बुधवार, 9 सितंबर 2026। सात बार की चैंपियन भारतीय महिला क्रिकेट टीम महिला एशिया कप के पहले सेमीफाइनल में बांग्लादेश के सामने उतरेगी। टूर्नामेंट में अब तक अजेय रही हरमनप्रीत कौर की टीम के सामने फाइनल का टिकट कटाने की चुनौती है। कागज पर भारतीय टीम मजबूत है, लेकिन नॉकआउट मुकाबलों में एक खराब घंटा भी पूरे अभियान की दिशा बदल सकता है। ऐसे में भारत-बांग्लादेश सेमीफाइनल में भारतीय खिलाड़ियों को अपनी लय बरकरार रखनी होगी।
भारत ने ग्रुप चरण के सभी मुकाबले जीतकर ग्रुप ए में शीर्ष स्थान हासिल किया है। टीम की बल्लेबाजी से लेकर गेंदबाजी तक लगभग हर विभाग में प्रदर्शन प्रभावशाली रहा है। दूसरी ओर, बांग्लादेश के पास ऐसी खिलाड़ी हैं जो दबाव के मुकाबले में भारतीय टीम के लिए मुश्किलें खड़ी कर सकती हैं।
भारत-बांग्लादेश सेमीफाइनल में स्मृति मंधाना पर रहेंगी निगाहें
भारतीय बल्लेबाजी की सबसे बड़ी ताकत इस समय स्मृति मंधाना की फॉर्म है। हांगकांग के खिलाफ शतक लगाकर उन्होंने एक बार फिर अपनी क्लास दिखाई। बाएं हाथ की इस सलामी बल्लेबाज के बल्ले से अगर शुरुआत में रन निकलते हैं तो भारतीय टीम विपक्षी गेंदबाजों पर तुरंत दबाव बना सकती है।
शेफाली वर्मा की आक्रामक बल्लेबाजी भारत को पावरप्ले में तेज शुरुआत देती है। दोनों सलामी बल्लेबाजों का अंदाज अलग जरूर है, लेकिन यही अंतर भारतीय बल्लेबाजी को खतरनाक बनाता है।
मध्यक्रम में कप्तान हरमनप्रीत कौर और विकेटकीपर बल्लेबाज ऋचा घोष की भूमिका अहम होगी। खासकर आखिरी ओवरों में तेजी से रन जुटाने की जिम्मेदारी इन दोनों पर रहेगी।
दीप्ति शर्मा की फिरकी बन सकती है बांग्लादेश की परेशानी
गेंदबाजी में भारतीय टीम के पास अनुभव और विविधता दोनों मौजूद हैं। दीप्ति शर्मा इस अभियान में टीम की अहम कड़ी रही हैं। वह महिला टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में सर्वाधिक विकेट लेने वाली गेंदबाज बन चुकी हैं।
दीप्ति के साथ राधा यादव और श्री चरणी की स्पिन तिकड़ी ने विपक्षी बल्लेबाजों को लगातार बांधे रखा है। बांग्लादेश के बल्लेबाजों के सामने बीच के ओवरों में इन गेंदबाजों का सामना करना आसान नहीं होगा।
तेज गेंदबाजी में रेणुका सिंह ठाकुर नई गेंद से भारत को शुरुआती सफलता दिलाने की कोशिश करेंगी। अगर रेणुका शुरुआती ओवरों में विकेट निकालने में सफल रहती हैं तो भारतीय स्पिनरों के लिए मुकाबला और अनुकूल हो सकता है।
भारत का पलड़ा भारी, लेकिन बांग्लादेश को हल्के में लेना जोखिम
टूर्नामेंट में भारत के लगातार जीत दर्ज करने से उसका आत्मविश्वास ऊंचा है। बल्लेबाजी में मंधाना और शेफाली की शुरुआत, मध्यक्रम में हरमनप्रीत-ऋचा की मौजूदगी और गेंदबाजी में स्पिन का मजबूत संयोजन भारतीय टीम को संतुलित बनाता है।
बांग्लादेश के लिए चुनौती बड़ी है, लेकिन सेमीफाइनल का दबाव अलग तरह का होता है। ऐसे मुकाबलों में परिस्थितियों के साथ तालमेल और छोटे-छोटे मौकों का फायदा निर्णायक साबित हो सकता है।
दोनों देशों के बीच हाल के वर्षों में राजनयिक रिश्तों में तनाव भी रहा है। हालांकि क्रिकेट मैदान पर असली परीक्षा खिलाड़ियों की होगी और भारतीय टीम की कोशिश इस मुकाबले को जीतकर खिताबी मुकाबले में जगह पक्की करने की होगी।
भारत की महिला टीम
हरमनप्रीत कौर (कप्तान), स्मृति मंधाना, भारती फुलमाली, ऋचा घोष, जी कमलिनी, प्रतिका रावल, शेफाली वर्मा, दीप्ति शर्मा, क्रांति गौड़, प्रेमा रावत, अरुंधति रेड्डी, रेणुका सिंह ठाकुर, नंदनी शर्मा, श्री चरणी, राधा यादव।
बांग्लादेश की महिला टीम
निगार सुल्ताना (कप्तान), नाहिदा अख्तर, दिलारा अख्तर, फरजाना एस्मिन, जुएरिया फिरदौस, शरमीन अख्तर सुप्ता, सरमीन सुल्ताना, शोभना मोस्तारी, शोरना अख्तर, रितु मोनी, फाहिमा खातून, राबिया खान, मारूफा अख्तर, सुल्ताना खातून, शंजीदा अख्तर।













