लखनऊ/7 नवंबर 2026: दीपावली के त्योहार को देखते हुए उत्तर प्रदेश सरकार ने प्रदेशभर के अस्पतालों को अलर्ट मोड पर रखा है। पटाखों से जलने, सड़क दुर्घटनाओं और अन्य आपात स्थितियों में मरीजों को तत्काल इलाज मिल सके, इसके लिए मेडिकल कॉलेजों से लेकर जिला और मंडलीय अस्पतालों तक विशेष इंतजाम किए गए हैं। अस्पतालों में अतिरिक्त बेड आरक्षित किए गए हैं, जबकि डॉक्टरों, नर्सिंग और पैरामेडिकल स्टाफ की ड्यूटी भी तय कर दी गई है। किसी भी मेडिकल इमरजेंसी में लोग 108 एंबुलेंस सेवा पर कॉल कर सकते हैं। वहीं, गर्भवती महिलाओं और दो साल तक के बच्चों के लिए 102 एंबुलेंस सेवा 24 घंटे उपलब्ध रहेगी।
दिवाली पर 108 एंबुलेंस सेवा 24 घंटे रहेगी हाई अलर्ट पर
दीपावली के दौरान किसी भी मेडिकल इमरजेंसी से निपटने के लिए प्रदेश की 108 और 102 एंबुलेंस सेवाओं को 24 घंटे अलर्ट पर रखा गया है। एंबुलेंस सेवा प्रदाता संस्था ने सभी वाहनों को मुस्तैद रहने और जरूरत पड़ने पर जल्द से जल्द पीड़ित तक जीवनरक्षक सेवाएं पहुंचाने के निर्देश दिए हैं।
उत्तर प्रदेश में 108 और 102 एंबुलेंस सेवा का संचालन करने वाली संस्था ईएमआरआई के प्रेसिडेंट टीवीएसके रेड्डी के मुताबिक, दिवाली पर 108 सेवा की सभी 2,200 एंबुलेंस तैयार रहेंगी। पुलिस और प्रशासन के सहयोग से इन्हें दुर्घटना संभावित हॉटस्पॉट पर तैनात किया जाएगा, ताकि सूचना मिलते ही मरीज तक जल्द पहुंचा जा सके।
सभी एंबुलेंस में जीवनरक्षक दवाओं और जरूरी उपकरणों की उपलब्धता सुनिश्चित की गई है। सड़क दुर्घटना, पटाखों से जलने, हार्ट अटैक, सांस लेने में परेशानी या किसी अन्य गंभीर स्वास्थ्य समस्या की स्थिति में 108 नंबर पर कॉल किया जा सकता है।
पटाखों से जलने पर क्या करें? डॉक्टर ने दी जरूरी सलाह
दीपावली के दौरान पटाखों और दीयों से जलने का खतरा बना रहता है। ऐसे में प्राथमिक उपचार की जानकारी होना बेहद जरूरी है। ईएमआरआई ग्रीन हेल्थ सर्विसेज के ईएमएलसी हेड डॉ. दाउद हुसामी ने जलने की स्थिति में कुछ जरूरी सावधानियां बताई हैं।
- जले हुए हिस्से पर तुरंत सामान्य ठंडा या नल का पानी डालें। सामान्य छोटे जलने पर करीब 20 मिनट तक ठंडे बहते पानी से ठंडा करना उपयोगी माना जाता है।
- जले हुए हिस्से पर बर्फ या आइस का इस्तेमाल न करें।
- जले हुए स्थान पर टूथपेस्ट, हल्दी, नमक, स्याही या अन्य घरेलू चीजों का लेप न लगाएं।
- जले हुए हिस्से पर कसकर पट्टी या कपड़ा न बांधें। उसे साफ, मुलायम कपड़े से हल्के से ढकें।
- त्वचा से चिपके कपड़े को जबरन न हटाएं और फफोले न फोड़ें।
- गंभीर रूप से जलने, चेहरे या आंखों पर चोट लगने अथवा सांस लेने में परेशानी होने पर तत्काल चिकित्सा सहायता लें।
पटाखों से जलने या किसी अन्य गंभीर दुर्घटना की स्थिति में 108 पर कॉल करें और डॉक्टर से इलाज कराएं। World Health Organization+2
गर्भवती महिलाओं और बच्चों के लिए 102 एंबुलेंस सेवा
दीपावली के दौरान गर्भवती महिलाओं और दो साल तक के बच्चों के लिए 102 एंबुलेंस सेवा भी 24 घंटे उपलब्ध रहेगी। प्रदेश सरकार की ओर से संचालित इस सेवा के तहत कुल 2,270 एंबुलेंस निःशुल्क उपलब्ध कराई जा रही हैं।
जरूरत पड़ने पर 102 या 108 नंबर पर कॉल करके निःशुल्क एंबुलेंस सेवा प्राप्त की जा सकती है।
इन परिस्थितियों में तुरंत 108 डायल करें
108
निःशुल्क आपातकालीन एंबुलेंस सेवा
- पटाखों या किसी अन्य कारण से जलने पर
- सड़क दुर्घटना या गंभीर चोट लगने पर
- अचानक सीने में दर्द या हार्ट अटैक के लक्षण होने पर
- सांस लेने में तकलीफ होने पर
- अचानक बेहोश होने या गंभीर स्वास्थ्य समस्या होने पर
- कुत्ते, सांप या अन्य जानवर के काटने पर
- किसी अन्य मेडिकल इमरजेंसी में
लखनऊ के प्रमुख अस्पतालों में करीब 100 बेड आरक्षित
दीपावली पर पटाखों से होने वाले हादसों को देखते हुए लखनऊ के प्रमुख सरकारी अस्पतालों और चिकित्सा संस्थानों में करीब 100 बेड आरक्षित किए गए हैं। इनमें केजीएमयू, लोहिया संस्थान, बलरामपुर अस्पताल, सिविल अस्पताल और लोकबंधु अस्पताल शामिल हैं।
इमरजेंसी में 24 घंटे इलाज सुनिश्चित करने के लिए डॉक्टरों, नर्सिंग और पैरामेडिकल स्टाफ की ड्यूटी लगाई गई है। आईसीयू और बर्न यूनिट में भी बेड आरक्षित किए गए हैं।
पटाखों से जलने, आंखों में चोट लगने, हाथ-पैर में गंभीर जख्म और सड़क दुर्घटनाओं के मरीजों को ध्यान में रखते हुए प्लास्टिक सर्जरी, जनरल सर्जरी, हड्डी रोग, ईएनटी, नेत्र रोग और मेडिसिन विभाग के विशेषज्ञ डॉक्टरों को अलर्ट पर रखा गया है।
बलरामपुर अस्पताल में 20 बेड आरक्षित
बलरामपुर अस्पताल के सीएमएस डॉ. हिमांशु चतुर्वेदी के मुताबिक, इमरजेंसी में 24 घंटे मरीजों को इलाज उपलब्ध कराया जाएगा। जनरल सर्जरी, मेडिसिन, ईएनटी, नेत्र रोग समेत अन्य विशेषज्ञ डॉक्टरों की ड्यूटी लगाई गई है। पैरामेडिकल और नर्सिंग स्टाफ भी तैनात रहेगा।
अस्पताल की इमरजेंसी में 20 बेड आरक्षित किए गए हैं, ताकि हादसों में घायल मरीजों को तत्काल भर्ती कर उपचार दिया जा सके।
सिविल अस्पताल में 25 बेड आरक्षित
सिविल अस्पताल के निदेशक डॉ. जीपी गुप्ता ने बताया कि दीपावली पर हादसों से निपटने के लिए 25 बेड रिजर्व किए गए हैं। प्लास्टिक सर्जन, हड्डी रोग, जनरल सर्जरी समेत जरूरी विभागों के डॉक्टरों की ऑनकॉल ड्यूटी लगाई गई है।
गंभीर मरीजों को भर्ती करने और इलाज में किसी तरह की परेशानी न हो, इसके लिए जरूरी जांचों की सुविधाएं भी उपलब्ध रहेंगी।
लोहिया संस्थान में 10 बेड आरक्षित
लोहिया संस्थान के प्रवक्ता डॉ. भुवन चन्द्र तिवारी के मुताबिक, इमरजेंसी में 10 बेड आरक्षित किए गए हैं। हृदय रोग, सर्जरी, मेडिसिन, ईएनटी और गायनी समेत अन्य विभागों के डॉक्टरों को मुस्तैद किया गया है।
पैरामेडिकल और नर्सिंग स्टाफ की भी ड्यूटी लगाई गई है। किसी अनहोनी की स्थिति में घायलों को तत्काल उपचार उपलब्ध कराया जाएगा।









