लखनऊ (14 मार्च 2026)। UP SI भर्ती परीक्षा 2026 के पहले दिन उत्तर प्रदेश के सभी 75 जिलों में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच परीक्षा आयोजित की गई। प्रदेश भर में बनाए गए 1090 परीक्षा केंद्रों पर दो पालियों में आयोजित इस परीक्षा में कुल 5,31,765 अभ्यर्थियों ने भाग लिया। परीक्षा की पारदर्शिता और निष्पक्षता बनाए रखने के लिए पुलिस, एसटीएफ और अन्य एजेंसियां लगातार निगरानी करती रहीं।
हालांकि परीक्षा के दौरान सोशल मीडिया पर पेपर लीक से जुड़ी अफवाहें फैलाने और अभ्यर्थियों से ठगी करने के प्रयास भी सामने आए। इस मामले में पुलिस ने सख्त कार्रवाई करते हुए सात लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है, जबकि एक आरोपी को गिरफ्तार किया गया है।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, परीक्षा की शुचिता भंग करने की कोशिशों पर नजर रखने के लिए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स की विशेष निगरानी की जा रही थी। इसी दौरान कुछ टेलीग्राम चैनलों पर “यूपी एसआई यूपी पुलिस-2026”, “रिजल्ट पैनल प्राइवेट” और “यूपी एसआई परीक्षा प्रश्नपत्र-2026” नाम से चैनल संचालित होने की जानकारी मिली। इन चैनलों के जरिए दावा किया जा रहा था कि भर्ती परीक्षा का प्रश्नपत्र उपलब्ध कराया जा सकता है।
जांच में सामने आया कि इन चैनलों के माध्यम से अभ्यर्थियों को फर्जी प्रश्नपत्र भेजकर उनसे पैसे ऐंठे जा रहे थे। इस संबंध में लखनऊ के हुसैनगंज थाना क्षेत्र में उत्तर प्रदेश सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों का निवारण) अध्यादेश-2024 और आईटी एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है।
एसटीएफ ने आगरा से आरोपी को किया गिरफ्तार
मामले की जांच करते हुए स्पेशल टास्क फोर्स (STF) ने आगरा से एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार युवक की पहचान आयुष बघेल के रूप में हुई है, जो आगरा के न्यू आगरा थाना क्षेत्र स्थित इंजीनियर्स कॉलोनी का निवासी है।
एसटीएफ के अनुसार, आरोपी सोशल मीडिया पर यह अफवाह फैला रहा था कि UP SI भर्ती परीक्षा 2026 का पेपर लीक हो गया है। इसके बाद वह अभ्यर्थियों को टेलीग्राम के जरिए फर्जी प्रश्नपत्र भेजकर उनसे ऑनलाइन भुगतान ले रहा था। जांच के दौरान एजेंसी को आरोपी के बैंक खाते में हुई ऑनलाइन ट्रांजेक्शनों के साक्ष्य भी मिले हैं।
प्राथमिक पूछताछ में पता चला है कि आरोपी फिलहाल स्नातक की पढ़ाई कर रहा है। एसटीएफ का कहना है कि मामले की गहन जांच जारी है और यदि इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका सामने आती है तो उनके खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की जाएगी।
परीक्षा की पारदर्शिता बनाए रखने पर प्रशासन का जोर
पुलिस विभाग ने स्पष्ट किया है कि UP SI भर्ती परीक्षा 2026 पूरी तरह पारदर्शी तरीके से कराई जा रही है। किसी भी तरह की अफवाहों या भ्रामक सूचनाओं पर भरोसा न करने की अपील भी अभ्यर्थियों से की गई है।
अधिकारियों का कहना है कि सोशल मीडिया पर सक्रिय ऐसे तत्वों पर कड़ी नजर रखी जा रही है और परीक्षा की पवित्रता को नुकसान पहुंचाने की किसी भी कोशिश को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।











