राजकोट, गुजरात/02 नवंबर 2026: कैंसर के इलाज के लिए अब सौराष्ट्र और कच्छ के मरीजों को बड़े शहरों की दौड़ लगाने से राहत मिलने की उम्मीद है। केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री जेपी नड्डा ने सोमवार को एम्स राजकोट में उन्नत रेडियोथेरेपी सुविधा का उद्घाटन किया। इस आधुनिक चिकित्सा सुविधा से क्षेत्र में कैंसर के इलाज की पहुंच बेहतर होगी। खासकर उन मरीजों को फायदा मिल सकता है, जिन्हें अब तक विशेष उपचार के लिए अहमदाबाद या मुंबई जैसे शहरों का रुख करना पड़ता था। इस अवसर पर जेपी नड्डा ने कहा कि किसी भी व्यक्ति को उसकी भौगोलिक स्थिति या आर्थिक परिस्थितियों के कारण बेहतर कैंसर उपचार से वंचित नहीं रहना चाहिए।
एम्स राजकोट में आधुनिक रेडियोथेरेपी सुविधा शुरू
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने राजकोट स्थित अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) में उन्नत रेडियोथेरेपी सुविधा का शुभारंभ किया। उन्होंने इस सुविधा को देश को समर्पित करते हुए कैंसर उपचार के क्षेत्र में इसे महत्वपूर्ण कदम बताया।
रेडियोथेरेपी कैंसर के उपचार की प्रमुख विधियों में से एक है। इसमें विकिरण की मदद से कैंसर कोशिकाओं को नष्ट करने या उनकी वृद्धि को नियंत्रित करने का प्रयास किया जाता है। आधुनिक तकनीक के माध्यम से उपचार को अधिक सटीक बनाने और आसपास के स्वस्थ ऊतकों पर विकिरण के प्रभाव को कम करने में मदद मिल सकती है।
नई सुविधा के शुरू होने से राजकोट और आसपास के क्षेत्रों में कैंसर मरीजों को बेहतर चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध कराने की दिशा में मदद मिलेगी।
कैंसर मरीजों और परिवारों पर बड़ा आर्थिक बोझ: जेपी नड्डा
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने कहा कि कैंसर केवल मरीज को ही नहीं, बल्कि उसके पूरे परिवार को प्रभावित करता है। बीमारी के कारण चिकित्सा खर्च, भावनात्मक दबाव और सामाजिक चुनौतियां बढ़ जाती हैं।
उन्होंने कहा कि कैंसर के इलाज में समय पर जांच और उपचार बेहद महत्वपूर्ण हैं। किसी भी मरीज को उसकी जगह या आर्थिक स्थिति के कारण बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं से वंचित नहीं होना चाहिए।
नड्डा ने जोर दिया कि स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार केवल बड़े महानगरों तक सीमित नहीं रहना चाहिए। देश के अलग-अलग क्षेत्रों में आधुनिक चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध कराने से मरीजों को समय पर इलाज मिल सकेगा और परिवारों पर यात्रा तथा अन्य खर्चों का बोझ भी कम हो सकता है।
सौराष्ट्र और कच्छ के मरीजों को मिलेगी बड़ी राहत
एम्स राजकोट में नई रेडियोथेरेपी सुविधा का सबसे अधिक लाभ सौराष्ट्र और कच्छ क्षेत्र के मरीजों को मिलने की उम्मीद है।
अब तक इन इलाकों के कई मरीजों को कैंसर के विशेष उपचार के लिए अहमदाबाद और मुंबई जैसे शहरों की ओर जाना पड़ता था। बड़े शहरों में इलाज कराने के दौरान मरीजों और उनके परिजनों को यात्रा, रहने और अन्य खर्चों का सामना करना पड़ता है।
राजकोट में उन्नत उपचार सुविधा उपलब्ध होने से स्थानीय स्तर पर कैंसर चिकित्सा की पहुंच बेहतर हो सकती है। इससे मरीजों को अपने क्षेत्र के नजदीक उपचार कराने का अवसर मिलेगा।
हालांकि, मरीज की बीमारी के प्रकार और अवस्था के आधार पर उपचार की जरूरत अलग-अलग हो सकती है। इसलिए विशेषज्ञ चिकित्सक की सलाह के अनुसार ही इलाज की प्रक्रिया तय की जाएगी।
देश में 22 एम्स में से 18 संस्थान कर रहे काम
जेपी नड्डा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में एम्स संस्थानों के विस्तार का भी उल्लेख किया।
उन्होंने कहा कि पहले देश में केवल नई दिल्ली में एम्स था, लेकिन अब 22 में से 18 एम्स काम कर रहे हैं। इससे लोगों को विशेष और उच्च स्तरीय स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने में मदद मिली है।
केंद्रीय मंत्री ने स्वास्थ्य सेवाओं के विभिन्न स्तरों के बीच बेहतर तालमेल की जरूरत पर भी जोर दिया। उनके अनुसार, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों से लेकर बड़े चिकित्सा संस्थानों तक मरीजों को उनकी जरूरत के मुताबिक उपचार मिलना चाहिए।
स्वास्थ्य सेवाओं का यह नेटवर्क मजबूत होने से मरीजों की समय पर पहचान, रेफरल और उपचार की प्रक्रिया को बेहतर बनाया जा सकता है।
कैंसर स्क्रीनिंग को लेकर जेपी नड्डा ने बताए अहम आंकड़े
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री ने कैंसर की रोकथाम और शुरुआती पहचान के लिए आयुष्मान आरोग्य मंदिरों के माध्यम से चलाए जा रहे जांच अभियानों का भी जिक्र किया।
उन्होंने वर्ष 2018 से अब तक की स्क्रीनिंग के आंकड़े साझा करते हुए बताया:
| बीमारी | जांच का आंकड़ा | सामने आए मामले |
|---|---|---|
| उच्च रक्तचाप | करीब 44 करोड़ | — |
| मधुमेह | करीब 44 करोड़ | — |
| मुंह का कैंसर | करीब 37.7 करोड़ लोगों की जांच | लगभग 2.5 लाख |
| स्तन कैंसर | करीब 17.7 करोड़ महिलाओं की जांच | लगभग 95 हजार |
| गर्भाशय ग्रीवा का कैंसर | करीब 9.8 करोड़ महिलाओं की जांच | लगभग 1 लाख |
मंत्री ने कहा कि इन जांच अभियानों का उद्देश्य बीमारियों की पहचान शुरुआती चरण में करना है। समय पर बीमारी का पता चलने से मरीज उपचार शुरू करा सकते हैं और कई मामलों में बेहतर परिणाम की संभावना बढ़ सकती है।
समय पर जांच और आधुनिक इलाज से मजबूत होगी कैंसर से लड़ाई
कैंसर के खिलाफ लड़ाई में आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं के साथ-साथ जागरूकता और नियमित जांच भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
एम्स राजकोट में उन्नत रेडियोथेरेपी सुविधा का उद्घाटन क्षेत्रीय स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इससे सौराष्ट्र और कच्छ के मरीजों को अपने क्षेत्र के करीब कैंसर उपचार की सुविधा मिल सकेगी।
कैंसर का इलाज बीमारी के प्रकार, अवस्था और मरीज की स्थिति के अनुसार अलग-अलग होता है। ऐसे में शुरुआती पहचान, विशेषज्ञ चिकित्सकों की सलाह और समय पर उपचार मरीजों के लिए महत्वपूर्ण हैं।












