नई दिल्ली/5 सितंबर 2026। IND W vs PAK W मुकाबले में भारतीय महिला टीम ने पाकिस्तान को सात विकेट से हराकर महिला एशिया कप 2026 में जीत की हैट्रिक पूरी कर ली। दुबई इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम में खेले गए मुकाबले में भारतीय गेंदबाजों ने पाकिस्तान की पारी को महज 55 रन पर समेट दिया। इसके बाद भारत ने 8.4 ओवर में तीन विकेट खोकर 56 रन का लक्ष्य हासिल कर लिया।
भारत की जीत की कहानी उसकी स्पिन गेंदबाजी के इर्द-गिर्द घूमी। श्री चरणी और प्रेमा रावत ने तीन-तीन विकेट झटके, जबकि दीप्ति शर्मा ने दो और शेफाली वर्मा ने एक विकेट लिया। पाकिस्तान की टीम 18.1 ओवर में 55 रन पर ऑलआउट हो गई, जो उसका महिला टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में अब तक का सबसे कम स्कोर है।
IND W vs PAK W: हरमनप्रीत कौर की एक चाल और बिखर गई पाकिस्तान की पारी
पाकिस्तान ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी का फैसला किया। शुरुआती चार ओवर में भारतीय तेज गेंदबाज विकेट नहीं निकाल सके और पाकिस्तान ने 23 रन बना लिए थे। मैच इस समय तक एकतरफा नजर नहीं आ रहा था।
फिर भारतीय कप्तान हरमनप्रीत कौर ने गेंद स्पिनर्स को सौंप दी। यहीं से मुकाबले का रुख बदल गया।
शेफाली वर्मा ने पांचवें ओवर में मुनीबा अली को 13 रन के निजी स्कोर पर बोल्ड कर पहली सफलता दिलाई। इसके बाद श्री चरणी ने पावरप्ले के आखिरी ओवर में गुल फिरोजा और शावाल जुल्फिकार को आउट कर पाकिस्तान पर दबाव बढ़ा दिया।
पाकिस्तान की बल्लेबाजी इसके बाद संभल ही नहीं सकी। चरणी ने आयशा जफर को भी पवेलियन भेजा, जबकि प्रेमा रावत ने सदफ शमास को बोल्ड किया। दीप्ति शर्मा ने पाकिस्तान की कप्तान फातिमा सना को LBW आउट कर दिया।
विकेट गिरने का सिलसिला ऐसा चला कि पाकिस्तान की टीम 55 रन पर ही सिमट गई। श्री चरणी और प्रेमा रावत ने तीन-तीन विकेट लेकर भारतीय स्पिन आक्रमण की ताकत दिखा दी।
पाकिस्तान का महिला T20I में सबसे कम स्कोर
55 रन पर ऑलआउट होना पाकिस्तान महिला टीम के लिए एक अनचाहा रिकॉर्ड बन गया। इससे पहले उसका महिला टी20 अंतरराष्ट्रीय में सबसे कम ऑलआउट स्कोर 56 रन था, जो उसने न्यूजीलैंड के खिलाफ 2024 में बनाया था।
इस मुकाबले में पाकिस्तान के अंतिम नौ विकेट सिर्फ 28 रन के भीतर गिर गए। भारतीय गेंदबाजों ने पूरी पारी पर ऐसा शिकंजा कसा कि पाकिस्तान की बल्लेबाजों को रन बनाने के मौके ही नहीं मिले।
शेफाली वर्मा ने पहली गेंद पर लगाया छक्का, पूरे किए 3000 T20I रन
56 रन के मामूली लक्ष्य का पीछा करने उतरी भारतीय टीम ने शुरुआत ही आक्रामक अंदाज में की। शेफाली वर्मा ने पहली गेंद पर छक्का जड़ दिया। अगली गेंद पर एक रन लेते ही उन्होंने महिला टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में अपने 3000 रन पूरे कर लिए।
शेफाली यह उपलब्धि हासिल करने वाली भारत की तीसरी महिला क्रिकेटर बनीं। उनसे पहले स्मृति मंधाना और हरमनप्रीत कौर यह मुकाम हासिल कर चुकी हैं।
हालांकि पाकिस्तान की कप्तान फातिमा सना ने भारत को शुरुआती झटके दिए। उन्होंने शेफाली वर्मा को 12 और प्रतिका रावल को चार रन पर आउट किया। इसके बाद उन्होंने स्मृति मंधाना को भी नौ रन के निजी स्कोर पर LBW कर दिया।
भारत का स्कोर तीन विकेट पर 35 रन था। लक्ष्य छोटा था, लेकिन पाकिस्तान को एक उम्मीद जरूर दिखाई देने लगी थी।
हरमनप्रीत और दीप्ति ने संभाला मोर्चा
इसके बाद कप्तान हरमनप्रीत कौर और दीप्ति शर्मा ने कोई जोखिम नहीं लिया। दोनों ने समझदारी से बल्लेबाजी करते हुए भारत को 8.4 ओवर में लक्ष्य तक पहुंचा दिया।
हरमनप्रीत 18 गेंदों में 18 रन और दीप्ति शर्मा 12 रन बनाकर नाबाद रहीं। भारत ने सात विकेट से मुकाबला अपने नाम कर लिया।
इस जीत के साथ भारतीय टीम ने टूर्नामेंट में लगातार तीसरी जीत दर्ज की। इससे पहले भारत ने थाईलैंड और हांगकांग चीन को हराया था और सेमीफाइनल में अपनी जगह पक्की कर ली थी।
हरमनप्रीत कौर के लिए खास रहा मुकाबला
यह मुकाबला भारतीय कप्तान हरमनप्रीत कौर के लिए व्यक्तिगत तौर पर भी खास रहा। वह महिला टी20 अंतरराष्ट्रीय में कप्तान के रूप में 150 मैच पूरे करने वाली खिलाड़ी बनीं। उनके बाद श्रीलंका की चमारी अटापट्टू 121 मैचों के साथ इस सूची में हैं।
मैच का प्लेयर ऑफ द मैच श्री चरणी को चुना गया। तीन विकेट लेकर उन्होंने पाकिस्तान की बल्लेबाजी की कमर तोड़ने में अहम भूमिका निभाई। उनके साथ प्रेमा रावत की गेंदबाजी ने भारत की रणनीति को पूरी तरह सफल बना दिया।
IND W vs PAK W में भारत की जीत सिर्फ सात विकेट की जीत नहीं रही। पाकिस्तान को 55 रन पर रोकने वाली भारतीय स्पिन गेंदबाजी और हरमनप्रीत कौर का सही समय पर गेंदबाजी में बदलाव इस मुकाबले की सबसे बड़ी तस्वीर रही। बल्लेबाजी में कुछ शुरुआती झटकों के बावजूद भारत ने धैर्य बनाए रखा और बिना किसी अनावश्यक दबाव के लक्ष्य हासिल कर लिया।













