नई दिल्ली/21 सितंबर 2026। आज के समय में स्मार्टफोन हमारी यात्रा का जरूरी साथी है और ऐसे में फ्लाइट में पावर बैंक ले जाना भी यात्रियों की आम जरूरत बन गया है। लंबे सफर में फोन की बैटरी खत्म होने का डर हो तो पावर बैंक काफी काम आता है। लेकिन विमान में इसे सामान्य इलेक्ट्रॉनिक सामान की तरह कहीं भी रखना या उड़ान के दौरान इस्तेमाल करना सुरक्षित नहीं माना जाता।
पावर बैंक में आमतौर पर लिथियम-आयन बैटरी होती है। ऐसी बैटरियां क्षतिग्रस्त होने, शॉर्ट सर्किट या अत्यधिक गर्म होने पर आग का खतरा पैदा कर सकती हैं। इसी वजह से अंतरराष्ट्रीय विमानन नियमों और एयरलाइंस ने इनके लिए अलग सुरक्षा प्रावधान बनाए हैं। IATA की मौजूदा यात्री गाइडलाइन के मुताबिक पावर बैंक को चेक-इन बैगेज में नहीं, बल्कि हैंड बैगेज में रखना होता है।
फ्लाइट में पावर बैंक ले जा सकते हैं?
हां, आम तौर पर फ्लाइट में पावर बैंक ले जाने की अनुमति है, लेकिन इसे केवल केबिन/हैंड बैगेज में रखना होता है। चेक-इन किए जाने वाले सामान में पावर बैंक रखना प्रतिबंधित है।
IATA के अनुसार 100 Wh तक की लिथियम-आयन बैटरी सामान्य तौर पर कैरी-ऑन बैगेज में स्वीकार्य होती है। 100 से 160 Wh के बीच की बैटरी के लिए एयरलाइन की मंजूरी की जरूरत पड़ सकती है, जबकि 160 Wh से ज्यादा क्षमता वाली बैटरियां सामान्य यात्री विमान में आम तौर पर स्वीकार नहीं की जातीं।
हालांकि, हर एयरलाइन की अपनी अतिरिक्त शर्तें हो सकती हैं, इसलिए टिकट बुक करने के बाद संबंधित एयरलाइन की ताजा बैगेज पॉलिसी देखना जरूरी है।
पावर बैंक को चेक-इन बैगेज में क्यों नहीं रख सकते?
पावर बैंक को विमान के होल्ड में रखने की अनुमति नहीं होने की मुख्य वजह बैटरी से जुड़ा आग का जोखिम है। अगर लिथियम बैटरी में खराबी आती है तो वह तेजी से गर्म हो सकती है और आग पकड़ सकती है।
केबिन में ऐसी स्थिति पैदा होने पर क्रू तुरंत प्रतिक्रिया दे सकता है। इसके उलट चेक-इन बैगेज वाले हिस्से में किसी समस्या का पता लगाना और उस पर तत्काल कार्रवाई करना अधिक मुश्किल हो सकता है।
इसी कारण IATA पावर बैंक और स्पेयर लिथियम बैटरियों को हैंड बैगेज में रखने की सलाह देता है। यदि किसी कारण से आपका हैंड बैगेज गेट पर चेक-इन करके विमान के होल्ड में भेजा जा रहा हो, तो उसमें से पावर बैंक और दूसरी लिथियम बैटरियां निकाल लेनी चाहिए।
क्या फ्लाइट में पावर बैंक से मोबाइल चार्ज कर सकते हैं?
यहीं सबसे ज्यादा सावधानी की जरूरत है। 2026 में ICAO के नए प्रावधानों के बाद IATA की गाइडलाइन में कहा गया है कि पावर बैंक को विमान में चार्ज नहीं किया जाना चाहिए और उड़ान के दौरान उससे किसी पोर्टेबल इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस को चार्ज करने की सलाह भी नहीं दी जाती।
कई एयरलाइंस ने इसे अपने नियमों में और स्पष्ट कर दिया है। उदाहरण के लिए, IndiGo की मौजूदा नीति के अनुसार पावर बैंक को उड़ान के दौरान इस्तेमाल, चार्ज या रिचार्ज नहीं किया जा सकता।
Air India भी यात्रियों को पावर बैंक को केवल कैरी-ऑन बैगेज में रखने और उड़ान के दौरान उसका इस्तेमाल या चार्ज न करने का निर्देश देती है।
कितने पावर बैंक ले जा सकते हैं?
यह संख्या एयरलाइन के अनुसार अलग हो सकती है, लेकिन मौजूदा 2026 IATA दिशा-निर्देशों में व्यक्तिगत उपयोग के लिए अधिकतम दो पावर बैंक प्रति यात्री का प्रावधान है।
Air India भी अधिकतम दो पावर बैंक की अनुमति देती है और दोनों को अलग-अलग सुरक्षित रखने की शर्त रखती है।
IndiGo की मौजूदा बैगेज नीति में भी अधिकतम दो पावर बैंक की सीमा दी गई है। उसकी विस्तृत नीति के अनुसार सामान्य रूप से 100 Wh तक के पावर बैंक स्वीकार किए जाते हैं; कुछ विशेष परिस्थितियों में 100 से 160 Wh तक की बैटरियों के लिए एयरलाइन की पूर्व अनुमति लागू हो सकती है।
पावर बैंक की Wh क्षमता कैसे पता करें?
पावर बैंक पर उसकी क्षमता Wh में लिखी हो सकती है। कई पावर बैंक पर क्षमता mAh में दी जाती है। ऐसे में केवल mAh देखकर नियम तय करना सही नहीं है।
आम तौर पर Wh निकालने का सूत्र है:
Wh = mAh × Voltage ÷ 1000
उदाहरण के लिए, 20,000 mAh का पावर बैंक यदि 3.7V की नाममात्र वोल्टेज पर आधारित है तो उसकी ऊर्जा लगभग 74 Wh होगी। इसलिए वह 100 Wh की सामान्य सीमा के भीतर आता है।
फिर भी यात्रा से पहले पावर बैंक पर अंकित वास्तविक रेटिंग और एयरलाइन के नियम जरूर जांचें।
पावर बैंक को कैसे पैक करें?
यात्रा के दौरान पावर बैंक को इस तरह रखना चाहिए कि उसके टर्मिनल किसी धातु की वस्तु के संपर्क में न आएं और शॉर्ट सर्किट की स्थिति न बने।
IATA की सलाह के मुताबिक पावर बैंक को मूल पैकेजिंग में रखना या उसके टर्मिनल को सुरक्षित करना बेहतर है। जरूरत पड़ने पर इसे अलग सुरक्षात्मक पाउच में भी रखा जा सकता है।
IndiGo भी पावर बैंक को यात्री की पहुंच में रखने को कहता है। उसके नियमों के अनुसार इन्हें सीट के नीचे, सीट पॉकेट में या यात्री के पास रखा जाना चाहिए और ओवरहेड बिन में रखने की अनुमति नहीं है।
‘थर्मल रनअवे’ क्या है?
लिथियम बैटरी से जुड़ा एक प्रमुख सुरक्षा जोखिम थर्मल रनअवे (Thermal Runaway) है। इसमें बैटरी के भीतर तापमान तेजी से बढ़ सकता है और एक खतरनाक प्रतिक्रिया शुरू हो सकती है। ऐसी स्थिति में बैटरी धुआं छोड़ सकती है या आग पकड़ सकती है।
इसीलिए अगर उड़ान के दौरान पावर बैंक असामान्य रूप से गर्म हो, धुआं निकले या उसमें कोई खराबी दिखाई दे तो यात्री को खुद उससे छेड़छाड़ करने के बजाय तुरंत केबिन क्रू को सूचना देनी चाहिए। IATA भी गर्म होने, धुआं निकलने या बैटरी के क्षतिग्रस्त होने की स्थिति में क्रू को तत्काल बताने की सलाह देता है।
यात्रियों को किन बातों का ध्यान रखना चाहिए?
फ्लाइट में पावर बैंक ले जाते समय इन बातों को याद रखें:
- पावर बैंक को चेक-इन बैगेज में न रखें।
- इसे केवल हैंड/कैरी-ऑन बैगेज में रखें।
- सामान्य रूप से 100 Wh तक की क्षमता को प्राथमिकता दें।
- एक यात्री के लिए अधिकतम दो पावर बैंक की मौजूदा सीमा का ध्यान रखें।
- पावर बैंक के टर्मिनल को शॉर्ट सर्किट से बचाकर रखें।
- उड़ान के दौरान पावर बैंक को चार्ज न करें।
- एयरलाइन की अनुमति के बिना पावर बैंक से मोबाइल या दूसरे डिवाइस को चार्ज न करें।
- यदि हैंड बैगेज को गेट पर चेक-इन किया जा रहा है तो पावर बैंक उसमें से निकाल लें।
- फूला हुआ, टूटा या क्षतिग्रस्त पावर बैंक लेकर यात्रा न करें।
- यात्रा से पहले अपनी एयरलाइन के ताजा नियम जरूर देख लें, क्योंकि एयरलाइन और रूट के अनुसार अतिरिक्त प्रतिबंध हो सकते हैं।
एयरपोर्ट पर परेशानी से बचने का आसान तरीका
अगर आपके बैग में पावर बैंक है तो उसे चेक-इन काउंटर पर दिए जाने वाले सामान में न रखें। उसे अपने साथ केबिन बैग में रखें और ऐसा स्थान चुनें जहां जरूरत पड़ने पर सुरक्षा जांच के दौरान आसानी से निकाला जा सके।
यात्रा से पहले सिर्फ पावर बैंक की क्षमता ही नहीं, बल्कि जिस एयरलाइन से आप उड़ान भर रहे हैं उसके मौजूदा नियम भी जांच लेना सबसे सुरक्षित तरीका है। IATA भी स्पष्ट करता है कि बैगेज संबंधी नियम एयरलाइन और यात्रा मार्ग के अनुसार अलग हो सकते हैं।













