अंतरराष्ट्रीय डेस्क/28 सितंबर 2026: नेपाल के बाग्लुंग जिले में लगातार हो रही भारी बारिश के बीच भूस्खलन ने तबाही मचा दी। रविवार को अलग-अलग घटनाओं में 10 लोगों की मौत हो गई, जबकि एक व्यक्ति अभी भी लापता है। कई घर मलबे में दब गए या बह गए। भूस्खलन का एक वीडियो भी सामने आया है, जिसमें पहाड़ का एक हिस्सा कुछ ही सेकंड में नीचे की ओर खिसकता दिखाई दे रहा है। स्थानीय अधिकारियों के मुताबिक, प्रभावित इलाकों में राहत और बचाव अभियान जारी है।
बाग्लुंग भूस्खलन में 10 लोगों की मौत
बाग्लुंग में लगातार बारिश के बाद तमनखोला और निसीखोला ग्रामीण नगरपालिकाओं में भूस्खलन की कई घटनाएं हुईं। पुलिस के अनुसार जिले में 10 लोगों की मौत और एक व्यक्ति के लापता होने की सूचना है। भारी बारिश से घरों, सड़कों और अन्य स्थानीय ढांचे को भी नुकसान पहुंचा है।
तमनखोला ग्रामीण नगरपालिका-3 के धरनसुख में भूस्खलन की चपेट में आने से 80 वर्षीय बुद्धिराज घर्ती और 66 वर्षीय भीमदेवी घर्ती की मौत हो गई। अधिकारियों के अनुसार इस क्षेत्र में आठ घर बह गए।
तमनखोला ग्रामीण नगरपालिका-4 के संतार में घर के मलबे में दबने से 50 वर्षीय हस्ताबीर श्रीपाली और 65 वर्षीय उदिसारा श्रीपाली की मौत हुई। हस्ताबीर की पत्नी के अब भी लापता होने की जानकारी है।
एक ही परिवार के चार लोगों की मौत
निसीखोला ग्रामीण नगरपालिका-3 के जुगजाखोला क्षेत्र के हद्धारा में भूस्खलन से एक मकान मलबे में दब गया। हादसे में एक ही परिवार के चार लोगों की जान चली गई।
मृतकों की पहचान 36 वर्षीय श्यामकुमारी बीके, उनके 13 वर्षीय बेटे मनोज, आठ वर्षीय बेटे मुकेश और तीन वर्षीय बेटे निशान बीके के रूप में हुई है।
वहीं, निसीखोला ग्रामीण नगरपालिका-6 के रंगिल में भूस्खलन से एक गौशाला दब गई। इसमें 50 वर्षीय सूर्यबहादुर घर्ती की मौत हुई।
इससे एक दिन पहले शनिवार को ताराखोला ग्रामीण नगरपालिका-5 के धस्मार में भूस्खलन की चपेट में आने से 59 वर्षीय मानबहादुर रोका की मौत हुई थी।
लगातार बारिश से बिगड़े हालात
नेपाल के पश्चिमी हिस्सों में पिछले कई दिनों से लगातार बारिश हो रही है। इसका असर बाग्लुंग समेत कई जिलों में दिखाई दिया है। बाढ़ और भूस्खलन के कारण सड़क संपर्क भी बाधित हुआ है। बाग्लुंग में प्रमुख सड़कों पर भूस्खलन के बाद यातायात रोकना पड़ा और कई स्थानों पर मलबा हटाने का काम किया जा रहा है।
कालीगंडकी क्षेत्र में भी बारिश और बाढ़ का असर गंभीर रहा है। बाग्लुंग और आसपास के जिलों को जोड़ने वाली सड़कें और पुल प्रभावित हुए हैं। कुछ स्थानों पर पुलों तक पहुंचने वाली सड़कें बह जाने से आवागमन ठप हुआ है।
समय पर चेतावनी से कई लोगों को बचाया गया
बाग्लुंग के मुख्य जिला अधिकारी कृष्ण प्रसाद आचार्य के अनुसार, समय रहते जारी की गई चेतावनियों से कई लोगों को संवेदनशील क्षेत्रों से हटाने में मदद मिली। प्रभावित इलाकों में सुरक्षाकर्मियों की टीमें भेजी गई हैं और बचाव अभियान चलाया जा रहा है।
प्रशासन की प्राथमिकता मलबे में फंसे लोगों की तलाश, प्रभावित परिवारों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाना और जरूरी राहत सामग्री उपलब्ध कराना है।
नेपाल में बारिश, बाढ़ और भूस्खलन से 21 मौतें
नेशनल डिजास्टर रिस्क रिडक्शन एंड मैनेजमेंट अथॉरिटी (NDRRMA) के आंकड़ों के अनुसार, चार दिनों की भारी बारिश, बाढ़ और भूस्खलन से नेपाल में कम से कम 21 लोगों की मौत हुई है। पांच लोग लापता हैं और पांच अन्य घायल हुए हैं।
अथॉरिटी के मुताबिक, भूस्खलन से 14 लोगों की मौत हुई और पांच लोग लापता हुए। बाढ़ से चार लोगों की मौत हुई, जबकि लगातार भारी बारिश से तीन लोगों की जान गई। खराब मौसम से 247 परिवार प्रभावित, 260 घर पूरी तरह क्षतिग्रस्त और 80 घर आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त हुए हैं।
नेपाल के पश्चिमी हिस्से में बारिश से व्यापक नुकसान की पुष्टि स्थानीय रिपोर्टों में भी हुई है। 27 सितंबर तक उपलब्ध आंकड़ों में बाग्लुंग को गंडकी प्रांत में सबसे अधिक मानवीय नुकसान वाले जिलों में बताया गया था।
करीब 3,000 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया
लगातार खराब मौसम को देखते हुए आपातकालीन टीमों ने उच्च जोखिम वाले इलाकों से करीब 3,000 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया है। राहत दल प्रभावित परिवारों को भोजन और आवश्यक सामग्री उपलब्ध कराने में जुटे हैं।
नेपाल में बारिश का असर केवल बस्तियों तक सीमित नहीं रहा। भूस्खलन और बाढ़ से कई प्रमुख सड़क मार्ग बाधित हुए हैं और कालीगंडकी कॉरिडोर में बिजली ढांचे को भी नुकसान पहुंचा है।













