लखनऊ, 5 मई 2026 (मंगलवार): उत्तर प्रदेश में योगी कैबिनेट फैसला एक बार फिर चर्चा में है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में सरकार ने बड़ा कदम उठाते हुए फिल्म शतक और गोदान को टैक्स फ्री करने के फैसले को आगे बढ़ाते हुए उनके टिकटों पर लगने वाले जीएसटी (GST) की प्रतिपूर्ति को मंजूरी दे दी है।
यह निर्णय केवल सिनेमा उद्योग के लिए नहीं, बल्कि दर्शकों के लिए भी सीधे राहत लेकर आया है
योगी कैबिनेट फैसला: कैसे मिलेगा दर्शकों को फायदा?
सरकार ने स्पष्ट किया है कि इन फिल्मों के टिकट पर जो जीएसटी लगता है, उतनी राशि की भरपाई राज्य सरकार खुद करेगी।
यानी, दर्शकों को टिकट खरीदते समय टैक्स का बोझ नहीं उठाना पड़ेगा—एक तरह से फिल्म देखना सस्ता हो जाएगा।
यह फैसला खास तौर पर इसलिए अहम माना जा रहा है क्योंकि फिल्म ‘शतक’ राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के 100 वर्ष पूरे होने के अवसर पर बनाई गई है, जबकि ‘गोदान’ भारतीय साहित्य और समाज की गहरी झलक पेश करने वाली कहानी पर आधारित है।
सरकार पहले ही इन फिल्मों को टैक्स फ्री घोषित कर चुकी थी, लेकिन अब जीएसटी प्रतिपूर्ति की मंजूरी से यह फैसला पूरी तरह प्रभावी हो गया है।
तकनीकी वजह से दोबारा पास हुआ विश्वविद्यालय अध्यादेश
इसी बैठक में योगी कैबिनेट फैसला का एक और महत्वपूर्ण पहलू सामने आया।
गोरखपुर में प्रस्तावित उत्तर प्रदेश वानिकी और औद्यानिकी विश्वविद्यालय के अध्यादेश को तकनीकी कारणों से दोबारा पास किया गया है।
दरअसल, पहले यह अध्यादेश 7 अप्रैल 2026 को पास हुआ था, लेकिन 30 अप्रैल को विधानमंडल के विशेष सत्र में इसका प्रतिस्थानी विधेयक पेश नहीं हो पाया।
कानूनी प्रक्रिया के तहत अध्यादेश को प्रभावी बनाए रखने के लिए उसका विधेयक समय पर पास होना जरूरी होता है। इसी वजह से सरकार ने इसे फिर से मंजूरी दी, ताकि विश्वविद्यालय की स्थापना की राह में कोई बाधा न आए।
अन्य अहम प्रस्तावों को भी मिली मंजूरी
कैबिनेट बैठक में कई अन्य प्रशासनिक प्रस्तावों पर भी मुहर लगाई गई। इनमें शामिल हैं:
- उत्तर प्रदेश विधानसभा और विधान परिषद के मौजूदा सत्र का सत्रावसान
- उत्तर प्रदेश राज्य जिला न्यायालय सेवा (तृतीय संशोधन) नियमावली को मंजूरी
ये फैसले राज्य के प्रशासनिक और न्यायिक ढांचे को सुचारु रूप से चलाने के लिहाज से महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं।
सरकार का संकेत: संस्कृति और संरचना दोनों पर फोकस
अगर पूरे योगी कैबिनेट फैसला को एक नजर से देखा जाए, तो यह साफ होता है कि सरकार एक साथ कई मोर्चों पर काम कर रही है—
- एक तरफ सांस्कृतिक और वैचारिक विषयों से जुड़ी फिल्मों को बढ़ावा
- दूसरी तरफ शिक्षा और संस्थागत विकास पर जोर
- और साथ ही प्रशासनिक प्रक्रियाओं को मजबूत करने की कोशिश
यह संतुलन ही सरकार की नीति को व्यापक और प्रभावी बनाता है।
निष्कर्ष
फिल्मों पर जीएसटी छूट से जहां दर्शकों को सीधा फायदा मिलेगा, वहीं विश्वविद्यालय अध्यादेश को दोबारा पास करने से शिक्षा क्षेत्र को मजबूती मिलेगी।
कुल मिलाकर, योगी कैबिनेट फैसला केवल घोषणाओं तक सीमित नहीं, बल्कि ठोस प्रशासनिक कदमों का संकेत देता है—जिसका असर आने वाले समय में जमीनी स्तर पर देखने को मिल सकता है।













