लखनऊ (रविवार, 1 नवंबर 2026)। दीपावली पर घर लौटने की खुशी के बाद अब वापसी की चिंता यात्रियों को परेशान करने लगी है। त्योहार मनाने के लिए लखनऊ आने वाले लोगों के सामने अपने शहरों तक लौटना आसान नहीं रह गया है। ट्रेनों में सीटों की किल्लत है और तत्काल कोटे पर निर्भरता बढ़ गई है। दूसरी ओर, हवाई सफर भी जेब पर भारी पड़ रहा है। लखनऊ से मुंबई का विमान किराया 24 हजार रुपये के पार पहुंच गया है, जबकि पुणे और बेंगलुरु जाने वाली कुछ उड़ानों के टिकट 26 हजार रुपये से अधिक में मिल रहे हैं।
दीपावली के आसपास यात्रियों की बढ़ती भीड़ का असर रेल और हवाई यातायात दोनों पर दिखाई दे रहा है। रेलवे में वापसी के लिए 11 नवंबर को सबसे अधिक दबाव है, जबकि विमानों में 15 नवंबर की यात्रा के लिए सीटों की मांग सबसे ज्यादा बताई जा रही है। मुंबई, पुणे, बेंगलुरु, चेन्नई और हैदराबाद जैसे प्रमुख शहरों के लिए हवाई किराये में सामान्य दिनों के मुकाबले दो से तीन गुना तक बढ़ोतरी दर्ज की गई है।
लखनऊ से फ्लाइट का किराया पहुंचा 26 हजार के पार, मुंबई-पुणे के यात्रियों की बढ़ी परेशानी
त्योहारी सीजन में हवाई टिकटों की कीमतों ने यात्रियों का बजट बिगाड़ दिया है। लखनऊ से मुंबई जाने वाली अलग-अलग उड़ानों का किराया करीब 15 हजार रुपये से शुरू होकर 24 हजार रुपये से अधिक तक पहुंच गया है। वहीं, पुणे के लिए एक उड़ान का किराया 26,654 रुपये दर्ज किया गया है।
बेंगलुरु जाने वाले यात्रियों को भी राहत मिलती नहीं दिख रही है। यहां की कुछ उड़ानों का किराया 26 हजार रुपये के करीब पहुंच गया है। चेन्नई और हैदराबाद के लिए भी टिकटों की कीमतें काफी अधिक हैं। ऐसे में जिन यात्रियों ने पहले से टिकट बुक नहीं कराया है, उन्हें अब महंगे किराये पर सफर करना पड़ सकता है।
ट्रेनों में भी सीटों का संकट, तत्काल कोटे का बचा सहारा
रेलवे से यात्रा करने वालों की परेशानी भी कम नहीं है। आठ नवंबर को दीपावली के अवसर पर बड़ी संख्या में लोग ट्रेनों से लखनऊ पहुंच रहे हैं। इसका असर पहले से ही दिखाई देने लगा है। पांच नवंबर से दिल्ली से लखनऊ आने वाली कई ट्रेनों में वेटिंग टिकटों की स्थिति रिग्रेट तक पहुंच गई है। यानी सामान्य आरक्षण में टिकट मिलने की उम्मीद बेहद कम रह गई है।
ऐसे यात्रियों के पास अब तत्काल कोटे का विकल्प बचा है। वहीं, दीपावली के बाद लखनऊ से दूसरे शहरों की ओर लौटने वाले यात्रियों के लिए रेलवे ने विशेष ट्रेनें भी चलाई हैं, लेकिन उनमें भी सीटों की उपलब्धता तेजी से घट रही है।
जानकारी के मुताबिक, करीब सात हजार यात्रियों के पास अब भी स्लीपर और एसी श्रेणी में वेटिंग टिकट हैं। ऐसे में कन्फर्म बर्थ की तलाश कर रहे यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।
11 नवंबर को ट्रेनों में सबसे ज्यादा भीड़, 15 नवंबर को विमानों की मांग चरम पर
यात्रियों की आवाजाही के आंकड़ों में दो अलग-अलग तारीखों पर दबाव दिखाई दे रहा है। ट्रेनों से लखनऊ वापसी के लिए 11 नवंबर सबसे व्यस्त दिन बताया जा रहा है, जबकि हवाई यात्रा करने वालों के बीच 15 नवंबर की मांग अधिक है।
वहीं, छह और सात नवंबर को लखनऊ आने वाली उड़ानों में भी सीटों को लेकर मारामारी है। दीपावली के आसपास घर पहुंचने और त्योहार के बाद कामकाज के लिए वापस लौटने की जल्दबाजी ने हवाई और रेल सेवाओं पर दबाव बढ़ा दिया है।
लखनऊ से प्रमुख शहरों का विमान किराया
त्योहारी सीजन में अलग-अलग एयरलाइंस की उड़ानों में उपलब्ध किराये का विवरण इस प्रकार है:
| उड़ान संख्या | गंतव्य | किराया |
|---|---|---|
| 6E-2052 | मुंबई | ₹15,091 |
| 6E-708 | मुंबई | ₹24,646 |
| AI-2492 | मुंबई | ₹24,226 |
| 6E-6480 | दिल्ली | ₹6,175 |
| AI-2722 | दिल्ली | ₹12,864 |
| AI-1847 | दिल्ली | ₹10,375 |
| IX-1617 | पुणे | ₹26,654 |
| 6E-118 | पुणे | ₹22,886 |
| QP-1522 | बेंगलुरु | ₹26,968 |
| IX-1520 | बेंगलुरु | ₹24,605 |
| 6E-906 | बेंगलुरु | ₹22,086 |
| 6E-325 | बेंगलुरु | ₹19,685 |
| 6E-518 | चेन्नई | ₹21,724 |
| 6E-146 | गुवाहाटी | ₹11,598 |
| 6E-505 | कोलकाता | ₹12,011 |
| 6E-6469 | कोलकाता | ₹10,331 |
| 6E-181 | हैदराबाद | ₹17,386 |
| 6E-6166 | हैदराबाद | ₹15,686 |
| 6E-515 | देहरादून | ₹17,182 |
| 6E-7221 | इंदौर | ₹11,066 |
यात्रियों के सामने महंगे सफर का विकल्प
दीपावली के बाद नौकरी, कारोबार और अन्य जरूरी कामों के लिए लौटने वाले लोगों के सामने अब दोहरी चुनौती है। एक तरफ ट्रेनों में कन्फर्म सीट मिलना मुश्किल हो रहा है, दूसरी तरफ विमान का किराया आम यात्रियों की जेब पर भारी पड़ रहा है।
त्योहारी सीजन में मांग बढ़ने के साथ हवाई टिकटों की कीमतों में उतार-चढ़ाव सामान्य बात है, लेकिन इस बार कुछ प्रमुख रूटों पर किराये का स्तर यात्रियों के लिए चिंता का विषय बन गया है। ऐसे में जिन लोगों की वापसी की तारीख तय है, उनके लिए समय रहते टिकट की उपलब्धता और किराये की जांच करना जरूरी होगा।








