लखनऊ/नई दिल्ली|11 जून 2026: देश को वर्ष 2047 तक विकसित राष्ट्र बनाने के लक्ष्य को लेकर गुरुवार को नई दिल्ली में नीति आयोग की 11वीं शासी परिषद (गवर्निंग काउंसिल) की बैठक आयोजित की गई। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई इस महत्वपूर्ण बैठक में विभिन्न राज्यों के मुख्यमंत्री, केंद्रीय मंत्री और नीति निर्माण से जुड़े वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी बैठक में भाग लेकर राज्य की विकास संबंधी प्राथमिकताओं और योगदान को रेखांकित किया।
बैठक का मुख्य विषय ‘विकसित भारत@2047 के लिए समावेशी मानव विकास’ रहा। इस दौरान मानव विकास, सुशासन, जनभागीदारी और समावेशी विकास को राष्ट्रीय प्रगति के प्रमुख आधार के रूप में आगे बढ़ाने पर विस्तृत चर्चा की गई।
सीएम योगी ने साझा किए बैठक के अनुभव
बैठक के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर जानकारी साझा करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में आयोजित इस बैठक में विकसित भारत के लक्ष्य को नई गति देने पर सार्थक विमर्श हुआ।
उन्होंने लिखा कि मानव विकास, प्रभावी सुशासन और नागरिक सहभागिता को विकास की धुरी बनाकर देश को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने की दिशा में विचार-विमर्श किया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री के विजन के अनुरूप उत्तर प्रदेश भी प्रत्येक नागरिक के सशक्तीकरण को विकास का आधार मानते हुए विकसित भारत 2047 के संकल्प को साकार करने में सक्रिय भूमिका निभा रहा है।
राज्यों और केंद्र के बीच समन्वय पर रहा जोर
बैठक में इस बात पर विशेष बल दिया गया कि विकसित भारत का लक्ष्य केवल केंद्र सरकार के प्रयासों से नहीं, बल्कि राज्यों की सक्रिय भागीदारी और सहयोग से ही हासिल किया जा सकता है। शिक्षा, स्वास्थ्य, कौशल विकास, रोजगार सृजन, डिजिटल सेवाओं के विस्तार और प्रशासनिक सुधार जैसे विषयों पर भी चर्चा हुई।
विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले वर्षों में मानव संसाधन विकास और सुशासन की गुणवत्ता ही भारत की विकास गति को निर्धारित करेगी। इसी दृष्टिकोण से नीति आयोग की यह बैठक काफी महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
कई केंद्रीय मंत्री और मुख्यमंत्री रहे मौजूद
बैठक में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण, केंद्रीय मंत्री जगत प्रकाश नड्डा, नितिन गडकरी, शिवराज सिंह चौहान, धर्मेंद्र प्रधान और मनसुख मांडविया समेत कई वरिष्ठ मंत्री शामिल हुए। इसके अलावा विभिन्न राज्यों के मुख्यमंत्री और केंद्र शासित प्रदेशों के प्रतिनिधियों ने भी भाग लिया।
विकसित भारत के लक्ष्य को लेकर राज्यों की भूमिका अहम
नीति आयोग की इस बैठक ने एक बार फिर स्पष्ट किया कि वर्ष 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने का लक्ष्य केंद्र और राज्यों की साझी जिम्मेदारी है। मानव विकास को केंद्र में रखकर बनाई जाने वाली नीतियां, बेहतर प्रशासनिक व्यवस्था और जनसहभागिता आने वाले वर्षों में इस अभियान की सफलता की आधारशिला बन सकती हैं।








