कारण इससे वंचित रहे हैं।
बढ़ते आवेदनों से यह भी स्पष्ट होता है कि अब अभिभावक अपने बच्चों की शिक्षा को लेकर अधिक सजग हो रहे हैं और निजी विद्यालयों में पढ़ाई के अवसर को भविष्य की निवेश के रूप में देख रहे हैं।
सामाजिक सोच में बदलाव का संकेत
शिक्षा विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों का मानना है कि UP RTE Admission 2026 में आवेदन संख्या में आई यह उछाल केवल एक प्रशासनिक उपलब्धि नहीं है, बल्कि सामाजिक सोच में हो रहे सकारात्मक परिवर्तन का भी संकेत है। अब अभिभावक अपने बच्चों के शैक्षणिक भविष्य को लेकर अधिक जिम्मेदार दृष्टिकोण अपना रहे हैं।
सरकार का लक्ष्य है कि आरटीई के माध्यम से अधिक से अधिक पात्र बच्चों को योजना का लाभ मिले और प्रवेश प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी, समयबद्ध और न्यायसंगत बनी रहे।








