नई दिल्ली/4 सितंबर 2026। महिला एशिया कप में सेमीफाइनल का टिकट पक्का कर चुकी भारतीय टीम अब शनिवार को चिर प्रतिद्वंद्वी पाकिस्तान के सामने होगी। थाईलैंड और हांगकांग को हराकर आत्मविश्वास से भरी हरमनप्रीत कौर की टीम की नजरें लीग चरण का अंत भी जीत के साथ करने पर हैं। अगर भारत पाकिस्तान को हराता है तो टूर्नामेंट में उसकी जीत की हैट्रिक पूरी हो जाएगी।
IND W vs PAK W मुकाबले में भारतीय टीम का पलड़ा कागज पर भारी दिखाई देता है। खासकर स्मृति मंधाना और शेफाली वर्मा जिस फॉर्म में हैं, उसने पाकिस्तान की चुनौती और मुश्किल कर दी है। हालांकि भारत के लिए यह मुकाबला महज औपचारिकता नहीं है। टी-20 क्रिकेट में टीम को कुछ क्षेत्रों में सुधार की जरूरत है और पाकिस्तान के खिलाफ मुकाबला उन कमियों को परखने का अच्छा मौका होगा।
दुबई इंटरनेशनल स्टेडियम में होने वाले इस मैच को लेकर मैदान के बाहर भी खासा उत्साह है। भारत-पाकिस्तान मुकाबले का रोमांच किसी परिचय का मोहताज नहीं है। हालांकि पिछले कुछ वर्षों में महिला क्रिकेट में दोनों टीमों के बीच मुकाबले उतने करीबी नहीं रहे हैं, जितनी इस प्रतिद्वंद्विता से उम्मीद की जाती है।
IND W vs PAK W: मंधाना और शेफाली पर रहेंगी निगाहें
भारतीय पारी की शुरुआत स्मृति मंधाना और शेफाली वर्मा के कंधों पर होगी। दोनों बल्लेबाज इस टूर्नामेंट में अच्छी लय में हैं। हांगकांग के खिलाफ मंधाना ने शानदार शतक जड़कर अपनी बल्लेबाजी का दम दिखाया और कई रिकॉर्ड भी अपने नाम किए।
दुबई की पिचों पर बल्लेबाजों के लिए शुरुआत आसान नहीं रही है। यहां पिच की गति और उछाल को समझने में कुछ समय लग रहा है। ऐसे में सलामी बल्लेबाजों के लिए शुरुआती गेंदों को संभलकर खेलना और फिर तेजी से रन बटोरना अहम होगा। गुरुवार रात भी मंधाना और शेफाली ने इसी तरह अपनी पारी को आगे बढ़ाया था।
मध्यक्रम में प्रतिका रावल, ऋचा घोष और कप्तान हरमनप्रीत कौर की भूमिका महत्वपूर्ण होगी। अच्छी शुरुआत मिलने के बावजूद ये बल्लेबाज अब तक उसे बड़ी पारियों में बदलने में पूरी तरह सफल नहीं रही हैं। खासकर नंबर तीन पर उतर रहीं प्रतिका रावल के लिए यह मैच अहम है।
वनडे क्रिकेट में प्रभाव छोड़ने वाली रावल टी-20 की तेज गति वाली बल्लेबाजी की मांग के मुताबिक लगातार प्रदर्शन नहीं कर पाई हैं। भारत चाहेगा कि शीर्ष क्रम के बाद मध्यक्रम भी रन गति को बनाए रखे।
गेंदबाजी में नंदनी शर्मा ने बढ़ाया विकल्प
गेंदबाजी विभाग में नंदनी शर्मा का टीम में शामिल होना भारत के लिए सकारात्मक संकेत रहा है। वह क्रांति गौड़ के साथ नई गेंद की जिम्मेदारी संभाल रही हैं और अब तक अपनी क्षमता के अनुरूप प्रदर्शन करने की कोशिश की है।
भारत के लिए एशियाई स्तर पर चुनौती अपेक्षाकृत कम रही है, लेकिन ऑस्ट्रेलिया जैसी मजबूत टीमों के वर्चस्व को चुनौती देने के लिए टीम को पावर हिटिंग और तेज गेंदबाजी में विकल्पों का मजबूत पूल तैयार करना होगा। एशिया कप में जीत महत्वपूर्ण है, लेकिन बड़े टूर्नामेंटों की तैयारी के लिहाज से हर मुकाबला टीम के लिए सीखने का अवसर भी है।
पाकिस्तान की सबसे बड़ी चिंता उसकी बल्लेबाजी
पाकिस्तान ने अपने शुरुआती मुकाबले में थाईलैंड को हराया है और टीम अभी सेमीफाइनल की दौड़ में बनी हुई है। लेकिन भारत जैसी मजबूत टीम के सामने उतरने से पहले उसकी बल्लेबाजी चिंता का विषय है।
थाईलैंड के खिलाफ पिछले मैच में पाकिस्तान ने पावरप्ले के दौरान ही तीन विकेट गंवा दिए थे। बाद में टीम ने 119 रन के मामूली लक्ष्य का सफलतापूर्वक बचाव कर लिया, लेकिन भारत के खिलाफ ऐसी शुरुआत भारी पड़ सकती है।
सलामी बल्लेबाज मुनीबा अली और कप्तान एवं गेंदबाजी ऑलराउंडर फातिमा सना पर पाकिस्तान काफी निर्भर है। अगर पाकिस्तान को भारत को चुनौती देनी है तो उसके मध्यक्रम को भी जिम्मेदारी उठानी होगी। भारतीय गेंदबाजी के सामने शुरुआती झटकों से उबरना आसान नहीं होगा।
भारत-पाकिस्तान मैच कब और कहां होगा?
मुकाबला: भारत महिला बनाम पाकिस्तान महिला
स्थान: दुबई इंटरनेशनल स्टेडियम, दुबई
समय: रात 8 बजे से
प्रसारण: सोनी स्पोर्ट्स नेटवर्क और सोनी लिव
भारतीय टीम
हरमनप्रीत कौर (कप्तान), स्मृति मंधाना (उप-कप्तान), भारती फुलमाली, ऋचा घोष (विकेटकीपर), गुनालन कमलिनी (विकेटकीपर), प्रतिका रावल, शेफाली वर्मा, दीप्ति शर्मा, क्रांति गौड़, प्रेमा रावत, अरुंधति रेड्डी, रेणुका सिंह ठाकुर, नंदनी शर्मा, श्री चरणी और राधा यादव।
पाकिस्तान टीम
फातिमा सना (कप्तान), आयशा जफर, ईमान नसीर, ऐमान फातिमा, गुल फिरोजा, मोमिना रियासत, मुनीबा अली सिद्दीकी (विकेटकीपर), सदफ शमास, नशरा संधू, सादिया इकबाल, सायरा जाबीन, शवाल जुल्फिकार, तुबा हसन, उम्म-ए-हानी और वहीदा अख्तर।













