लखनऊ, रविवार, 1 नवंबर 2026। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अयोध्या के बदलते स्वरूप को लेकर पूर्ववर्ती सरकारों पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2017 से पहले प्रभु श्रीराम की नगरी उपेक्षा, अव्यवस्था और तुष्टीकरण का तेजाबी दंश सहने को विवश थी। आज यही अयोध्या अपनी धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत को संजोते हुए विकास और समृद्धि की नई पहचान बना रही है।
मुख्यमंत्री ने रविवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर अयोध्या की पुरानी और वर्तमान तस्वीर साझा करते हुए यह टिप्पणी की। उन्होंने अपने पोस्ट में राम मंदिर से लेकर आधुनिक हवाई अड्डे और रेलवे स्टेशन तक हुए निर्माण कार्यों का उल्लेख किया। सीएम के मुताबिक, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में रामनगरी की प्राचीन गरिमा को आधुनिक सुविधाओं के साथ नया विस्तार मिला है।
अयोध्या का विकास: 2017 से पहले की व्यवस्थाओं पर योगी ने उठाए सवाल
सीएम योगी आदित्यनाथ ने अपने संदेश में अयोध्या को भारतीय सभ्यता की जन्मभूमि, संस्कृति की प्राणधारा और आस्था की शाश्वत ज्योति बताया। उन्होंने कहा कि पहले श्रद्धालुओं को रामनगरी की यात्रा के दौरान कई कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था। शहर की व्यवस्थाएं जर्जर थीं और स्थानीय परिवारों के सामने आर्थिक संभावनाएं भी सीमित थीं।
मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि पिछली सरकारों के कार्यकाल में अयोध्या को वह महत्व नहीं मिला, जिसकी अपेक्षा उसकी धार्मिक और सांस्कृतिक पहचान के अनुरूप थी। उन्होंने वर्ष 2017 से पहले की स्थिति का जिक्र करते हुए तुष्टीकरण की राजनीति को जिम्मेदार ठहराया।
उनके इस बयान को प्रदेश में अयोध्या के विकास और पूर्ववर्ती सरकारों की नीतियों को लेकर जारी राजनीतिक बहस के संदर्भ में देखा जा रहा है।
राम मंदिर, रामपथ और धर्मपथ से बदली रामनगरी की तस्वीर
मुख्यमंत्री ने अयोध्या में हुए प्रमुख निर्माण कार्यों का उल्लेख करते हुए कहा कि भव्य श्रीराम जन्मभूमि मंदिर, रामपथ, धर्मपथ, अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा और आधुनिक रेलवे स्टेशन ने शहर की पहचान को नया आयाम दिया है।
इन परियोजनाओं का उद्देश्य केवल धार्मिक पर्यटन को सुविधाजनक बनाना नहीं, बल्कि अयोध्या की आधारभूत सुविधाओं और संपर्क व्यवस्था को भी बेहतर बनाना है।
राम मंदिर के निर्माण के बाद देश-विदेश से श्रद्धालुओं की आवाजाही बढ़ी है। ऐसे में सड़कों, रेलवे सुविधाओं, हवाई संपर्क और नगर की व्यवस्थाओं का विस्तार अयोध्या के विकास की महत्वपूर्ण जरूरत बन गया है।
पर्यटन बढ़ने से स्थानीय व्यापार और रोजगार को मिल रहे नए अवसर
सीएम योगी ने कहा कि अयोध्या में विकास का लाभ अब स्थानीय परिवारों तक पहुंच रहा है। उनके अनुसार, बढ़ते पर्यटन से व्यापारिक गतिविधियों को मजबूती मिल रही है और युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर तैयार हो रहे हैं।
रामनगरी में श्रद्धालुओं की बढ़ती आवाजाही से होटल, धर्मशाला, परिवहन, खानपान, स्थानीय बाजार और अन्य सेवा क्षेत्रों में आर्थिक गतिविधियों का विस्तार हुआ है।
मुख्यमंत्री का कहना है कि विकास का वास्तविक उद्देश्य तभी पूरा होता है, जब उसका लाभ आम नागरिकों के घर-आंगन तक पहुंचे। अयोध्या में धार्मिक पर्यटन के साथ स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में भी प्रयास किए जा रहे हैं।
विरासत और आधुनिकता के संगम से बन रही विकसित अयोध्या
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने पोस्ट में कहा कि अयोध्या अब केवल विकास की प्रतीक्षा करने वाली नगरी नहीं रह गई है, बल्कि अपनी सांस्कृतिक विरासत के साथ प्रगति का नया अध्याय लिख रही है।
उन्होंने रामनगरी को असंख्य सनातनियों की आस्था, अस्मिता और आराधना का केंद्र बताते हुए कहा कि अयोध्या ‘विकसित भारत-विकसित उत्तर प्रदेश’ के संकल्प को साकार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।
सीएम के मुताबिक, अयोध्या की प्राचीन पहचान को सुरक्षित रखते हुए आधुनिक सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है। इससे धार्मिक पर्यटन, स्थानीय कारोबार और नगरीय विकास को नई दिशा मिलने की उम्मीद है।
अयोध्या के विकास को लेकर राजनीतिक बयानबाजी भी तेज
अयोध्या का विकास उत्तर प्रदेश की राजनीति में महत्वपूर्ण मुद्दा बना हुआ है। राम मंदिर, धार्मिक पर्यटन, आधारभूत ढांचे और स्थानीय लोगों की आर्थिक भागीदारी को लेकर सरकार लगातार अपनी उपलब्धियां सामने रख रही है।
योगी आदित्यनाथ का ताजा बयान भी इसी संदर्भ में आया है। उन्होंने पुरानी और नई तस्वीरों के माध्यम से अयोध्या में आए बदलाव को रेखांकित करते हुए पूर्ववर्ती सरकारों की नीतियों पर सवाल उठाए हैं।
हालांकि, विकास की व्यापक तस्वीर का आकलन केवल निर्माण परियोजनाओं से नहीं, बल्कि स्थानीय लोगों को मिलने वाले रोजगार, व्यापारिक लाभ, बुनियादी सुविधाओं और विस्थापित परिवारों के पुनर्वास जैसे पहलुओं से भी किया जाना जरूरी है। अयोध्या के लिए विरासत और आधुनिक विकास के बीच संतुलन बनाए रखना आने वाले समय की अहम चुनौती रहेगी।








