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यूपी विधानसभा बजट सत्र 2026: 11 फरवरी को पेश होगा राज्य बजट, 9–20 फरवरी तक चलेगी कार्यवाही

On: February 4, 2026
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यूपी विधानसभा बजट सत्र 2026- 11 फरवरी को पेश होगा राज्य बजट
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लखनऊ | 04 फरवरी 2026 (बुधवार) — प्रदेश की सियासत और नीति-निर्माण का सबसे अहम पड़ाव फिर सामने है। यूपी विधानसभा बजट सत्र 2026 आगामी 9 फरवरी से 20 फरवरी तक चलेगा। इस दौरान 11 फरवरी को वित्तीय वर्ष 2026–27 का राज्य बजट पेश किया जाएगा। विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना ने प्रस्तावित कार्यक्रम को अनंतिम स्वीकृति दे दी है; अब इस पर अंतिम मुहर कार्यमंत्रणा समिति की बैठक में लगेगी।

यूपी विधानसभा बजट सत्र 2026: शुरुआत राज्यपाल के अभिभाषण से

9 फरवरी को सत्र की औपचारिक शुरुआत आनंदीबेन पटेल के अभिभाषण से होगी। दोनों सदनों के सदस्य संयुक्त रूप से उपस्थित रहेंगे। परंपरा के मुताबिक, सरकार कुछ अध्यादेश और विधेयक भी सदन के पटल पर रखेगी, जिससे सत्र का विधायी एजेंडा साफ़ होगा।

10 फरवरी को सदन में शोक-संदर्भ पढ़े जाएंगे। हाल में दिवंगत हुए बरेली के फरीदपुर से भाजपा विधायक श्याम बिहारी लाल और सोनभद्र के दुद्धी से सपा विधायक विजय सिंह गोंड को श्रद्धांजलि दी जाएगी। इसके बाद कार्यवाही बुधवार तक के लिए स्थगित रहेगी।

11 फरवरी: बजट पेश, फिर अभिभाषण पर चर्चा

11 फरवरी को वित्त मंत्री सुरेश कुमार खन्ना विधानसभा में बजट पेश करेंगे। बजट प्रस्तुति के बाद राज्यपाल के अभिभाषण पर चर्चा शुरू होगी, जो शुक्रवार तक चलेगी। शनिवार और रविवार अवकाश रहेगा।

16 से 20 फरवरी के बीच बजट पर विस्तृत चर्चा निर्धारित है। अंतिम दिन सदन स्थगित होने से पहले विनियोग विधेयक पारित कराया जाएगा, जो सरकारी खर्चों को वैधानिक मंजूरी देता है।

दिन-वार संभावित शेड्यूल (प्रस्तावित)

तारीखकार्यवाही
9 फरवरीराज्यपाल का अभिभाषण, अध्यादेश/विधेयक पटल पर
10 फरवरीशोक-संदर्भ, श्रद्धांजलि
11 फरवरीबजट प्रस्तुति (वित्त वर्ष 2026–27)
12–13 फरवरीअभिभाषण पर चर्चा
14–15 फरवरीअवकाश
16–20 फरवरीबजट पर चर्चा, अंतिम दिन विनियोग विधेयक पारित

क्यों अहम है यूपी विधानसभा बजट सत्र 2026?

यह सत्र सिर्फ आय-व्यय का लेखा-जोखा नहीं, बल्कि सरकार की प्राथमिकताओं का सार्वजनिक खाका होता है—इन्फ्रास्ट्रक्चर, सामाजिक कल्याण, कृषि, शहरी विकास, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसे क्षेत्रों में अगले वित्तीय वर्ष की दिशा यहीं से तय होती है। अभिभाषण पर बहस और बजट चर्चा विपक्ष-सत्ता के बीच नीति पर गंभीर मंथन का मंच भी बनती है।

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