लखनऊ, 01 मई 2026। मजदूर दिवस 2026 के मौके पर उत्तर प्रदेश सरकार ने श्रमिकों के लिए अब तक की सबसे बड़ी सामाजिक सुरक्षा पहल का ऐलान किया। योगी आदित्यनाथ ने ‘श्रमवीर गौरव समारोह 2026’ में घोषणा करते हुए कहा कि प्रदेश के निर्माण और औद्योगिक श्रमिकों को ₹5 लाख तक का कैशलेस इलाज और दुर्घटना बीमा कवर दिया जाएगा।
इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने साफ शब्दों में कहा—“जो श्रमिक काम करेगा, उसे उसका पूरा दाम मिलेगा। अगर कोई दाम नहीं देगा, तो सरकार उसका काम तमाम करेगी।” यह बयान श्रमिकों के अधिकारों को लेकर सरकार के सख्त रुख को दर्शाता है।
कितने श्रमिकों को मिलेगा लाभ, क्या है योजना का दायरा
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आंकड़ों के साथ योजना का दायरा स्पष्ट किया:
- अब तक 12.26 लाख निर्माण श्रमिक आयुष्मान योजना से जोड़े जा चुके हैं
- शेष 15.83 लाख श्रमिकों को भी जल्द ₹5 लाख तक का कैशलेस इलाज मिलेगा
- औद्योगिक क्षेत्रों में 10 या उससे अधिक श्रमिकों वाले प्रतिष्ठानों में कार्यरत कर्मचारियों को भी यह बीमा सुविधा दी जाएगी
- इस पहल से कुल मिलाकर करीब 1 करोड़ श्रमिकों को लाभ मिलने का अनुमान है
यह योजना श्रमिकों के स्वास्थ्य और सुरक्षा को लेकर एक व्यापक कवरेज प्रदान करती है।
औद्योगिक विकास और रोजगार पर जोर
सीएम ने कहा कि प्रदेश में एमएसएमई सेक्टर में लगभग 3 करोड़ लोग कार्यरत हैं। साथ ही:
- पिछले वर्षों में 18,000 नए उद्योग स्थापित हुए
- करीब 65 लाख लोगों को रोजगार मिला
उन्होंने उद्योग और श्रमिकों को “एक-दूसरे का पूरक” बताते हुए औद्योगिक शांति बनाए रखने पर जोर दिया।
नई वेज पॉलिसी और बीमा व्यवस्था पर काम जारी
मुख्यमंत्री ने संकेत दिया कि आने वाले समय में वेज बोर्ड की सिफारिशों के आधार पर नई नीतियां लागू की जाएंगी:
- बीमा कंपनियां, श्रम विभाग और उद्योग मिलकर दुर्घटना बीमा कवर सुनिश्चित करेंगे
- श्रमिकों के लिए बेहतर वेतन और सुरक्षा का समेकित पैकेज तैयार किया जाएगा
- औद्योगिक क्षेत्रों में श्रमिक आवास सुविधाएं विकसित करने के निर्देश दिए गए हैं
नोएडा और गोरखपुर में बड़े स्वास्थ्य प्रोजेक्ट
कार्यक्रम में श्रमिकों के लिए बुनियादी सुविधाओं के विस्तार की भी घोषणा हुई:
- ग्रेटर नोएडा में 300 बेड का ईएसआईसी अस्पताल बनेगा
- 7.2 एकड़ भूमि इस अस्पताल के लिए आवंटित की गई
- अलग-अलग सेक्टरों में श्रमिक सुविधा केंद्र स्थापित होंगे
- गोरखपुर के गीडा क्षेत्र में भी 5 एकड़ भूमि पर अस्पताल निर्माण की योजना
इन केंद्रों में श्रमिकों को ठहरने की सुविधा, सस्ती कैंटीन और अन्य आवश्यक सेवाएं एक ही स्थान पर उपलब्ध होंगी।
प्रदेश में स्वास्थ्य ढांचे का विस्तार
सरकार के मुताबिक:
- अभी 41 जिलों में 116 ईएसआईसी औषधालय संचालित हैं
- शेष 34 जिलों में भी जल्द एक-एक औषधालय खोलने की योजना है
इससे स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच राज्य के हर हिस्से तक सुनिश्चित करने का प्रयास किया जा रहा है।
शिक्षा और सम्मान: अटल आवासीय विद्यालय के छात्रों को प्रोत्साहन
कार्यक्रम में केवल श्रमिक ही नहीं, बल्कि उनके बच्चों को भी प्रोत्साहित किया गया:
- मेधावी छात्रों को टैबलेट और प्रमाणपत्र दिए गए
- वाराणसी, आजमगढ़, बस्ती, लखनऊ और अयोध्या के छात्रों को सम्मानित किया गया
- 100% परिणाम देने वाले प्रधानाचार्यों को भी सराहा गया
इसके अलावा, पांच निर्माण श्रमिकों को प्रतीकात्मक रूप से टूल किट प्रदान की गई।
सरकार का संदेश: सुरक्षा, सम्मान और स्थिर भविष्य
मजदूर दिवस 2026 पर की गई यह घोषणा सिर्फ एक योजना नहीं, बल्कि श्रमिकों के लिए सुरक्षा, सम्मान और स्थिर भविष्य का भरोसा है। सरकार का फोकस अब केवल रोजगार उपलब्ध कराने तक सीमित नहीं, बल्कि श्रमिकों के जीवन स्तर को व्यापक रूप से सुधारने पर है।
यह पहल उत्तर प्रदेश में श्रमिक कल्याण के क्षेत्र में एक बड़े बदलाव का संकेत देती है।










