लखनऊ, 29 अक्टूबर 2026। उत्तर प्रदेश में एक्सप्रेसवे और हाईवे पर तेज रफ्तार से वाहन चलाने वालों के खिलाफ पुलिस ने सख्त रुख अपनाया है। योगी सरकार के निर्देशों के तहत चलाए गए ‘ऑपरेशन सेफ स्पीड’ अभियान के दो चरणों में कुल 6,777 वाहनों के चालान किए गए। इस कार्रवाई में 1 करोड़ 38 लाख 32 हजार 500 रुपये का जुर्माना दर्ज किया गया। अभियान का मुख्य उद्देश्य निर्धारित गति सीमा का उल्लंघन करने वाले वाहन चालकों पर अंकुश लगाना और सड़क दुर्घटनाओं में होने वाली जनहानि को कम करना है।
उत्तर प्रदेश पुलिस के यातायात निदेशालय की ओर से प्रदेश के विभिन्न एक्सप्रेसवे और चिन्हित मार्गों पर विशेष जांच अभियान चलाया गया। इंटरसेप्टर वाहनों की मदद से तेज रफ्तार से चल रहे वाहनों की निगरानी की गई। नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की गई।
ऑपरेशन सेफ स्पीड: दो चरणों में 6,777 वाहनों के चालान
यूपी में ‘ऑपरेशन सेफ स्पीड’ का पहला चरण 26 अक्टूबर और दूसरा चरण 28 अक्टूबर 2026 को चलाया गया। दोनों चरणों में प्रदेश के प्रमुख एक्सप्रेसवे पर एक साथ जांच की गई। इस दौरान सबसे ज्यादा कार्रवाई यमुना एक्सप्रेसवे पर हुई, जहां 3,116 वाहनों के चालान किए गए और 66 लाख 98 हजार रुपये का जुर्माना दर्ज किया गया।
यातायात निदेशालय के मुताबिक, यह अभियान उत्तर प्रदेश के डीजीपी राजीव कृष्ण की पहल पर चलाया गया। अपर पुलिस महानिदेशक यातायात ए. सतीश गणेश के निर्देशन में अधिकारियों ने अलग-अलग मार्गों पर तेज रफ्तार वाहनों की जांच की।
किस एक्सप्रेसवे पर कितने चालान और कितना जुर्माना?
अभियान के दौरान अलग-अलग एक्सप्रेसवे और हाईवे पर की गई कार्रवाई का विवरण इस प्रकार है:
| एक्सप्रेसवे/हाईवे | चालान | जुर्माना |
|---|---|---|
| यमुना एक्सप्रेसवे | 3,116 | ₹66,98,000 |
| दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे | 1,289 | ₹24,18,000 |
| लखनऊ-आगरा एक्सप्रेसवे | 537 | ₹11,82,500 |
| गंगा एक्सप्रेसवे | 553 | ₹9,40,000 |
| दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे | 497 | ₹9,94,000 |
| पूर्वांचल एक्सप्रेसवे | 348 | ₹6,96,000 |
| ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे | 214 | ₹4,28,000 |
| बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे | 103 | ₹2,28,000 |
| गोरखपुर-पूर्वांचल लिंक एक्सप्रेसवे | 90 | ₹1,88,000 |
| कानपुर-वाराणसी हाईवे | 30 | ₹60,000 |
कुल: 6,777 चालान और ₹1,38,32,500 का जुर्माना।
यमुना एक्सप्रेसवे पर सबसे ज्यादा कार्रवाई
आंकड़ों के अनुसार, यमुना एक्सप्रेसवे पर सबसे अधिक 3,116 चालान किए गए। यहां 66.98 लाख रुपये का जुर्माना दर्ज हुआ। दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे दूसरे स्थान पर रहा, जहां 1,289 चालान के साथ 24.18 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया।
लखनऊ-आगरा एक्सप्रेसवे पर 537 वाहनों के चालान किए गए और 11.82 लाख रुपये से अधिक का जुर्माना दर्ज हुआ। वहीं गंगा एक्सप्रेसवे पर 553 चालान के साथ 9.40 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया। दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे पर 497 वाहनों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए 9.94 लाख रुपये का जुर्माना दर्ज किया गया।
पूर्वांचल, बुंदेलखंड और गोरखपुर-पूर्वांचल लिंक एक्सप्रेसवे समेत अन्य मार्गों पर भी पुलिस ने नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहन चालकों के खिलाफ कार्रवाई की।
तेज रफ्तार से बढ़ता है दुर्घटनाओं में जान जाने का खतरा
यातायात निदेशालय के अनुसार, तेज गति से वाहन चलाना सड़क दुर्घटनाओं के प्रमुख कारणों में शामिल है। अधिक रफ्तार होने पर चालक को अचानक सामने आने वाली बाधा, दूसरे वाहन या सड़क पर बदलती परिस्थितियों के अनुसार प्रतिक्रिया देने के लिए कम समय मिलता है। दुर्घटना होने की स्थिति में तेज रफ्तार उसके गंभीर या जानलेवा होने का खतरा भी बढ़ा सकती है।
इसी वजह से ‘ऑपरेशन सेफ स्पीड’ में केवल चालान करने पर ही जोर नहीं है, बल्कि वाहन चालकों को यातायात नियमों का पालन करने के लिए जागरूक करना भी अभियान का उद्देश्य है। पुलिस की कोशिश है कि एक्सप्रेसवे पर वाहन चलाते समय लोग निर्धारित गति सीमा का ध्यान रखें और जल्द पहुंचने की होड़ में अपनी तथा दूसरों की जान जोखिम में न डालें।
सुरक्षित सफर के लिए गति सीमा का पालन जरूरी
एक्सप्रेसवे पर बेहतर सड़क और कम अवरोध होने के कारण कई चालक निर्धारित गति से अधिक रफ्तार में वाहन चलाने लगते हैं। ऐसे में कुछ सेकंड की लापरवाही भी गंभीर दुर्घटना का कारण बन सकती है। लंबी दूरी की यात्रा करने वाले चालकों के लिए गति सीमा का पालन करने के साथ पर्याप्त विश्राम लेना और वाहन की स्थिति पर ध्यान देना भी जरूरी है।
उत्तर प्रदेश पुलिस के इस विशेष अभियान के जरिए वाहन चालकों को स्पष्ट संदेश दिया गया है कि एक्सप्रेसवे पर नियमों की अनदेखी करने पर कार्रवाई की जाएगी। सड़क सुरक्षा के लिहाज से अभियान की सफलता इस बात से भी आंकी जाएगी कि आगे चलकर तेज रफ्तार से होने वाली दुर्घटनाओं और उनमें होने वाली जनहानि में कितनी कमी आती है।










