नई दिल्ली, बुधवार 12 नवम्बर 2025: भारत और कनाडा के बीच रिश्तों में आई कड़वाहट अब धीरे-धीरे खत्म होती दिख रही है। तकरीबन दो वर्षों के तनाव के बाद दोनों देश अब आर्थिक और कूटनीतिक संबंधों को फिर से पटरी पर लाने के लिए तैयार हैं।
मंगलवार को ओटावा में भारतीय विदेश मंत्री एस. जयशंकर (S. Jaishankar) और कनाडाई विदेश मंत्री अनिता आनंद (Anita Anand) के बीच हुई बैठक में द्विपक्षीय संबंधों के सभी पहलुओं पर चर्चा हुई। इसके अगले ही दिन कनाडा के अंतरराष्ट्रीय व्यापार मंत्री मनिंदर सिंह सिद्धू (Maninder Singh Sidhu) नई दिल्ली पहुंच रहे हैं, जहां वह भारतीय वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल (Piyush Goyal) के साथ मुक्त व्यापार समझौते (FTA – Free Trade Agreement) पर नई वार्ता की शुरुआत करेंगे।
🌍 दो साल बाद रिश्तों में नई गर्माहट
पिछले दो वर्षों में भारत-कनाडा संबंधों में अभूतपूर्व तनाव देखने को मिला था, खासकर तब जब कनाडा के तत्कालीन प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो (Justin Trudeau) ने भारतीय एजेंसियों पर आरोप लगाए थे।
अब कनाडा में सरकार बदलने के बाद दोनों देशों ने यह स्पष्ट संकेत दिया है कि वे विश्वास बहाली और आपसी साझेदारी के नए दौर की ओर बढ़ना चाहते हैं।
एक वरिष्ठ भारतीय अधिकारी ने कहा,
“भारत और कनाडा के बीच जो कूटनीतिक ठहराव था, वह अब समाप्ति की ओर है। नई वार्ता न सिर्फ व्यापार बल्कि व्यापक रणनीतिक सहयोग की दिशा में पहला कदम होगी।”
💼 मनिंदर सिंह सिद्धू की भारत यात्रा: एफटीए पर जोर
कनाडा के अंतरराष्ट्रीय व्यापार मंत्री मनिंदर सिंह सिद्धू 12-13 नवंबर को भारत दौरे पर रहेंगे।
उनकी मुलाकात पीयूष गोयल से होगी, जिसमें दोनों देश एफटीए (Free Trade Agreement) को पुनर्जीवित करने पर विचार करेंगे।
सिद्धू ने अपने बयान में कहा —
“भारत दुनिया की सबसे तेज़ी से बढ़ती हुई अर्थव्यवस्था है। कनाडाई निवेशकों और व्यवसायों के लिए यहां अपार अवसर हैं। हम दोनों देशों के बीच व्यापार और निवेश को नई ऊंचाई पर ले जाने के इच्छुक हैं।”
उनकी यात्रा के दौरान सिद्धू नई दिल्ली और विशाखापत्तनम (Visakhapatnam) में कारोबारी प्रतिनिधिमंडल से भी मुलाकात करेंगे।
💹 एफटीए पर फिर शुरू होगी वार्ता
भारत और कनाडा के बीच एफटीए वार्ता आखिरी बार जुलाई 2023 में हुई थी। लेकिन उसके तुरंत बाद कूटनीतिक विवादों के कारण बातचीत रुक गई थी। अब जब दोनों देश आर्थिक हितों और व्यापारिक साझेदारी को प्राथमिकता दे रहे हैं, एफटीए वार्ता के फिर शुरू होने की संभावना बेहद प्रबल है।
सूत्रों का कहना है कि भारत और कनाडा के बीच जो “अंतरिम व्यापार समझौता” (Early Progress Trade Agreement) का मसौदा तैयार हुआ था, उसे फिर से चर्चा में लाया जाएगा।
2024 में दोनों देशों के बीच 30 अरब डॉलर का द्विपक्षीय व्यापार हुआ था, जिसे अगले दो वर्षों में 50 अरब डॉलर तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है।
🏦 निर्मला सीतारमण जा सकती हैं कनाडा
सूत्रों के अनुसार, भारत की वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण (Nirmala Sitharaman) इस महीने के अंत में कनाडा की यात्रा पर जा सकती हैं। यह यात्रा दोनों देशों के बीच वित्तीय सहयोग को मजबूत करने के उद्देश्य से होगी।
संभावना यह भी जताई जा रही है कि जी-20 शिखर सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) और कनाडा के नए प्रधानमंत्री मार्क कार्नी (Mark Carney) के बीच मुलाकात हो सकती है।
जयशंकर और अनिता आनंद की यह दो महीने में दूसरी मुलाकात थी। इससे पहले अक्टूबर में आनंद ने भारत का दौरा किया था, जहां दोनों देशों ने “सकारात्मक संवाद पुनः आरंभ” करने का निर्णय लिया था।
🌐 ओटावा से नियाग्रा तक कूटनीति का नया अध्याय
जयशंकर इस समय कनाडा के नियाग्रा (Niagara) में आयोजित G7 देशों के विदेश मंत्रियों की बैठक में विशेष आमंत्रित अतिथि के रूप में शामिल हुए।
बैठक के दौरान दोनों नेताओं ने ऊर्जा सुरक्षा, वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला, और इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में सहयोग पर भी चर्चा की।
अनिता आनंद ने सोशल मीडिया पर लिखा —
“भारत और कनाडा के बीच सहयोग केवल व्यापार तक सीमित नहीं है। हम ऊर्जा, सुरक्षा और जनसंपर्क जैसे क्षेत्रों में भी साझेदारी को मजबूत करने की दिशा में काम कर रहे हैं।”
📊 भारत-कनाडा व्यापारिक संबंधों की स्थिति
- द्विपक्षीय व्यापार (2024): 30 अरब डॉलर
- भारत का प्रमुख निर्यात: दवा, इंजीनियरिंग, ऑटो पार्ट्स, वस्त्र, आईटी सेवाएं
- कनाडा का प्रमुख निर्यात: उर्वरक, खनिज, मशीनरी, शिक्षा सेवाएं
- एफडीआई निवेश: 2024 में 3.5 अरब डॉलर का प्रत्यक्ष निवेश
दोनों देशों के व्यापारिक संगठन (CII और Canada-India Business Council) पहले ही निवेश और स्टार्टअप सहयोग पर संयुक्त कार्ययोजना (Joint Business Plan) तैयार कर चुके हैं।
🕊️ संबंधों की नई शुरुआत
भारत और कनाडा का रिश्ता केवल कूटनीति या व्यापार तक सीमित नहीं है। कनाडा में 20 लाख से अधिक भारतीय मूल के लोग रहते हैं, जो दोनों देशों के बीच सामाजिक और सांस्कृतिक सेतु का काम करते हैं।
जयशंकर ने कहा —
“भारत और कनाडा के रिश्ते ऐतिहासिक और मानवीय दोनों हैं। मतभेद हो सकते हैं, लेकिन संवाद और सहयोग के जरिए आगे बढ़ना ही हमारे साझा हित में है।”
📜 निष्कर्ष
India Canada Trade Talks 2025 यह संकेत दे रही हैं कि दोनों देश अब मतभेदों से आगे बढ़कर सहयोग के नए अध्याय की ओर बढ़ना चाहते हैं।
जहां कनाडा को भारत के विशाल बाजार में अवसर दिख रहे हैं, वहीं भारत को भी निवेश और शिक्षा के क्षेत्र में कनाडा के अनुभव का लाभ मिलेगा।
यह वार्ता न केवल व्यापारिक संबंधों की बहाली है, बल्कि दो लोकतांत्रिक देशों के बीच विश्वास बहाली की दिशा में एक मजबूत कदम भी है।













