लखनऊ (Sat, 18 Oct 2025): बिजली उपभोक्ताओं के लिए राहत की खबर है। अब नया विद्युत कनेक्शन लेते समय Smart Prepaid Meter की पूरी राशि एकमुश्त देने की अनिवार्यता नहीं रहेगी। उपभोक्ता चाहें तो इसकी लागत किस्तों में चुका सकेंगे।
उत्तर प्रदेश पावर कॉर्पोरेशन लिमिटेड (UPPCL) ने शनिवार को इस संबंध में नया आदेश जारी किया, जिससे हजारों नए उपभोक्ताओं को आर्थिक सहूलियत मिलेगी।
🔹 Smart Prepaid Meter भुगतान के दो विकल्प
कॉर्पोरेशन ने उपभोक्ताओं को दो विकल्प दिए हैं।
पहला — आवेदन करते समय उपभोक्ता झटपट पोर्टल पर सिंगल फेज Smart Prepaid Meter के लिए एकमुश्त ₹6016 जमा कर सकता है।
दूसरा — वही राशि अब किस्तों में भी जमा की जा सकती है। यह भुगतान “कास्ट डाटा बुक” में निर्दिष्ट दरों के अनुरूप होगा।
पावर कॉर्पोरेशन के इस फैसले से गरीब और मध्यम वर्गीय उपभोक्ताओं को काफी राहत मिलेगी, क्योंकि सितंबर में जारी आदेश के बाद नए कनेक्शन केवल स्मार्ट प्रीपेड मीटर से ही दिए जाने लगे थे, जिससे मीटर की लागत एक झटके में छह गुना तक बढ़ गई थी।
🔹 झुग्गी-झोपड़ी और पटरी दुकानदारों के लिए विशेष सुविधा
कॉर्पोरेशन ने झुग्गी झोपड़ी और पटरी दुकानदारों के लिए भी दो आसान भुगतान विकल्प रखे हैं।
- पहला विकल्प: ₹160 प्रति माह की दर से 60 महीने तक भुगतान।
- दूसरा विकल्प: कनेक्शन लेते समय ₹1000 अग्रिम जमा कर शेष राशि ₹125 प्रति माह की दर से 60 महीने तक।
इससे उन उपभोक्ताओं को भी कनेक्शन लेने में आसानी होगी जो एकमुश्त राशि जमा करने में असमर्थ थे।
🔹 अन्य उपभोक्ताओं के लिए 12 किस्तों में भुगतान की सुविधा
झुग्गी या पटरी दुकानदारों के अलावा अन्य उपभोक्ताओं को 12 समान किस्तों में भुगतान की सुविधा दी गई है। इन किस्तों पर 12.5% ट्रांसफर चार्ज भी लागू होगा।
यह व्यवस्था उपभोक्ता-अनुकूल नीति के रूप में देखी जा रही है, जो बिजली कनेक्शन प्रक्रिया को अधिक लचीला और सुलभ बनाती है।
💬 जनता के लिए राहत, कॉर्पोरेशन के लिए पारदर्शिता
ऊर्जा विभाग के अधिकारियों का कहना है कि यह निर्णय उपभोक्ताओं की परेशानी को ध्यान में रखकर लिया गया है। पिछले कुछ महीनों में भारी संख्या में शिकायतें आ रही थीं कि एकमुश्त ₹6016 की राशि गरीब वर्ग के लिए बोझ बन रही थी। अब किस्तों का विकल्प देकर न केवल राहत दी गई है, बल्कि भुगतान प्रक्रिया को पारदर्शी और व्यवस्थित बनाया गया है।
🔹 H2: Smart Prepaid Meter से जुड़े लाभ
स्मार्ट प्रीपेड मीटर उपभोक्ताओं को अपने बिजली उपयोग पर बेहतर नियंत्रण देता है। इससे बिलिंग की पारदर्शिता बढ़ती है और बिजली चोरी पर अंकुश लगता है।
कंपनियों के मुताबिक, प्रीपेड मीटर लगाने से राजस्व हानि में लगभग 15–20% की कमी आती है। उपभोक्ताओं के लिए यह मीटर ‘रिचार्ज एंड यूज’ मॉडल पर काम करता है, जिससे उन्हें बिलिंग विवादों से मुक्ति मिलती है।
🧭 निष्कर्ष
UPPCL का यह निर्णय प्रदेश में बिजली उपभोक्ताओं के लिए Smart Prepaid Meter व्यवस्था को अधिक सर्वसुलभ बनाएगा। एकमुश्त भुगतान की बाध्यता खत्म होने से अब गरीब, झुग्गीवासियों और छोटे व्यापारियों के लिए भी बिजली कनेक्शन लेना आसान होगा।












