लखनऊ/20 सितंबर 2026: लखनऊ के लोकभवन में रविवार को आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने यूपी पुलिस भर्ती के तहत चयनित 912 अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र वितरित किए। इस दौरान उन्होंने पुलिस भर्ती प्रक्रिया में हुए बदलाव, कानून-व्यवस्था, पुलिस के बुनियादी ढांचे और रोजगार के मुद्दे पर अपनी सरकार के कार्यकाल का उल्लेख किया। कार्यक्रम में वित्त एवं संसदीय कार्य मंत्री सुरेश कुमार खन्ना समेत वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
912 चयनित अभ्यर्थियों में पुलिस उपनिरीक्षक (गोपनीय), पुलिस सहायक उपनिरीक्षक (लिपिक) और पुलिस सहायक उपनिरीक्षक (लेखा) के पदों पर चयनित युवा शामिल हैं। इनका चयन उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड की लिपिक संवर्ग सीधी भर्ती-2023 प्रक्रिया के तहत हुआ है।
यूपी पुलिस भर्ती और कानून-व्यवस्था पर योगी ने क्या कहा?
मुख्यमंत्री ने कहा कि 2017 से पहले युवाओं में भर्ती प्रक्रिया को लेकर निराशा थी और उनके अनुसार भाई-भतीजावाद का प्रभाव था। उन्होंने दावा किया कि सरकार ने भर्ती प्रक्रिया में बदलाव करते हुए ग्रुप सी और डी के पदों पर साक्षात्कार की व्यवस्था समाप्त की, जिससे चयन प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ाने की कोशिश की गई।
योगी ने यह भी कहा कि पुलिस विभाग में काम करने वाला मानवबल मूल रूप से वही है, लेकिन काम करने के तौर-तरीकों में बदलाव आया है। उनके मुताबिक, पहले प्रदेश में दंगे और लंबे समय तक कर्फ्यू की घटनाएं होती थीं, जबकि अब कानून-व्यवस्था की स्थिति में बदलाव आया है।
मुख्यमंत्री के ये दावे उनके भाषण का हिस्सा थे। भर्ती प्रक्रिया के बारे में उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड द्वारा चयन को निष्पक्ष और पारदर्शी बताया गया है।
‘अपराध किया तो डेथ सेंटेंस पर खुद साइन किया’
महिलाओं की सुरक्षा और अपराधियों पर कार्रवाई का जिक्र करते हुए योगी आदित्यनाथ ने कहा कि आज किसी शोहदे को यह पता है कि अगर वह लड़की से छेड़छाड़ जैसी हरकत करेगा तो उसका अंजाम क्या होगा। इसी संदर्भ में उन्होंने कहा कि अपराध करने वाला व्यक्ति मानो अपने “डेथ सेंटेंस पर खुद साइन” कर रहा है।
कानून-व्यवस्था पर बात करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि आज कोई हथियार लहराने या त्योहारों से पहले दंगा करने की स्थिति पैदा करने की कोशिश नहीं कर सकता। उन्होंने उत्तर प्रदेश को उनके शब्दों में “उपद्रव पूर्ण प्रदेश” से “उत्सव पूर्ण प्रदेश” में बदलने की बात कही।
महाकुंभ का उल्लेख करते हुए उन्होंने दावा किया कि आयोजन में 66 करोड़ श्रद्धालु पहुंचे और व्यवस्थाओं को लेकर लोगों की सकारात्मक प्रतिक्रिया रही। उन्होंने समाजवादी पार्टी पर राजनीतिक तंज कसते हुए कहा कि अब दंगों की मॉक ड्रिल कराई जाती है ताकि लोग दंगों को भूल न जाएं।
पुलिस की जमीन पर माफिया के कब्जे का सुनाया किस्सा
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में पुलिस विभाग की संपत्तियों और बुनियादी ढांचे की स्थिति का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि जब उनकी सरकार फोरेंसिक इंस्टीट्यूट के लिए जमीन तलाश रही थी, तब तत्कालीन डीजीपी ने उन्हें बताया था कि पुलिस के पास जमीन तो है, लेकिन उस पर माफिया का कब्जा है।
योगी के मुताबिक, इसके बाद संबंधित माफिया के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई गई और एफआईआर होते ही उसने आत्मसमर्पण कर दिया।
उन्होंने कहा कि अब प्रदेश के कई जिलों में पुलिस बैरकों की ऊंची इमारतें दिखाई देती हैं। उनके अनुसार, पहले पुलिसकर्मी जर्जर बैरकों में रहते थे। मुख्यमंत्री ने इसी संदर्भ में लखनऊ की एक पुरानी पुलिस बैरक का किस्सा सुनाते हुए अपने अंदाज में कहा कि वहां पुलिस के घोड़े की हालत देखकर वह भी गिर पड़ा था।
60 हजार पुलिसकर्मियों की ट्रेनिंग क्षमता का दावा
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि उत्तर प्रदेश पुलिस के पास अब एक साथ करीब 60 हजार पुलिसकर्मियों को प्रशिक्षण देने की क्षमता विकसित हो चुकी है।
उन्होंने महिला पुलिसकर्मियों की संख्या का भी उल्लेख किया। मुख्यमंत्री के अनुसार, पहले प्रदेश में महिला पुलिसकर्मियों की संख्या 10 हजार से भी कम थी, जबकि अब यह संख्या 44 हजार से अधिक हो गई है।
उन्होंने पीएसी की 34 कंपनियों को फिर से खड़ा किए जाने का भी जिक्र किया। मुख्यमंत्री के मुताबिक, देश के अलग-अलग राज्यों में होने वाले चुनावों के दौरान उत्तर प्रदेश पीएसी की मांग की जाती है।
अगले छह महीने में एक लाख नौकरियों का दावा
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने रोजगार को लेकर भी बड़ा ऐलान किया। उन्होंने कहा कि सरकार अगले छह महीनों में एक लाख युवाओं को नौकरी देने की दिशा में आगे बढ़ रही है। उनके अनुसार, हर सप्ताह नियुक्ति पत्र वितरण का कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है।
योगी ने दावा किया कि उनकी सरकार के करीब साढ़े नौ साल के कार्यकाल में 9.5 लाख युवाओं को सरकारी नौकरी दी गई है। साथ ही उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश अब उन राज्यों में शामिल है जो खुद को राजस्व अधिशेष वाला राज्य कह सकते हैं।
रविवार के कार्यक्रम में 912 युवाओं को नियुक्ति पत्र दिया जाना इसी भर्ती प्रक्रिया की अगली कड़ी है। चयनित युवाओं के लिए यह समारोह नौकरी मिलने के साथ पुलिस विभाग में नई जिम्मेदारी की शुरुआत का अवसर भी रहा।








