लखनऊ | 20 फरवरी 2026 (शुक्रवार): उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सिंगापुर जापान दौरा 22 फरवरी से शुरू होने जा रहा है, जिसे प्रदेश में विदेशी निवेश (Foreign Investment) बढ़ाने की दिशा में एक अहम पहल के तौर पर देखा जा रहा है। विधानमंडल का बजट सत्र समाप्त होते ही मुख्यमंत्री अंतरराष्ट्रीय स्तर पर औद्योगिक सहयोग (Industrial Collaboration) को मजबूत करने और वैश्विक निवेशकों को आकर्षित करने के मिशन पर निकलेंगे।
चार दिवसीय इस आधिकारिक विदेश यात्रा के तहत मुख्यमंत्री 23 और 24 फरवरी को सिंगापुर में विभिन्न उद्योग समूहों (Industry Delegations) और प्रवासी भारतीय समुदाय के प्रतिनिधियों से संवाद करेंगे। सरकार के सूत्रों के मुताबिक, इस दौरान निवेश, तकनीकी सहयोग और व्यापारिक साझेदारी को लेकर कई महत्वपूर्ण बैठकों का आयोजन प्रस्तावित है।
इसके बाद 25 और 26 फरवरी को मुख्यमंत्री जापान पहुंचेंगे, जहां वे अत्याधुनिक औद्योगिक तकनीकों (Advanced Industrial Technologies) और निवेश संभावनाओं का अध्ययन करेंगे। जापान दौरे के दौरान मुख्यमंत्री टोक्यो से लगभग 45 किलोमीटर दूर स्थित श्रीराम एवं हनुमान मंदिर में दर्शन-पूजन भी करेंगे। साथ ही, वे विश्व प्रसिद्ध हाईस्पीड मैग्लेव ट्रेन (High-Speed Maglev Train) का अनुभव लेकर परिवहन क्षेत्र में संभावित तकनीकी सहयोग के आयामों को समझने का प्रयास करेंगे।
दरअसल, योगी आदित्यनाथ सिंगापुर जापान दौरा उत्तर प्रदेश को एक ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने के लक्ष्य के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इस यात्रा के दौरान ऑटोमोबाइल, सेमीकंडक्टर, इलेक्ट्रॉनिक्स, बायोटेक्नोलॉजी, नवीकरणीय ऊर्जा (Renewable Energy), फिनटेक और लॉजिस्टिक्स जैसे उभरते क्षेत्रों में निवेश के लिए वैश्विक कंपनियों को आमंत्रित किया जाएगा।
मुख्यमंत्री के साथ 11 सदस्यीय उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल भी इस दौरे पर रहेगा, जिसमें वित्त मंत्री सुरेश खन्ना, औद्योगिक विकास मंत्री नंद गोपाल गुप्ता ‘नंदी’, मुख्यमंत्री के सलाहकार अवनीश अवस्थी, ओएसडी आरबीएस रावत, विशेष सचिव अमित सिंह, अपर मुख्य सचिव दीपक कुमार, प्रमुख सचिव श्रम, प्रमुख सचिव आईटी, प्रमुख सचिव पर्यटन, इन्वेस्ट यूपी के सीईओ विजय किरन आनंद तथा निदेशक नेडा शामिल हैं।
सिंगापुर और जापान में आयोजित कम्यूनिटी इवेंट्स (Community Events) के माध्यम से मुख्यमंत्री प्रवासी भारतीयों को भी संबोधित करेंगे। इसके अतिरिक्त, निवेश को बढ़ावा देने के उद्देश्य से रोड शो (Investment Roadshows) का आयोजन भी किया जाएगा, जिसमें स्थानीय उद्योगपतियों और व्यापारिक संगठनों की भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी।
हालांकि, मुख्यमंत्री के इस प्रस्तावित विदेश दौरे को लेकर राजनीतिक प्रतिक्रियाएं भी सामने आई हैं। समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर टिप्पणी करते हुए तंज कसा है कि जापान यात्रा के दौरान क्योटो जैसे शहरों के विकास मॉडल से सकारात्मक सीख लेकर आना चाहिए, ताकि काशी जैसे सांस्कृतिक नगरों के संरक्षण और आधुनिकीकरण के प्रयासों को और गति मिल सके।
स्पष्ट है कि योगी आदित्यनाथ सिंगापुर जापान दौरा केवल एक औपचारिक कूटनीतिक यात्रा नहीं, बल्कि उत्तर प्रदेश को वैश्विक निवेश मानचित्र (Global Investment Map) पर सशक्त रूप से स्थापित करने की एक रणनीतिक पहल है।








