गोंडा/02 नवंबर 2026: गोंडा में सोमवार को विकास योजनाओं के लाभार्थियों के लिए खास दिन रहा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गौरा और मनकापुर विधानसभा क्षेत्रों के विभिन्न योजनाओं से जुड़े लाभार्थियों को मंच पर बुलाकर सम्मानित किया। किसी को आवास की चाबी मिली, तो किसी को सहायता राशि का चेक और स्वीकृति पत्र सौंपा गया। मुख्यमंत्री के हाथों सम्मान पाकर लाभार्थियों के चेहरे खुशी से खिल उठे। उन्होंने सरकार की योजनाओं को अपने परिवार के लिए आर्थिक और सामाजिक संबल बताते हुए मुख्यमंत्री के प्रति आभार जताया।
गोंडा में विकास योजनाओं के लाभार्थियों को सीएम योगी ने किया सम्मानित
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को गोंडा में आयोजित कार्यक्रम के दौरान विभिन्न सरकारी योजनाओं के लाभार्थियों को सहायता प्रदान की। इस अवसर पर प्रतीकात्मक चेक, डेमो कार्ड, आवास की चाबियां और अन्य स्वीकृति पत्र वितरित किए गए।
कार्यक्रम में गौरा और मनकापुर विधानसभा क्षेत्र के लाभार्थियों को विशेष रूप से सम्मानित किया गया। सरकार की ओर से संचालित योजनाओं के जरिए जरूरतमंद परिवारों को स्वास्थ्य, आवास, स्वरोजगार, आजीविका और कृषि क्षेत्र में सहायता उपलब्ध कराने की पहल की गई।
मुख्यमंत्री से सम्मान पाने वाले लाभार्थियों ने कहा कि योजनाओं से उन्हें अपने जीवन में आगे बढ़ने का अवसर मिल रहा है।
आयुष्मान कार्ड से इलाज की चिंता कम होने की उम्मीद
कार्यक्रम में आयुष्मान भारत योजना के लाभार्थी राम प्रताप को आयुष्मान कार्ड का डेमो कार्ड देकर सम्मानित किया गया।
राम प्रताप ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के हाथों आयुष्मान कार्ड प्राप्त करना उनके लिए सपने के सच होने जैसा है। उन्होंने बताया कि इस योजना से परिवार को स्वास्थ्य सुरक्षा मिलने की उम्मीद है और इलाज के खर्च को लेकर चिंता कम होगी।
आयुष्मान भारत योजना के तहत पात्र परिवारों को निर्धारित शर्तों के अनुसार स्वास्थ्य उपचार की सुविधा मिलती है। जरूरतमंद परिवारों के लिए यह योजना गंभीर बीमारी के दौरान आर्थिक बोझ कम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।
संगीता को 85 हजार और घनश्याम को मिली आवास की चाबी
मुख्यमंत्री विवेकाधीन कोष के तहत संगीता को 85 हजार रुपये का डेमो चेक प्रदान किया गया। उन्होंने सहायता के लिए मुख्यमंत्री का धन्यवाद किया और कहा कि इस तरह की आर्थिक मदद मुश्किल समय में परिवार को संबल देती है।
वहीं, घनश्याम को आवास की चाबी सौंपी गई। उन्होंने कहा कि पक्का घर मिलने से उनके परिवार को सुरक्षित छत मिल सकेगी।
कार्यक्रम में मीना को भी आवास की डेमो चाबी प्रदान की गई। इसके अलावा झिनकना देवी को दो लाख रुपये की सहायता का लाभ दिया गया।
आजीविका मिशन और युवा उद्यमी योजना के लाभार्थी भी सम्मानित
स्वरोजगार और आर्थिक आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देने वाली योजनाओं के लाभार्थियों को भी कार्यक्रम में सम्मानित किया गया।
आजीविका मिशन के तहत रेनू वर्मा को 12 करोड़ रुपये का डेमो चेक दिया गया। उन्होंने कहा कि इस धनराशि से स्वयं सहायता समूह को आगे बढ़ाने में मदद मिलेगी।
मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना के तहत बीनू पांडेय को एक लाख 19 हजार रुपये का डेमो चेक प्रदान किया गया। इस सहायता का उद्देश्य उन्हें स्वरोजगार के लिए प्रोत्साहित करना है।
वहीं, मुख्यमंत्री स्वदेशी गो संवर्धन योजना के तहत निर्मला देवी को 50 हजार रुपये की सहायता का चेक दिया गया।
मत्स्य पालन और कृषि योजनाओं से भी मिला लाभ
कार्यक्रम में कृषि और पशुपालन से जुड़ी योजनाओं के लाभार्थियों को भी सम्मानित किया गया।
मिनी नंदिनी कृषक समृद्धि योजना के तहत रामतीर्थ को सम्मानित किया गया। वहीं, प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के लाभार्थी मुस्ताक अहमद को पांच लाख 60 हजार रुपये का डेमो चेक प्रदान किया गया।
इन योजनाओं के जरिए किसानों, पशुपालकों और मत्स्य पालन से जुड़े लोगों को आर्थिक सहायता देकर उनकी आजीविका मजबूत करने का प्रयास किया जा रहा है।
लकी सिंह को स्टडी टेबल देकर बढ़ाया शिक्षा के प्रति उत्साह
कार्यक्रम के दौरान लकी सिंह को स्टडी टेबल प्रदान की गई। इस पहल के जरिए उनकी पढ़ाई के प्रति रुचि और उत्साह बढ़ाने का प्रयास किया गया।
शिक्षा से जुड़ी ऐसी छोटी-छोटी सहायता विद्यार्थियों के लिए उपयोगी साबित हो सकती है। खासकर उन बच्चों के लिए, जिन्हें पढ़ाई के लिए जरूरी संसाधन जुटाने में परिवार की आर्थिक स्थिति के कारण परेशानी होती है।
सरकारी योजनाओं से आत्मनिर्भरता की उम्मीद
गोंडा में आयोजित कार्यक्रम के दौरान विभिन्न योजनाओं के लाभार्थियों के चेहरों पर खुशी साफ दिखाई दी। किसी परिवार को आवास का सहारा मिला, तो किसी को स्वास्थ्य सुरक्षा और स्वरोजगार के लिए आर्थिक मदद।
लाभार्थियों ने कहा कि सरकारी योजनाएं जरूरतमंद लोगों को आर्थिक संबल देने के साथ आत्मनिर्भर बनने का अवसर भी प्रदान कर रही हैं।
हालांकि, योजनाओं का वास्तविक लाभ तभी व्यापक रूप से दिखाई देगा, जब सहायता समय पर पात्र लोगों तक पहुंचे और उसका प्रभावी उपयोग सुनिश्चित हो। गोंडा में लाभार्थियों को सम्मानित करने का यह कार्यक्रम सरकारी योजनाओं के माध्यम से लोगों तक सहायता पहुंचाने की पहल का हिस्सा रहा।








