गोरखपुर/16 सितंबर 2026: गोरखपुर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को गोरखपुर को करीब 40 करोड़ रुपये की 100 से अधिक विकास परियोजनाओं की सौगात दी। नकहा नंबर दो में करीब 3.09 करोड़ रुपये की लागत से तैयार आठवें कल्याण मंडपम का लोकार्पण करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि विकास और सुरक्षा का मौजूदा माहौल तभी कायम रह सकता है, जब समाज एकजुट होकर आगे बढ़े।
उन्होंने लोगों को जाति, धर्म, क्षेत्र और भाषा के नाम पर समाज को बांटने वाले तत्वों से सावधान रहने की अपील की। मुख्यमंत्री ने कहा कि समाज में विभाजन बढ़ने पर कर्फ्यू, दंगा, अराजकता और असुरक्षा का दौर वापस आ सकता है। उनके मुताबिक, आज के गोरखपुर और उत्तर प्रदेश की पहचान विकास, सुरक्षा और बेहतर नागरिक सुविधाओं से बन रही है।
गोरखपुर को 40 करोड़ की विकास परियोजनाओं की सौगात
नकहा नंबर दो में आयोजित कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने करीब 3.09 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित कल्याण मंडपम का उद्घाटन किया। यह गोरखपुर महानगर का आठवां कल्याण मंडपम है। इसी अवसर पर लगभग 40 करोड़ रुपये की लागत वाली 100 से अधिक परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास भी किया गया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जिस जगह कभी गड्ढे, कूड़े और गंदगी की समस्या रही होगी, वहां अब एक व्यवस्थित कल्याण मंडपम खड़ा है। इसका सीधा फायदा स्थानीय लोगों को मिलेगा। गरीब परिवारों की बेटियों की शादी से लेकर मुंडन संस्कार, धार्मिक कार्यक्रम, सम्मेलन और अन्य सार्वजनिक आयोजनों के लिए लोगों को महंगे होटल या निजी बरातघरों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा।
उन्होंने बताया कि विधायक निधि के उपयोग के लिए महानगर में ऐसे नौ स्थान चिन्हित किए गए थे, जहां महंगे होटल या बड़े बरातघर आसानी से उपलब्ध नहीं हैं। कुछ कल्याण मंडपम विधायक निधि से, कुछ नगर निगम और कुछ विकास प्राधिकरण के माध्यम से तैयार किए गए हैं।
महानगर में तैयार हो रहे 10 कल्याण मंडपम
मुख्यमंत्री के अनुसार, मानबेला, तुलसीराम पश्चिम, जंगल बेदी माधव और राप्ती नगर समेत कई स्थानों पर कल्याण मंडपम बनकर तैयार हो चुके हैं और उनका उपयोग भी शुरू हो गया है।
चारखंड़ी महादेव के दो स्थानों और सेमरा में निर्माण कार्य चल रहा है। इसके अलावा एक अन्य कल्याण मंडपम को विधायक निधि से स्वीकृति दी गई है। नगर निगम के दो मंडपम को शामिल करने पर महानगर में कुल 10 कल्याण मंडपम तैयार किए जा रहे हैं।
इस योजना का मकसद केवल भवन तैयार करना नहीं, बल्कि ऐसे इलाकों में सामुदायिक सुविधाएं उपलब्ध कराना है जहां सामान्य परिवारों के लिए निजी आयोजन स्थल का खर्च उठाना आसान नहीं होता।
चुनाव घोषणा से पहले एक लाख सरकारी नौकरियों का लक्ष्य
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने युवाओं के रोजगार को लेकर भी सरकार की योजना साझा की। उन्होंने कहा कि विधानसभा चुनाव की घोषणा से पहले प्रदेश के एक लाख युवाओं को सरकारी नौकरी देने का लक्ष्य रखा गया है और इसकी शुरुआत 19 सितंबर से होगी।
मुख्यमंत्री के मुताबिक, इन भर्तियों में अकेले 77 हजार पद उत्तर प्रदेश पुलिस और होमगार्ड से जुड़े हैं। उन्होंने दावा किया कि वर्ष 2017 से अब तक साढ़े नौ लाख युवाओं को सरकारी नौकरी दी जा चुकी है।
उन्होंने कहा कि पहले सरकारी भर्तियों को लेकर वसूली और विवाद की शिकायतें सामने आती थीं, जिससे युवाओं के भविष्य पर असर पड़ता था। मुख्यमंत्री ने दावा किया कि अब नियुक्ति प्रक्रिया पारदर्शी तरीके से आगे बढ़ रही है। उन्होंने यह भी बताया कि बुधवार को बेसिक, माध्यमिक और अन्य विद्यालयों में शिक्षक भर्ती के लिए विज्ञापन जारी किए गए हैं और आवेदन प्रक्रिया शुरू हो गई है।
सड़क, फ्लाईओवर और स्वास्थ्य सुविधाओं का किया उल्लेख
मुख्यमंत्री ने कहा कि किसी शहर के विकास का आकलन केवल लोगों की आय से नहीं किया जा सकता। शहर में आवागमन, स्वास्थ्य, शिक्षा, आवास और सार्वजनिक आयोजनों के लिए उपलब्ध सुविधाएं भी जीवन स्तर को प्रभावित करती हैं।
उन्होंने गोरखपुर में फोरलेन सड़कों, रेलवे ओवरब्रिज, फ्लाईओवर, स्पोर्ट्स कॉलेज, सैनिक स्कूल, एम्स और बीआरडी मेडिकल कॉलेज जैसी सुविधाओं का उल्लेख किया।
गोरखनाथ से स्पोर्ट्स कॉलेज, फर्टिलाइजर से झुंगिया तथा असुरन से मेडिकल कॉलेज होते हुए भटहट तक फोरलेन मार्गों से यातायात सुगम होने की बात भी उन्होंने कही। रुस्तमपुर-आजाद चौक-ट्रांसपोर्ट नगर मार्ग पर बने फ्लाईओवर को भी मुख्यमंत्री ने शहर के बदलते ढांचे का उदाहरण बताया।
रामगढ़ताल का उदाहरण देकर बताया बदलाव
मुख्यमंत्री ने रामगढ़ताल का उल्लेख करते हुए कहा कि कभी गंदगी और अपराध के लिए चर्चा में रहने वाला यह क्षेत्र अब देश-दुनिया के लोगों को आकर्षित कर रहा है।
उन्होंने गोरखपुर में 500 से अधिक उद्योग स्थापित होने और करीब 50 हजार युवाओं को रोजगार मिलने का दावा किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि रोजगार के अवसर बढ़ने से पूर्वांचल के युवाओं को पंजाब, मुंबई, कोलकाता, हैदराबाद, बेंगलुरु और चेन्नई जैसे शहरों की ओर जाने की मजबूरी कम हुई है।
हालांकि, रोजगार और उद्योग से जुड़े इन आंकड़ों को मुख्यमंत्री के कार्यक्रम में किए गए दावों के रूप में देखा जाना चाहिए।
इंसेफेलाइटिस से लेकर सरकारी योजनाओं तक का जिक्र
अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने गोरखपुर और पूर्वी उत्तर प्रदेश में इंसेफेलाइटिस से होने वाली मौतों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि सरकार ने दो वर्ष के भीतर 40 वर्षों से चली आ रही इस बीमारी को समाप्त करने का काम किया और गोरखपुर तथा पूर्वी उत्तर प्रदेश को इंसेफेलाइटिस मुक्त बनाने में सफलता मिली।
योगी ने गरीब परिवारों के लिए संचालित विभिन्न सरकारी योजनाओं का भी उल्लेख किया। इनमें राशन, आवास, शौचालय, उज्ज्वला योजना, कन्या सुमंगला योजना और मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना शामिल हैं। निराश्रित, दिव्यांग और वृद्धजनों के लिए पेंशन योजनाओं का भी उन्होंने जिक्र किया।
मुख्यमंत्री ने बताया कि 7 अक्टूबर से एक सप्ताह तक विशेष अभियान चलाकर सरकारी योजनाओं से वंचित पात्र लोगों को लाभ पहुंचाने के लिए शिविर लगाए जाएंगे।
विकास के साथ सामाजिक एकजुटता पर जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का उद्देश्य गरीब व्यक्ति को सम्मान के साथ सामान्य जीवन जीने का अवसर देना और युवाओं को बिना भेदभाव रोजगार उपलब्ध कराना है। उन्होंने कहा कि स्पष्ट नीति और साफ नीयत के साथ सरकार आगे बढ़ती है तो विकास के सकारात्मक परिणाम सामने आते हैं।
गोरखपुर में विकास परियोजनाओं के लोकार्पण और शिलान्यास के साथ मुख्यमंत्री का संदेश दो स्तरों पर रहा—एक तरफ सड़क, स्वास्थ्य, रोजगार और सामुदायिक सुविधाओं का विस्तार, तो दूसरी तरफ सामाजिक एकजुटता और कानून-व्यवस्था को विकास के लिए जरूरी आधार के रूप में रेखांकित किया गया। कार्यक्रम के अंत में उन्होंने नए कल्याण मंडपम के लिए क्षेत्रवासियों को बधाई और शुभकामनाएं दीं।










