राष्ट्रीय उत्तर प्रदेश राज्य अंतरराष्ट्रीय खेल मनोरंजन एजुकेशन बिजनेस राशिफल

---Advertisement---

यूपी में डेढ़ लाख से अधिक शिक्षकों की नियुक्ति से डिग्री तक होगी जांच, STF भी करेगी दस्तावेजों का सत्यापन

On: October 30, 2026
Follow Us:
यूपी में डेढ़ लाख से अधिक शिक्षकों की नियुक्ति से डिग्री तक होगी जांच
---Advertisement---

लखनऊ/30 अक्टूबर 2026: उत्तर प्रदेश के परिषदीय प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालयों में कार्यरत शिक्षकों के लिए बड़ी खबर है। प्रदेश सरकार ने शिक्षकों की नियुक्ति से लेकर उनकी शैक्षिक योग्यता तक के दस्तावेजों का व्यापक सत्यापन कराने की तैयारी शुरू कर दी है। इसके दायरे में डेढ़ लाख से अधिक शिक्षक आएंगे। खास बात यह है कि इस पूरी प्रक्रिया में उत्तर प्रदेश स्पेशल टास्क फोर्स (STF) की भी मदद ली जाएगी।

शिक्षकों को अपना नियुक्ति पत्र, हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की मार्कशीट, स्नातक की डिग्री, बीएड, बीटीसी तथा टीईटी या सीटीईटी के प्रमाणपत्रों की स्पष्ट प्रतियां जमा करनी होंगी। संबंधित जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी (BSA) कार्यालय के निर्देश जारी होने के एक सप्ताह के भीतर ये दस्तावेज उपलब्ध कराना अनिवार्य होगा।

इसके साथ ही शिक्षकों को नोटरी से सत्यापित शपथपत्र भी देना होगा। इसमें उन्हें यह जानकारी देनी होगी कि उनके परिवार या निर्धारित रिश्तेदारी में कोई व्यक्ति उत्तर प्रदेश के शिक्षा विभाग में बीएसए अथवा उससे ऊपर के पद पर कार्यरत है या पहले रहा है।

हाईकोर्ट के आदेश के बाद शुरू हुई जांच की प्रक्रिया

शिक्षकों के दस्तावेजों की जांच की यह कार्रवाई इलाहाबाद हाईकोर्ट के 16 अक्टूबर 2026 के आदेश के अनुपालन में की जा रही है। बेसिक शिक्षा निदेशक अनिल भूषण चतुर्वेदी ने सभी मंडलीय सहायक शिक्षा निदेशकों और जिला बेसिक शिक्षा अधिकारियों को इस संबंध में निर्देश जारी किए हैं।

यह मामला कुसुमलता बनाम उत्तर प्रदेश राज्य से जुड़ा है। इसमें परिषदीय विद्यालयों में कथित अनियमित, नियम विरुद्ध और फर्जी नियुक्तियों का मुद्दा उठाया गया है।

अदालत के निर्देशों के अनुपालन में अब केवल नियुक्ति पत्र ही नहीं, बल्कि शिक्षक की पूरी शैक्षिक योग्यता और नियुक्ति के समय लागू पात्रता मानकों की भी जांच की जाएगी। इसका उद्देश्य नियुक्तियों में किसी तरह की गड़बड़ी या नियमों के उल्लंघन की पहचान करना है।

शिक्षकों को शपथपत्र में देनी होगी रिश्तेदारों की जानकारी

दस्तावेजों के साथ शिक्षकों को अपने पारिवारिक संबंधों की जानकारी भी देनी होगी। इसके लिए नोटरी से सत्यापित शपथपत्र जमा करना अनिवार्य होगा।

शपथपत्र में पति, पत्नी, पिता, पुत्र, पुत्री, दामाद, पुत्रवधू, सास, ससुर, साले, बहनोई, साली और ननद के अलावा प्रथम श्रेणी के चचेरे, ममेरे, फुफेरे और मौसेरे भाई-बहनों का विवरण देना होगा।

शिक्षकों को बताना होगा कि इनमें से कोई व्यक्ति उत्तर प्रदेश के शिक्षा विभाग में बीएसए या उससे ऊपर के पद पर कार्यरत है अथवा पहले इस पद पर रहा है। यदि ऐसा कोई रिश्तेदार नहीं है तो इसकी स्पष्ट घोषणा भी शपथपत्र में करनी होगी।

इस व्यवस्था का उद्देश्य नियुक्तियों में संभावित हितों के टकराव और पारिवारिक संबंधों के आधार पर हुई कथित अनियमितताओं की पड़ताल करना है।

STF के पास भेजे जाएंगे शिक्षकों के प्रमाणपत्र

इस सत्यापन अभियान में एसटीएफ की भूमिका भी महत्वपूर्ण होगी। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी शिक्षकों से दस्तावेज एकत्र करने के लिए प्रधानाध्यापकों और प्रभारी प्रधानाध्यापकों की मदद लेंगे।

दस्तावेज मिलने के बाद प्रत्येक शिक्षक का अलग-अलग रिकॉर्ड तैयार किया जाएगा। इसमें प्रमुख रूप से निम्न जानकारियां शामिल होंगी:

  • शिक्षक की नियुक्ति की तारीख।
  • नियुक्ति के समय निर्धारित शैक्षिक योग्यता।
  • हाईस्कूल, इंटरमीडिएट और स्नातक के प्रमाणपत्र।
  • बीएड, बीटीसी और अन्य प्रशिक्षण संबंधी योग्यता।
  • टीईटी या सीटीईटी का प्रमाणपत्र।
  • नियुक्ति के समय राजपत्र के अनुसार निर्धारित मेरिट।

इन सभी जानकारियों को एक्सेल शीट में दर्ज किया जाएगा। इसके बाद संबंधित प्रमाणपत्रों और विवरणों के साथ रिकॉर्ड एसटीएफ के संबंधित रेंज कार्यालय को भेजा जाएगा।

प्रदेश के 18 STF रेंज कार्यालयों की ली जाएगी मदद

शिक्षकों के दस्तावेजों के सत्यापन के लिए प्रदेश में एसटीएफ के 18 रेंज कार्यालयों और सात पुलिस कमिश्नरेट की मदद लेने की व्यवस्था की गई है। जरूरत पड़ने पर पुलिस अधीक्षक (SP), वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) और पुलिस आयुक्त भी इस प्रक्रिया में सहयोग करेंगे।

जांच और निगरानी की जिम्मेदारी अलग-अलग स्तरों पर तय की गई है।

  • जिला स्तर: जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी दस्तावेज एकत्र करने और सत्यापन प्रक्रिया की निगरानी करेंगे।
  • मंडल स्तर: सहायक शिक्षा निदेशक पूरी प्रक्रिया पर नजर रखेंगे।
  • पुलिस स्तर: एसटीएफ के संबंधित रेंज कार्यालय दस्तावेजों की जांच में सहयोग करेंगे।
  • प्रदेश स्तर: सचिव, उत्तर प्रदेश बेसिक शिक्षा परिषद, प्रयागराज को नोडल अधिकारी बनाया गया है।

नोडल अधिकारी को इस अभियान की नियमित प्रगति रिपोर्ट उपलब्ध करानी होगी। निर्देशों के पालन में लापरवाही मिलने पर संबंधित अधिकारी की व्यक्तिगत जवाबदेही भी तय की जाएगी।

4 नवंबर को हाईकोर्ट में देनी होगी अनुपालन रिपोर्ट

इस पूरे मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट ने अनुपालन रिपोर्ट प्रस्तुत करने के लिए 4 नवंबर 2026 की तारीख निर्धारित की है। ऐसे में बेसिक शिक्षा विभाग के अधिकारियों के सामने निर्धारित समयसीमा में दस्तावेज एकत्र करने और सत्यापन प्रक्रिया आगे बढ़ाने की चुनौती है।

इस कार्रवाई का दायरा प्रदेश के प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालयों में कार्यरत डेढ़ लाख से अधिक शिक्षकों तक बताया गया है। नियुक्ति से लेकर शैक्षिक प्रमाणपत्रों तक की जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि कितने मामलों में दस्तावेज और नियुक्तियां निर्धारित नियमों के अनुरूप हैं।

फिलहाल इस आदेश से प्रदेश के परिषदीय विद्यालयों में कार्यरत शिक्षकों और शिक्षा विभाग के अधिकारियों के बीच हलचल बढ़ गई है। अब सभी की नजर 4 नवंबर को हाईकोर्ट में पेश की जाने वाली अनुपालन रिपोर्ट पर रहेगी।

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now

और पढ़ें

दीपावली-छठ पर यूपी में चलेंगी अतिरिक्त बसें

दीपावली-छठ पर यूपी में चलेंगी अतिरिक्त बसें, ड्राइवर-कंडक्टर को मिलेगा 400 रुपये रोजाना प्रोत्साहन

बारिश प्रभावित लोगों को तत्काल राहत पहुंचाएं, सीएम योगी

बारिश प्रभावित लोगों को तत्काल राहत पहुंचाएं, किसानों को दें मुआवजा: सीएम योगी

लखनऊ में अमित शाह ने भरा कार्यकर्ताओं में जोश

लखनऊ में अमित शाह ने भरा कार्यकर्ताओं में जोश, बोले- सरकार और नेता नहीं, कार्यकर्ता जिताते हैं चुनाव; 2027 के लिए दिया जीत का मंत्र

PM Kisan Samman Nidhi, दिवाली से पहले किसानों को मोदी सरकार का तोहफा

PM Kisan Samman Nidhi: दिवाली से पहले किसानों को मोदी सरकार का तोहफा, यूपी के 2.24 करोड़ किसानों के खाते में पहुंचे 4,482 करोड़ रुपये

लखनऊ में अमित शाह का बड़ा ऐलान

‘यूपी में तीसरी बार भाजपा सरकार बनी तो लागू कर देंगे UCC’, लखनऊ में अमित शाह का बड़ा ऐलान; राहुल-अखिलेश को दी खुली चुनौती

यूपी में अर्नब चक्रवात का असर, 50 जिलों में तेज हवाओं का अलर्ट

यूपी में अर्नब चक्रवात का असर, 6 जिलों में अति भारी बारिश और 9 जिलों में ओले गिरने की चेतावनी; 50 जिलों में तेज हवाओं का अलर्ट