नई दिल्ली, 05 नवंबर 2025 (बुधवार)। फिलीपींस इन दिनों ऐसी प्राकृतिक मार झेल रहा है, जिसने पूरे देश को दहला दिया है। भूकंप के दर्द से अभी उबरा भी नहीं गया था कि Typhoon Kalmaegi ने दक्षिणी चीन सागर से दस्तक देकर चारों ओर तबाही मचा दी। अब तक की जानकारी के अनुसार, इस भीषण टाइफून और इसके बाद आई सुनामी जैसी बाढ़ में कुल 66 लोगों की जान जा चुकी है, जबकि 26 से ज्यादा लोग गंभीर रूप से घायल हैं।
टाइफून की रफ्तार बनी मौत का कारण
मौसम विभाग की रिपोर्ट के मुताबिक, टाइफून कलामागी के दौरान हवाओं की रफ्तार 130 से 180 किलोमीटर प्रति घंटे तक थी, जिसने सेंट्रल फिलीपींस के कई इलाकों में घरों, इमारतों, पुलों और सड़कें तिनके की तरह बिखेर दीं। तटीय इलाकों में समुद्र का पानी अचानक उफना और कई घरों के भीतर घुस गया। उग्र लहरों ने ऐसा तांडव मचाया कि 49 लोग तेज बहाव में बह गए।
“इमारतें हमें बचाने के लिए खड़ी थीं, लेकिन अब उनके अवशेष भी नहीं बचे,” कीबू प्रांत की एक वृद्ध महिला ने रोते हुए स्थानीय रिपोर्टरों को बताया।
रेस्क्यू हेलीकॉप्टर भी नहीं बचा
बचाव कार्य में लगे एक सैन्य हेलीकॉप्टर का भी हादसे का शिकार होना इस आपदा की भयावहता को दर्शाता है। यह हेलीकॉप्टर उन क्षेत्रों में राहत सामग्री ले जा रहा था, जहां लोग पानी में फंसे थे। दुर्भाग्य से खराब मौसम के कारण उसका संतुलन बिगड़ गया और वह गिरकर दुर्घटनाग्रस्त हो गया। हादसे में 6 राहतकर्मियों ने अपनी जान गंवा दी।
सरकारी अधिकारी राउल डेला क्रूज़ ने मीडिया को बताया, “हमें अंदेशा था कि तूफान आएगा, लेकिन ये विनाशकारी बाढ़ अप्रत्याशित थी। हालात इतने बदतर हैं कि कई जगह पहुंचना भी नामुमकिन हो गया है।”
भूस्खलन और बाढ़ ने रेस्क्यू में डाली अड़चन
सेंट्रल कीबू में कई जगह भूस्खलन के मामले भी सामने आए हैं, जिसके चलते 13 लोग अभी भी लापता हैं। राहत और बचाव टीमों को इलाके में पहुंचना भारी हो रहा है क्योंकि बाढ़ का स्तर कम होने का नाम ही नहीं ले रहा। कई गांव अब भी पानी में डूबे हुए हैं और लोग सोशल मीडिया के जरिए मदद की गुहार लगा रहे हैं।
कीबू के स्थानीय प्रशासन ने बताया कि लगभग 24 लाख लोग इस टाइफून और बाढ़ की चपेट में हैं। “हम बच गए, लेकिन ज़िंदगी पटरी पर कब लौटेगी, कुछ कह नहीं सकते,” कीबू के एक स्कूल शिक्षक ने वीडियो कॉल पर बताया, जिनका घर बह गया है।
भूकंप की मार के बाद फिर नई संकट की बाढ़
जाने-माने भूकंप विशेषज्ञों का कहना है कि कुछ दिन पहले ही कीबू में आए तेज भूकंप ने शहर को कमजोर कर दिया था। कई लोगों ने अपने गिर चुके मकानों से निकलकर टेंटों में शरण ली थी। लेकिन अब ये अस्थायी शरणस्थल भी Typhoon Kalmaegi की तेज़ धाराओं में बह गए हैं।
फिलीपींस आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने आपातकालीन बैठकों की एक श्रृंखला शुरू कर दी है। देश की सेना, मैरिटाइम और स्थानीय पुलिस पूरी ताकत के साथ बचाव कार्यों में लगी है।













