लखनऊ/02 नवंबर 2026: उत्तर प्रदेश की लाखों आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं के लिए दिवाली इस बार खुशियों और आर्थिक राहत का संदेश लेकर आई है। योगी सरकार ने उनके मानदेय में बढ़ोतरी के साथ परिवार को पांच लाख रुपये तक कैशलेस इलाज, तीन साड़ियां और तकनीकी सुविधाओं के विस्तार की व्यवस्था की है। बच्चों के पोषण, स्वास्थ्य और प्रारंभिक शिक्षा की जिम्मेदारी संभालने वाली इन महिलाओं को अब पहले से अधिक आर्थिक संबल मिलेगा। सरकार की इन पहलों से आंगनवाड़ी व्यवस्था को मजबूत करने के साथ कर्मियों के परिवारों की सुरक्षा और सुविधाओं पर भी जोर दिया जा रहा है।
आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं का मानदेय 12 हजार, सहायिकाओं को मिलेंगे 6 हजार रुपये
योगी सरकार ने प्रदेश की आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं के मानदेय में बढ़ोतरी की है। अब कार्यकर्ताओं को 8 हजार रुपये के बजाय 12 हजार रुपये प्रतिमाह और सहायिकाओं को 4 हजार रुपये के स्थान पर 6 हजार रुपये प्रतिमाह मिलेंगे।
इस फैसले से कार्यकर्ताओं को हर महीने चार हजार रुपये और सहायिकाओं को दो हजार रुपये अतिरिक्त मिलेंगे। बढ़े हुए मानदेय से घरेलू खर्च, बच्चों की पढ़ाई और रोजमर्रा की जरूरतों को पूरा करने में मदद मिलने की उम्मीद है।
आंगनवाड़ी कर्मियों की भूमिका केवल बच्चों के पोषण तक सीमित नहीं है। वे गर्भवती महिलाओं, धात्री माताओं और छोटे बच्चों के स्वास्थ्य एवं देखभाल से जुड़ी कई जिम्मेदारियां भी निभाती हैं। ऐसे में मानदेय में बढ़ोतरी उनके काम को आर्थिक सम्मान देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
परिवार को हर साल 5 लाख रुपये तक कैशलेस इलाज की सुविधा
सरकार ने आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं के साथ उनके परिवारों की स्वास्थ्य सुरक्षा पर भी ध्यान दिया है। करीब 3.35 लाख आंगनवाड़ी कर्मियों और उनके परिवार के सदस्यों को हर साल पांच लाख रुपये तक कैशलेस इलाज की सुविधा देने का प्रावधान किया गया है।
इस सुविधा के तहत सरकारी अस्पतालों, मेडिकल कॉलेजों और सूचीबद्ध निजी अस्पतालों में निर्धारित शर्तों के अनुसार उपचार कराया जा सकेगा।
बीमारी के समय इलाज का खर्च कई परिवारों के लिए बड़ी चुनौती बन जाता है। ऐसे में कैशलेस स्वास्थ्य सुविधा मिलने से आंगनवाड़ी कर्मियों के परिवारों को आर्थिक राहत मिलने की उम्मीद है।
अब दो नहीं, तीन साड़ियां मिलेंगी; सरकार खर्च करेगी करीब 20 करोड़ रुपये
आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं को मिलने वाली साड़ियों की संख्या भी बढ़ाई गई है। अब उन्हें पहले की दो साड़ियों के स्थान पर तीन साड़ियां उपलब्ध कराई जाएंगी।
इसके लिए 500 रुपये अतिरिक्त देने की व्यवस्था की गई है। सरकार इस सुविधा पर करीब 20 करोड़ रुपये खर्च कर रही है।
त्योहार के मौके पर यह पहल आंगनवाड़ी कर्मियों के लिए अतिरिक्त सौगात के रूप में सामने आई है। मानदेय वृद्धि और स्वास्थ्य सुरक्षा के साथ इस सुविधा से उनके कार्यस्थल से जुड़े आवश्यक संसाधनों को भी बेहतर बनाने का प्रयास किया जा रहा है।
आंगनवाड़ी केंद्रों को आधुनिक बनाने के लिए स्मार्टफोन की व्यवस्था
प्रदेश में आंगनवाड़ी व्यवस्था को तकनीकी रूप से मजबूत करने के लिए स्मार्टफोन उपलब्ध कराने की पहल भी जारी है।
सरकार के अनुसार, पहले चरण में 1,23,398 स्मार्टफोन उपलब्ध कराए जा चुके हैं। इसके बाद रिप्लेसमेंट पॉलिसी के तहत 69,803 और स्मार्टफोन दिए गए हैं।
इन उपकरणों की मदद से बच्चों के पोषण, स्वास्थ्य और सरकारी योजनाओं से संबंधित जानकारियां डिजिटल माध्यम से दर्ज करना आसान हुआ है। रियल टाइम डेटा उपलब्ध होने से योजनाओं की निगरानी और कार्यप्रणाली में सुधार की उम्मीद है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश के प्रत्येक आंगनवाड़ी केंद्र को अपना भवन उपलब्ध कराने का लक्ष्य भी रखा है। इससे केंद्रों पर बच्चों की देखभाल और पोषण संबंधी गतिविधियों के संचालन के लिए बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सकेंगी।
कोरोना काल में भी आंगनवाड़ी कर्मियों ने निभाई अहम भूमिका
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं के योगदान की सराहना की है। उन्होंने इन कर्मियों की भूमिका को बच्चों के भविष्य की नींव बताते हुए उनके काम को महत्वपूर्ण माना।
कोरोना महामारी के दौरान भी आंगनवाड़ी कर्मियों ने गांव-गांव पहुंचकर स्क्रीनिंग और संक्रमित लोगों की सेवा में अहम भूमिका निभाई थी।
ग्रामीण क्षेत्रों में बच्चों के पोषण, स्वास्थ्य जागरूकता और मातृ देखभाल से जुड़ी योजनाओं को लोगों तक पहुंचाने में इन महिलाओं का योगदान महत्वपूर्ण रहा है। सरकार की ओर से मानदेय, स्वास्थ्य सुरक्षा और तकनीकी सुविधाओं का विस्तार इसी भूमिका को मजबूत करने की दिशा में किया जा रहा है।
1.75 लाख से अधिक कार्यकर्ताओं और 1.70 लाख सहायिकाओं को मिलेगा लाभ
अपर मुख्य सचिव, महिला एवं बाल विकास विभाग लीना जौहरी ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मार्गदर्शन में प्रदेश सरकार आंगनवाड़ी कर्मियों के आर्थिक सशक्तीकरण और सामाजिक सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध है।
उन्होंने बताया कि प्रदेश में 1,75,982 आंगनवाड़ी कार्यकर्ता और 1,70,656 सहायिकाएं कार्यरत हैं। मानदेय में वृद्धि से उन्हें हर महीने अतिरिक्त आर्थिक संबल मिलेगा।
लीना जौहरी के अनुसार, परिवार को पांच लाख रुपये तक कैशलेस इलाज की सुविधा देने का निर्णय भी कर्मियों के जीवन में सुरक्षा का भरोसा बढ़ाएगा। सरकार का प्रयास है कि बच्चों के पोषण और देखभाल में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाली इन महिलाओं को बेहतर सुविधाएं और सम्मान मिले।
मानदेय बढ़ने से घर का बजट होगा मजबूत, कार्यकर्ताओं ने जताई खुशी
आंगनवाड़ी कार्यकर्ता सावित्री ने कहा कि मानदेय में बढ़ोतरी का फैसला सभी कार्यकर्ताओं के लिए खुशी की बात है। हर महीने चार हजार रुपये अतिरिक्त मिलने से घर के खर्च और बच्चों की जरूरतों को पूरा करने में मदद मिलेगी।
वहीं, सीमा ने कहा कि मानदेय बढ़ने के साथ पूरे परिवार को पांच लाख रुपये तक कैशलेस इलाज की सुविधा मिलना बेहद महत्वपूर्ण है। बीमारी के समय आर्थिक परेशानी का सामना करना पड़ता है, लेकिन नई व्यवस्था से राहत मिलने की उम्मीद है।








