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पुडुचेरी चुनाव 2026: एन. रंगासामी पांचवीं बार मुख्यमंत्री बनने को तैयार, कांग्रेस सिमटी एक सीट पर

On: May 5, 2026
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पुडुचेरी चुनाव 2026, एन. रंगासामी पांचवीं बार मुख्यमंत्री बनने को तैयार
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नई दिल्ली (05 मई 2026): पुडुचेरी चुनाव 2026 के नतीजों ने एक बार फिर यह साबित कर दिया कि सियासत में सादगी और जमीनी पकड़ का अपना अलग ही असर होता है। शांत स्वभाव और मृदुभाषी छवि वाले एन. रंगासामी अब पांचवीं बार इस केंद्र शासित प्रदेश की कमान संभालने जा रहे हैं। उनकी पार्टी ऑल इंडिया एनआर कांग्रेस (AINRC) के नेतृत्व वाले राजग (NDA) ने स्पष्ट बहुमत के साथ शानदार जीत दर्ज की है।

9 अप्रैल को हुए मतदान और 5 मई को सामने आए परिणामों ने प्रदेश की राजनीतिक दिशा को साफ कर दिया—यहां एक बार फिर रंगासामी का भरोसा कायम रहा।

राजग की मजबूत वापसी, बहुमत से आगे की स्थिति

पुडुचेरी चुनाव 2026 में एआईएनआरसी ने 16 में से 12 सीटों पर जीत दर्ज कर अपनी स्थिति बेहद मजबूत कर ली। वहीं, भारतीय जनता पार्टी ने 10 सीटों पर चुनाव लड़कर 4 सीटें अपने नाम कीं।

गठबंधन के अन्य सहयोगी—अन्नाद्रमुक और एलजेके—ने भी एक-एक सीट जीतकर राजग की ताकत बढ़ाई। इस तरह 30 सदस्यीय विधानसभा में राजग के पास कुल 18 सीटें हो गई हैं, जो बहुमत के आंकड़े से दो अधिक हैं।

वहीं, अभिनेता विजय की पार्टी टीवीके ने भी 2 सीटों पर जीत दर्ज कर अपनी उपस्थिति दर्ज कराई

विपक्ष कमजोर, कांग्रेस का ऐतिहासिक गिरावट

इस चुनाव में विपक्षी खेमे की स्थिति काफी कमजोर नजर आई। द्रमुक को जहां 5 सीटें मिलीं, वहीं कांग्रेस महज 1 सीट पर सिमट गई।

कांग्रेस के लिए यह परिणाम किसी झटके से कम नहीं है, क्योंकि कभी इस केंद्र शासित प्रदेश में उसकी मजबूत पकड़ रही है। पार्टी ने 16 सीटों पर उम्मीदवार उतारे थे, लेकिन अधिकांश दिग्गज नेताओं को हार का सामना करना पड़ा।

खास बात यह रही कि कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और सांसद वैथिलिंगम को उनके ही गढ़ थट्टनचावडी में रंगासामी ने मात दे दी—जो इस चुनाव का एक बड़ा राजनीतिक संदेश माना जा रहा है।

रंगासामी का राजनीतिक सफर: सादगी से सत्ता तक

75 वर्षीय एन. रंगासामी का राजनीतिक सफर उतार-चढ़ाव से भरा रहा है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत कांग्रेस से की और 2001 व 2006 में इसी पार्टी के टिकट पर मुख्यमंत्री बने।

साल 2011 में उन्होंने कांग्रेस से अलग होकर अपनी पार्टी बनाई और जे. जयललिता की अन्नाद्रमुक के साथ गठबंधन कर सत्ता में वापसी की। हालांकि बाद में दोनों के रिश्तों में खटास आ गई।

2016 में वे तीसरी बार मुख्यमंत्री बने और 2021 में राजग के साथ मिलकर चौथी बार सत्ता संभाली। अब 2026 में वे पांचवीं बार मुख्यमंत्री बनने जा रहे हैं—जो उनकी लोकप्रियता और राजनीतिक पकड़ को दर्शाता है।

लगातार दूसरी बार राजग सरकार

पुडुचेरी चुनाव 2026 का एक अहम पहलू यह भी है कि यहां लगातार दूसरी बार एआईएनआरसी के नेतृत्व में राजग सरकार बनने जा रही है। यह दर्शाता है कि मतदाताओं ने स्थिरता और नेतृत्व पर भरोसा जताया है।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह जीत सिर्फ गठबंधन की रणनीति नहीं, बल्कि रंगासामी की व्यक्तिगत विश्वसनीयता और जमीनी जुड़ाव का परिणाम है।

क्या संकेत दे रहे हैं ये नतीजे?

इन चुनाव परिणामों से साफ है कि पुडुचेरी की राजनीति में अब एक स्थिर नेतृत्व स्थापित हो चुका है। जहां एक ओर राजग ने मजबूती दिखाई, वहीं विपक्ष को अपनी रणनीति और संगठन दोनों पर नए सिरे से विचार करना होगा।

पुडुचेरी चुनाव 2026 के ये नतीजे आने वाले समय में दक्षिण भारत की राजनीति पर भी असर डाल सकते हैं।

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