रायबरेली/13 सितंबर 2026: रायबरेली के ऊंचाहार में चल रही शिवपुराण कथा में रविवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पहुंचे। कथा स्थल पर श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए उन्होंने सनातन धर्म, भारतीय संस्कृति और सामाजिक एकता के बीच गहरे संबंध को रेखांकित किया। सीएम योगी ने कहा कि देश में जब तक सनातन धर्म की ध्वजा ऊंची रहेगी, तब तक कोई भी भारत का कुछ नहीं बिगाड़ सकता।
मुख्यमंत्री ने कहा कि धार्मिक कथाएं केवल आध्यात्मिक आयोजन भर नहीं हैं। इनके माध्यम से समाज को अपनी परंपराओं, संस्कारों और सांस्कृतिक जड़ों से जुड़ने का अवसर मिलता है। उन्होंने कहा कि पूरे भारत में जब पवित्र कथाओं की गूंज बनी रहेगी, तब सनातन धर्म की ध्वजा भी मजबूती से लहराती रहेगी।
सीएम योगी रायबरेली में बोले- कथा से मजबूत होती है सनातन की ध्वजा
सीएम योगी ने कहा कि भारत की आध्यात्मिक परंपराओं ने कठिन से कठिन दौर में भी समाज को जोड़ने का काम किया है। उन्होंने इतिहास का उल्लेख करते हुए कहा कि जब राजनीतिक कमजोरियों के कारण देश को विदेशी आक्रमणों का सामना करना पड़ा और कई पवित्र स्थलों को नुकसान पहुंचाया गया, तब भी भारत की सांस्कृतिक चेतना समाप्त नहीं हुई।
उन्होंने कहा कि भारत में धर्म को केवल पूजा-पद्धति तक सीमित नहीं रखा गया। यहां धर्म को कर्तव्य, सामाजिक जीवन और राष्ट्र की प्रेरणा से जोड़ा गया। यही दृष्टिकोण भारतीय समाज की निरंतरता और सांस्कृतिक एकता का आधार बना।
व्यास पीठों ने सामाजिक एकता को मजबूत किया
मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्यकाल के कठिन समय में भी व्यास पीठों से मिलने वाली धार्मिक और सांस्कृतिक शिक्षा ने समाज को एकजुट रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। कथाओं और आध्यात्मिक परंपराओं ने लोगों को अपनी जड़ों से जोड़े रखा और सांस्कृतिक चेतना को आगे बढ़ाने का काम किया।
उन्होंने कहा कि यही कारण है कि अनेक ऐतिहासिक चुनौतियों के बावजूद भारत की आध्यात्मिक और सांस्कृतिक परंपराएं आज भी जीवंत हैं। मंदिर, कथा, संत परंपरा और धार्मिक आयोजन समाज के भीतर सांस्कृतिक संवाद के माध्यम बने रहे हैं।
तुलसीदास और अकबर का जिक्र कर कही राम के प्रति आस्था की बात
अपने संबोधन में सीएम योगी ने गोस्वामी तुलसीदास का उदाहरण भी दिया। उन्होंने कहा कि तुलसीदास के सामने अकबर के दरबार के नवरत्नों में शामिल होने का प्रस्ताव रखा गया था। मुख्यमंत्री के अनुसार, इस प्रस्ताव पर तुलसीदास ने अपनी आस्था और निष्ठा स्पष्ट करते हुए कहा था कि उनका राजा केवल राम हैं।
सीएम योगी ने इसी प्रसंग के जरिए यह बताने का प्रयास किया कि भारतीय संत परंपरा ने सत्ता से अधिक धर्म और अपनी सांस्कृतिक आस्था को महत्व दिया। उन्होंने कहा कि उस दौर में भी राम के प्रति तुलसीदास की निष्ठा अडिग रही और उन्होंने किसी विदेशी शासक को अपना राजा मानने से इनकार किया।
मुख्यमंत्री के संबोधन का केंद्र सनातन परंपरा, आध्यात्मिक चेतना और राष्ट्रीय एकता रहा। ऊंचाहार में चल रही शिवपुराण कथा में बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे और सीएम योगी ने कथा परंपरा को भारतीय संस्कृति की निरंतरता से जोड़ते हुए इसकी भूमिका पर जोर दिया।









