कछार/गुवाहाटी, 20 फरवरी 2026 (शुक्रवार): असम में आगामी विधानसभा चुनावों की सरगर्मियों के बीच केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह शुक्रवार को अपने दो दिवसीय दौरे पर राज्य पहुंचे। इस दौरान उन्होंने सीमावर्ती इलाकों के समग्र विकास से जुड़े वाइब्रेंट विलेजेज कार्यक्रम (Vibrant Villages Programme) के दूसरे चरण की औपचारिक शुरुआत की। उनके इस दौरे को न सिर्फ प्रशासनिक बल्कि राजनीतिक दृष्टि से भी अहम माना जा रहा है।
अमित शाह के असम पहुंचने पर हवाई अड्डे पर मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा, राज्य मंत्रिमंडल के सदस्यों और वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों ने उनका स्वागत किया। इसके बाद गृह मंत्री कछार जिले में आयोजित एक विशेष कार्यक्रम में शामिल हुए, जहां से उन्होंने वाइब्रेंट विलेजेज कार्यक्रम के दूसरे चरण को लॉन्च किया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सीमावर्ती क्षेत्रों का विकास केंद्र सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने बताया कि वाइब्रेंट विलेजेज कार्यक्रम का उद्देश्य अंतरराष्ट्रीय सीमाओं से लगे गांवों में आधारभूत ढांचे को मजबूत करना, स्थानीय रोजगार के अवसर पैदा करना और पलायन जैसी समस्याओं पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करना है।
गृह मंत्री के मुताबिक, इस योजना के दूसरे चरण में देश के 15 राज्यों और 2 केंद्र शासित प्रदेशों के कुल 1954 सीमावर्ती गांवों को शामिल किया गया है। इसके लिए लगभग 6900 करोड़ रुपये का बजट निर्धारित किया गया है। उन्होंने कहा कि इन गांवों में सड़क, बिजली, स्वास्थ्य सुविधाएं, संचार नेटवर्क और डिजिटल कनेक्टिविटी जैसी मूलभूत सेवाओं को सुदृढ़ किया जाएगा, ताकि सीमावर्ती क्षेत्रों में रहने वाले नागरिकों का जीवन स्तर बेहतर हो सके।
शाह ने यह भी कहा कि सीमावर्ती गांवों का विकास राष्ट्रीय सुरक्षा के दृष्टिकोण से भी बेहद महत्वपूर्ण है। जब सीमाओं से सटे क्षेत्रों में जनसंख्या स्थिर और सशक्त होगी, तो घुसपैठ जैसी चुनौतियों से निपटना आसान होगा। उन्होंने कहा कि वाइब्रेंट विलेजेज कार्यक्रम न केवल विकास का माध्यम है, बल्कि यह देश की सीमाओं को सामाजिक और आर्थिक रूप से मजबूत करने की दिशा में एक रणनीतिक पहल भी है।
अपने संबोधन में गृह मंत्री ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि उसके शासनकाल में सीमाओं की सुरक्षा और क्षेत्रीय विकास पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया गया। उन्होंने कहा कि पहले जहां सीमावर्ती क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं का अभाव था, वहीं अब भाजपा सरकार के कार्यकाल में तेजी से विकास कार्य हो रहे हैं।
शाह ने असम में बुनियादी ढांचे के विस्तार का जिक्र करते हुए कहा कि वर्तमान में राज्य में प्रतिदिन औसतन 14 किलोमीटर सड़क का निर्माण हो रहा है, जो देश में सबसे अधिक है। उन्होंने भरोसा जताया कि आने वाले पांच वर्षों में असम को बाढ़ की समस्या से भी काफी हद तक मुक्त किया जाएगा।
उन्होंने अंत में कहा कि वाइब्रेंट विलेजेज कार्यक्रम के जरिए सीमावर्ती गांवों को आत्मनिर्भर बनाकर न केवल स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी, बल्कि यह कदम राष्ट्रीय सुरक्षा के लिहाज से भी मील का पत्थर साबित होगा।













