लखनऊ (16 अक्टूबर 2025): उत्तर प्रदेश सरकार ने बाल विकास सेवा एवं पुष्टाहार विभाग में 69,206 पदों पर भर्ती की बड़ी प्रक्रिया शुरू करने की तैयारी कर ली है। इन पदों में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और आंगनबाड़ी सहायिका दोनों श्रेणियों की नियुक्तियां शामिल हैं। मुख्य सचिव एस.पी. गोयल ने विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिया है कि भर्ती की समय-सारिणी (Time Table) जल्द तैयार कर पारदर्शी और निष्पक्ष प्रक्रिया सुनिश्चित की जाए।
👩🍼 कुल 69,206 पदों में शामिल हैं हजारों अवसर
बैठक में प्रस्तुत आंकड़ों के अनुसार, विभाग में कुल 69,206 पदों में से—
- 7,952 पद आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के हैं,
- जबकि 61,254 पद सहायिकाओं के लिए निर्धारित किए गए हैं।
अपर मुख्य सचिव (महिला कल्याण) लीना जौहरी ने जानकारी दी कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के रिक्त पदों में—
- 2,123 पद पूर्व चयन प्रक्रिया से आच्छादित,
- 306 नवसृजित केंद्रों से संबंधित, और
- 5,523 पद मिनी आंगनबाड़ी कार्यकर्ता से मुख्य आंगनबाड़ी कार्यकर्ता में परिवर्तित किए गए हैं।
वहीं, सहायिकाओं के रिक्त पदों में
- 38,994 पद सेवानिवृत्ति और मृत्यु जैसे कारणों से रिक्त हुए,
- जबकि 22,260 पद उन केंद्रों से जुड़े हैं जिन्हें मुख्य आंगनबाड़ी केंद्रों में अपग्रेड किया गया है।
🗓️ मुख्य सचिव ने कहा — हर जिले में तय हो चरणवार टाइमलाइन
मुख्य सचिव एस.पी. गोयल ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि प्रत्येक चरण की स्पष्ट समय-सीमा तय की जाए और हर जिले में डीएम की अध्यक्षता में एक भर्ती निगरानी समिति गठित की जाए।
उन्होंने कहा कि भर्ती प्रक्रिया में एकरूपता, निष्पक्षता और समयबद्धता तीनों का पालन सुनिश्चित होना चाहिए।
“सरकार चाहती है कि यह भर्ती न सिर्फ पारदर्शी हो, बल्कि समय पर पूरी भी की जाए, ताकि प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों में बाल विकास सेवाएं और मजबूत हों,” — मुख्य सचिव ने कहा।
🌿 ‘सक्षम आंगनबाड़ी’ मिशन को गति देने के निर्देश
बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि प्रदेश में स्वीकृत 23,697 आंगनबाड़ी केंद्रों को “सक्षम आंगनबाड़ी केंद्र” के रूप में विकसित किया जाएगा।
इसके तहत पांच प्रमुख घटकों —
- पोषण वाटिका,
- रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम,
- आरओ मशीन,
- एलईडी स्क्रीन, और
- ईसीसीई मैटेरियल, बाला पेंटिंग एवं माइनर सिविल वर्क्स —
को हर केंद्र में लागू किया जाएगा।
मुख्य सचिव ने कहा कि निर्माणाधीन भवनों का कार्य तेज किया जाए और “पोषण भी, पढ़ाई भी” कार्यक्रम के तहत आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं का तीन दिवसीय प्रशिक्षण शीघ्र पूरा कराया जाए।
⚖️ महिला एवं बाल सम्मान कोष के लंबित मामलों पर सख्त रुख
मुख्य सचिव ने “रानी लक्ष्मीबाई महिला एवं बाल सम्मान कोष” से जुड़े लंबित प्रकरणों का इस माह के अंत तक निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए। उन्होंने चेतावनी दी कि किसी भी जिले में फाइलें अनावश्यक रूप से लंबित पाई गईं तो संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
बैठक में निदेशक महिला कल्याण संदीप कौर, निदेशक बाल विकास सेवा एवं पुष्टाहार सरनीत कौर ब्रोका सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
🌸 आंगनबाड़ी भर्ती से ग्रामीण महिलाओं को मिलेगा बड़ा अवसर
विशेषज्ञों का मानना है कि यह Anganwadi Recruitment 2025 राज्य की ग्रामीण अर्थव्यवस्था और महिला सशक्तिकरण दोनों के लिए मील का पत्थर साबित होगी। इस भर्ती से हजारों ग्रामीण परिवारों को स्थायी रोजगार और बच्चों की पोषण सेवाओं में स्थिरता मिलेगी।








