नई दिल्ली (Fri, 06 Nov 2026)। भारत और न्यूजीलैंड के बीच वनडे सीरीज का रोमांच जारी है। टी-20 सीरीज में 3-2 से जीत हासिल करने के बाद भारतीय टीम पांच मैचों की वनडे सीरीज में 1-0 से आगे है। इस बीच टीम इंडिया के फील्डिंग कोच शुभदीप घोष ने न्यूजीलैंड की परिस्थितियों और भारतीय खिलाड़ियों की तैयारियों को लेकर अहम बातें साझा की हैं।
घोष के मुताबिक, न्यूजीलैंड में छोटी बाउंड्री क्षेत्ररक्षकों के लिए चुनौतीपूर्ण होती है। गेंद तेजी से बाउंड्री तक पहुंचती है, ऐसे में फील्डर्स के पास प्रतिक्रिया देने का समय कम रह जाता है। हालांकि, विराट कोहली और रोहित शर्मा जैसे अनुभवी खिलाड़ी अपने अनुभव के दम पर इन परिस्थितियों को बेहतर तरीके से संभाल सकते हैं।
टी दिलीप की जगह अगस्त में भारतीय टीम के फील्डिंग कोच बने शुभदीप घोष ने बताया कि टीम की तैयारियों में स्थिरता, गेंद को भांपने और सही मूवमेंट पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
कैचिंग सुधारने पर टीम इंडिया का खास फोकस
दूसरे वनडे से पहले शुभदीप घोष ने पहले मैच में भारतीय टीम की फील्डिंग को संतोषजनक बताया। उन्होंने कहा कि टीम ने कुछ अच्छे कैच पकड़े और मैदान पर शानदार प्रदर्शन किया।
हालांकि, कोच ने यह भी माना कि कैच छूटना खेल का हिस्सा है। कई बार खिलाड़ियों से गलतियां होती हैं, लेकिन टीम इन कमियों को दूर करने के लिए लगातार मेहनत कर रही है।
घोष ने कहा कि अभ्यास के दौरान कैचिंग पर विशेष जोर दिया जाता है। न्यूजीलैंड की परिस्थितियों में गेंद की दिशा और गति को समझना, शरीर का संतुलन बनाए रखना और सही समय पर मूवमेंट करना बेहद जरूरी है।
ड्रेसिंग रूम में भी इन पहलुओं पर चर्चा होती है, ताकि खिलाड़ी मैदान पर बेहतर निर्णय ले सकें।
विराट कोहली की शानदार फील्डिंग के पीछे क्या है राज?
पहले वनडे में विराट कोहली के शानदार कैच की चर्चा के बीच फील्डिंग कोच शुभदीप घोष ने उनकी तारीफ की। उन्होंने कहा कि फील्डिंग में अनुमान लगाना बेहद अहम होता है।
विराट कोहली लंबे समय से कवर्स और पॉइंट जैसे क्षेत्रों में फील्डिंग करते आए हैं। इस अनुभव के कारण उन्हें गेंद की दिशा, उसके संभावित प्रभाव और बल्लेबाज के शॉट को समझने में मदद मिलती है।
घोष के अनुसार, विराट परिस्थितियों को दूसरे खिलाड़ियों की तुलना में जल्दी भांप लेते हैं। यही वजह है कि वह मुश्किल मौकों पर भी शानदार फील्डिंग करने में सफल रहते हैं।
रोहित शर्मा के पास भी है कुदरती काबिलियत
फील्डिंग कोच ने रोहित शर्मा की तारीफ करते हुए कहा कि उनके साथ भी कुछ ऐसा ही है। रोहित गेंद को जल्दी भांप लेते हैं और उनके फैसलों में अनुभव के साथ कुदरती काबिलियत की झलक दिखाई देती है।
पहले वनडे में रोहित शर्मा के थ्रो पर हुआ रन आउट इसका उदाहरण रहा। घोष का मानना है कि अनुभवी खिलाड़ियों की यह समझ टीम के लिए बेहद उपयोगी साबित होती है।
भारतीय टीम के लिए आगामी मुकाबलों में फील्डिंग की भूमिका और भी महत्वपूर्ण रहने वाली है। छोटी बाउंड्री पर एक शानदार कैच या सटीक थ्रो मैच का रुख बदल सकता है। ऐसे में टीम इंडिया की कोशिश होगी कि कैचिंग और मैदान पर चुस्ती के मामले में कोई कमी न रहे।













