लखनऊ/मंगलवार, 13 अक्टूबर 2026: उत्तर प्रदेश में विधान परिषद चुनाव में मतदान करने वाले पात्र कर्मचारियों के लिए राहत की खबर है। प्रदेश में 23 अक्टूबर 2026 को होने वाले विधान परिषद के द्विवार्षिक चुनाव में मताधिकार का प्रयोग करने के लिए शासन ने विशेष आकस्मिक अवकाश की स्वीकृति दी है। इस फैसले का उद्देश्य पात्र मतदाताओं को मतदान के दिन अपने वोट का इस्तेमाल करने का अवसर देना है, ताकि नौकरी या कार्यालय की जिम्मेदारियों के कारण वे मतदान से वंचित न रहें।
यूपी विधान परिषद चुनाव अवकाश: किन कर्मचारियों को मिलेगी छुट्टी?
उत्तर प्रदेश शासन की ओर से जारी जानकारी के अनुसार, विश्वविद्यालय से स्नातक ऐसे राज्य कर्मचारी, जो संबंधित निर्वाचन क्षेत्रों की मतदाता सूची में वैध मतदाता के रूप में दर्ज हैं, 23 अक्टूबर को विशेष आकस्मिक अवकाश का लाभ उठा सकेंगे। यह सुविधा विधान परिषद के स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों में मतदान करने के लिए निर्धारित पात्रता के आधार पर दी जाएगी।
भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशों के क्रम में सामान्य प्रशासन विभाग ने इस संबंध में विज्ञप्ति जारी की है। इसका उद्देश्य मतदान प्रक्रिया में अधिक से अधिक पात्र मतदाताओं की भागीदारी सुनिश्चित करना है।
पांच स्नातक और छह शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों में होगा मतदान
उत्तर प्रदेश विधान परिषद के द्विवार्षिक चुनाव के तहत पांच स्नातक और छह शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों में मतदान प्रस्तावित है। इनमें स्नातक निर्वाचन क्षेत्र शामिल हैं:
- लखनऊ
- वाराणसी
- आगरा
- मेरठ
- इलाहाबाद-झांसी
वहीं, शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों में इन क्षेत्रों के मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे:
- लखनऊ
- वाराणसी
- आगरा
- मेरठ
- बरेली-मुरादाबाद
- गोरखपुर-फैजाबाद
इन निर्वाचन क्षेत्रों में मतदान के दौरान पात्र मतदाताओं को अपने मताधिकार का इस्तेमाल करने का अवसर मिलेगा।
क्या होता है विशेष आकस्मिक अवकाश?
विशेष आकस्मिक अवकाश किसी खास परिस्थिति या निर्धारित उद्देश्य के लिए स्वीकृत किया जाने वाला अवकाश है। इसे सामान्य आकस्मिक अवकाश (सीएल) से अलग रखा जा सकता है। हालांकि, इसकी पात्रता, अवधि और सेवा संबंधी शर्तें संबंधित शासनादेश या विभागीय नियमों पर निर्भर करती हैं।
विधान परिषद चुनाव के संदर्भ में इस अवकाश का उद्देश्य पात्र कर्मचारियों को मतदान के लिए समय उपलब्ध कराना है। इससे उन कर्मचारियों को सुविधा मिलेगी, जिन्हें मतदान के लिए अपने निर्वाचन क्षेत्र में जाना पड़ सकता है।
ध्यान दें: विशेष आकस्मिक अवकाश का लाभ लेने से पहले कर्मचारियों को संबंधित शासनादेश और अपने विभाग के निर्देशों की पुष्टि कर लेनी चाहिए। केवल स्नातक होना पर्याप्त नहीं है; संबंधित निर्वाचन क्षेत्र की मतदाता सूची में वैध मतदाता होना भी जरूरी है।









