नई दिल्ली, रविवार, 1 नवंबर 2026। भारतीय वायुसेना के वरिष्ठ नेतृत्व में रविवार को महत्वपूर्ण बदलाव हुआ। एयर मार्शल इंदरपाल सिंह वालिया ने वायुसेना के उप प्रमुख (वाइस चीफ ऑफ द एयर स्टाफ) का पदभार संभाल लिया। वहीं, एयर मार्शल मेहताब सिंह देसवाल को पूर्वी वायु कमान का नया एयर ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ (AOC-in-C) नियुक्त किया गया है।
पदभार ग्रहण करने के बाद एयर मार्शल वालिया ने राष्ट्रीय युद्ध स्मारक पहुंचकर देश की रक्षा में सर्वोच्च बलिदान देने वाले सैनिकों को श्रद्धांजलि अर्पित की। इस अवसर पर उन्हें औपचारिक गार्ड ऑफ ऑनर भी दिया गया।
दोनों नियुक्तियां ऐसे समय हुई हैं, जब भारतीय वायुसेना अपने आधुनिकीकरण, लड़ाकू क्षमता के विस्तार और बदलती सुरक्षा चुनौतियों के अनुरूप अपनी परिचालन तैयारियों को मजबूत करने पर ध्यान दे रही है।
एयर मार्शल इंदरपाल सिंह वालिया ने संभाली वायुसेना के उप प्रमुख की जिम्मेदारी
एयर मार्शल इंदरपाल सिंह वालिया इससे पहले पूर्वी वायु कमान के एयर ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ के पद पर कार्यरत थे। अब उन्हें वायुसेना के उप प्रमुख की जिम्मेदारी सौंपी गई है। उन्होंने एयर मार्शल आशुतोष दीक्षित का स्थान लिया है, जिन्होंने 31 अक्टूबर को भारतीय वायुसेना के 29वें प्रमुख का कार्यभार संभाला था।
राष्ट्रीय रक्षा अकादमी (NDA) के पूर्व छात्र एयर मार्शल वालिया ने 11 जून 1988 को भारतीय वायुसेना की लड़ाकू विमान शाखा में कमीशन प्राप्त किया था। लगभग चार दशक के सैन्य करियर में उन्होंने कई महत्वपूर्ण परिचालन, कमान और स्टाफ संबंधी जिम्मेदारियां निभाई हैं।
वह मिग-21, मिग-23, मिग-27, जगुआर और सुखोई-30 एमकेआई के विभिन्न संस्करणों को उड़ाने का अनुभव रखते हैं। लड़ाकू विमानों के संचालन और सैन्य रणनीति से जुड़ा उनका अनुभव वायुसेना के वरिष्ठ नेतृत्व में महत्वपूर्ण माना जाता है।
मिग से सुखोई तक उड़ाए कई लड़ाकू विमान, TACDE की भी संभाली कमान
एयर मार्शल वालिया ने अपने करियर के दौरान अग्रिम पंक्ति के एक लड़ाकू विमान स्क्वाड्रन और टैक्टिक्स एंड एयर कॉम्बैट डेवलपमेंट एस्टैब्लिशमेंट (TACDE) की कमान संभाली है।
इसके अलावा वह वायुसेना स्टेशन बरेली के एयर ऑफिसर कमांडिंग के रूप में भी सेवाएं दे चुके हैं। पूर्वी वायु कमान में वरिष्ठ वायु कार्मिक अधिकारी और वायु स्टाफ निरीक्षण निदेशालय के प्रमुख जैसी महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां भी उनके अनुभव में शामिल हैं।
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी उन्होंने भारतीय वायुसेना का प्रतिनिधित्व किया है। वह जापान और दक्षिण कोरिया स्थित भारतीय दूतावासों में रक्षा अताशे के रूप में कार्य कर चुके हैं।
उनकी शैक्षणिक उपलब्धियां भी उल्लेखनीय हैं। एयर मार्शल वालिया ने ब्रिटेन में एडवांस्ड कमांड एंड स्टाफ कोर्स और बांग्लादेश के राष्ट्रीय रक्षा महाविद्यालय से प्रशिक्षण प्राप्त किया है। उनके पास रक्षा एवं रणनीतिक अध्ययन में तीन स्नातकोत्तर डिग्रियां हैं।
उत्कृष्ट सेवाओं के लिए उन्हें वर्ष 2008 में वायु सेना पदक (VM) और वर्ष 2018 में अति विशिष्ट सेवा पदक (AVSM) से सम्मानित किया जा चुका है।
एयर मार्शल मेहताब सिंह देसवाल बने पूर्वी वायु कमान के नए प्रमुख
वहीं, एयर मार्शल मेहताब सिंह देसवाल ने भी रविवार को पूर्वी वायु कमान के नए एयर ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ के रूप में कार्यभार संभाल लिया। इससे पहले वह दक्षिण पश्चिमी वायु कमान में सीनियर एयर स्टाफ ऑफिसर के पद पर तैनात थे।
एयर मार्शल देसवाल अनुभवी फाइटर पायलट हैं। रक्षा मंत्रालय के अनुसार, उन्हें विभिन्न लड़ाकू विमानों पर 3,200 घंटे से अधिक उड़ान का अनुभव है।
उन्होंने 14 जून 1989 को भारतीय वायुसेना की फ्लाइंग ब्रांच में फाइटर पायलट के रूप में कमीशन प्राप्त किया था। वह राष्ट्रीय रक्षा अकादमी और नेशनल डिफेंस कॉलेज के पूर्व छात्र हैं।
अपने लंबे सैन्य करियर में उन्होंने दो फ्लाइंग बेस के एयर ऑफिसर कमांडिंग और एक लड़ाकू विमान स्क्वाड्रन के कमांडिंग ऑफिसर सहित कई महत्वपूर्ण पदों पर सेवाएं दी हैं।
पाकिस्तान में भी निभा चुके हैं रक्षा अताशे की जिम्मेदारी
एयर मार्शल मेहताब सिंह देसवाल को सैन्य परिचालन के साथ अंतरराष्ट्रीय रक्षा संबंधों का भी अनुभव है। वह पाकिस्तान में भारतीय मिशन में एयर अताशे के रूप में सेवाएं दे चुके हैं।
उनकी विशिष्ट सेवाओं के लिए उन्हें अति विशिष्ट सेवा पदक (AVSM) और वायु सेना पदक (VM) से सम्मानित किया गया है।
पूर्वी वायु कमान के प्रमुख के रूप में उनकी नई जिम्मेदारी महत्वपूर्ण है। इस कमान के अंतर्गत देश के पूर्वी और पूर्वोत्तर क्षेत्रों में वायुसेना की परिचालन गतिविधियों और सुरक्षा संबंधी जिम्मेदारियों का संचालन होता है।
भारतीय वायुसेना के वरिष्ठ नेतृत्व में महत्वपूर्ण बदलाव
एयर मार्शल इंदरपाल सिंह वालिया और एयर मार्शल मेहताब सिंह देसवाल की नई नियुक्तियां भारतीय वायुसेना के वरिष्ठ कमान ढांचे में महत्वपूर्ण बदलाव हैं।
एक ओर वालिया को वायुसेना के शीर्ष प्रशासनिक और परिचालन नेतृत्व में उप प्रमुख की जिम्मेदारी मिली है, वहीं देसवाल पूर्वी वायु कमान की कमान संभालेंगे।
दोनों अधिकारियों के पास लड़ाकू विमानों के संचालन, कमान और सैन्य रणनीति का लंबा अनुभव है। ऐसे में आने वाले समय में वायुसेना की परिचालन तैयारियों, आधुनिकीकरण और क्षेत्रीय सुरक्षा से जुड़ी जिम्मेदारियों में उनकी भूमिकाएं महत्वपूर्ण रहेंगी।













