प्रयागराज/5 नवंबर 2026: उत्तर प्रदेश में डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर को नई मजबूती देने की दिशा में प्रयागराज एक अहम कदम बढ़ाने जा रहा है। शहर की सरस्वती हाईटेक सिटी में 220 करोड़ रुपये की लागत से 10 मेगावाट क्षमता का अत्याधुनिक डाटा सेंटर स्थापित किया जाएगा। इस परियोजना के लिए उत्तर प्रदेश राज्य औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यूपीसीडा) ने भारती एयरटेल समूह की कंपनी एयरटेल एनएक्सट्रा प्राइवेट लिमिटेड को 4.43 एकड़ भूमि आवंटित करने के लिए लेटर ऑफ इंटेंट (एलओआई) जारी कर दिया है। परियोजना के शुरू होने से करीब 300 लोगों के लिए प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर पैदा होने की उम्मीद है।
डाटा सेंटर की स्थापना से प्रयागराज में डिजिटल सेवाओं, क्लाउड कंप्यूटिंग और डाटा स्टोरेज से जुड़ी गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा। यह परियोजना प्रदेश में तेजी से विकसित हो रहे डिजिटल और औद्योगिक ढांचे को नई गति देने के साथ प्रयागराज को तकनीकी निवेश के उभरते केंद्र के रूप में स्थापित करने में मददगार साबित हो सकती है।
Prayagraj Data Center: सरस्वती हाईटेक सिटी में आवंटित हुई 4.43 एकड़ जमीन
यूपीसीडा के मुख्य कार्यपालक अधिकारी डॉ. बलकार सिंह के अनुसार, प्रयागराज के सरस्वती हाईटेक सिटी में प्रस्तावित डाटा सेंटर के लिए भूमि आवंटन की प्रक्रिया पूरी कर ली गई है। एयरटेल एनएक्सट्रा प्राइवेट लिमिटेड को औद्योगिक क्षेत्र में प्लॉट संख्या पांच और सात आवंटित किए गए हैं।
कंपनी इस भूमि पर 10 मेगावाट क्षमता का डाटा सेंटर स्थापित करेगी। परियोजना के लिए 220 करोड़ रुपये के निवेश का प्रस्ताव है। भूमि आवंटन के बाद अब इस महत्वाकांक्षी परियोजना के आगे बढ़ने का रास्ता साफ हुआ है।
सरस्वती हाईटेक सिटी पहले से ही औद्योगिक और तकनीकी विकास के लिहाज से महत्वपूर्ण क्षेत्र है। ऐसे में डाटा सेंटर जैसी परियोजना यहां निवेश की संभावनाओं को और मजबूत कर सकती है।
डाटा सेंटर से क्लाउड सेवाओं और डाटा स्टोरेज को मिलेगा बढ़ावा
डिजिटल दौर में डाटा सेंटर की भूमिका लगातार महत्वपूर्ण होती जा रही है। इंटरनेट आधारित सेवाओं, ऑनलाइन कारोबार, डिजिटल भुगतान, क्लाउड कंप्यूटिंग और विभिन्न संस्थानों के डाटा को सुरक्षित रखने के लिए डाटा सेंटर जरूरी आधारभूत संरचना उपलब्ध कराते हैं।
प्रयागराज में प्रस्तावित 10 मेगावाट क्षमता का डाटा सेंटर भी इसी दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। यूपीसीडा के सीईओ डॉ. बलकार सिंह ने बताया कि इससे डाटा स्टोरेज, क्लाउड सेवाओं और सूचना प्रौद्योगिकी से जुड़ी गतिविधियों को प्रोत्साहन मिलेगा।
डाटा सेंटर की स्थापना से क्षेत्र में डिजिटल सेवाओं के विस्तार के लिए जरूरी तकनीकी आधार विकसित होगा। इससे प्रयागराज को डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर के उभरते केंद्र के रूप में पहचान दिलाने में मदद मिल सकती है।
220 करोड़ के निवेश से करीब 300 लोगों को रोजगार की उम्मीद
प्रयागराज में प्रस्तावित डाटा सेंटर का एक महत्वपूर्ण पहलू रोजगार सृजन भी है। परियोजना के शुरू होने से लगभग 300 लोगों को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार मिलने की उम्मीद जताई गई है।
डाटा सेंटर के संचालन में तकनीकी विशेषज्ञों, आईटी कर्मचारियों, इंजीनियरों और विभिन्न सहायक सेवाओं से जुड़े लोगों की आवश्यकता होती है। इसके अलावा निर्माण और रखरखाव से संबंधित गतिविधियों के जरिए भी रोजगार के अवसर पैदा हो सकते हैं।
हालांकि, रोजगार की वास्तविक संख्या परियोजना के निर्माण और संचालन के चरणों के अनुसार निर्धारित होगी।
यूपी में डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने की दिशा में अहम कदम
उत्तर प्रदेश में औद्योगिक निवेश के साथ-साथ डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर के विकास पर भी जोर दिया जा रहा है। प्रयागराज में एयरटेल एनएक्सट्रा का डाटा सेंटर इसी प्रयास का हिस्सा है।
220 करोड़ रुपये के प्रस्तावित निवेश और 10 मेगावाट क्षमता वाली यह परियोजना स्थानीय स्तर पर तकनीकी गतिविधियों को बढ़ावा देने के साथ प्रदेश के डिजिटल इकोसिस्टम को मजबूत कर सकती है।
सरस्वती हाईटेक सिटी में भूमि आवंटन के बाद अब परियोजना के निर्माण और संचालन से जुड़ी अगली प्रक्रियाओं पर नजर रहेगी। इसके धरातल पर उतरने से प्रयागराज के औद्योगिक विकास को नई दिशा मिलने की उम्मीद है।








