राष्ट्रीय उत्तर प्रदेश राज्य अंतरराष्ट्रीय खेल मनोरंजन एजुकेशन बिजनेस राशिफल

---Advertisement---

AI इम्पैक्ट समिट 2026: पीएम मोदी ने की मेगा ग्लोबल एआई सम्मेलन की शुरुआत, 100 से ज्यादा देशों की भागीदारी

On: February 16, 2026
Follow Us:
AI इम्पैक्ट समिट 2026: पीएम मोदी ने की मेगा ग्लोबल एआई सम्मेलन की शुरुआत
---Advertisement---

नई दिल्ली (सोमवार, 16 फरवरी 2026)- AI इम्पैक्ट समिट 2026 सिर्फ एक टेक्नोलॉजी इवेंट नहीं, बल्कि भविष्य की वैश्विक दिशा तय करने वाला मंच बनकर उभरा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस मेगा सम्मेलन का उद्घाटन करते हुए एआई को “मानव विकास का साधन” बताया और साफ कहा कि तकनीक तभी सफल मानी जाएगी जब उसका फायदा हर व्यक्ति तक पहुंचे — चाहे वह विकसित देश हो या ग्लोबल साउथ का कोई विकासशील राष्ट्र।

पांच दिनों तक चलने वाले इस अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में दुनिया भर के राष्ट्राध्यक्ष, टेक कंपनियों के प्रमुख, स्टार्टअप फाउंडर और शोधकर्ता शामिल हो रहे हैं। इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम की थीम ‘सर्वजन हिताय, सर्वजन सुखाय’ रखी गई है, जो भारत की समावेशी एआई सोच को दर्शाती है।

AI इम्पैक्ट समिट 2026: लोकतांत्रिक और भरोसेमंद AI की ओर भारत का कदम

नई दिल्ली में आयोजित इस महाकुंभ में भारत ने साफ संकेत दिया कि वह एआई की दुनिया में केवल उपभोक्ता नहीं, बल्कि नीति और मॉडल तैयार करने वाला अग्रणी देश बनना चाहता है। वर्ष 2023 के जी-20 सम्मेलन में ग्लोबल साउथ की आवाज बनने के बाद अब भारत का फोकस तकनीक के क्षेत्र में समान अवसर सुनिश्चित करने पर है।

आयोजकों के अनुसार, सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य एआई को आम लोगों के जीवन से जोड़ना, उसके फायदे समझाना और संभावित खतरों पर वैश्विक चर्चा को आगे बढ़ाना है। इलेक्ट्रॉनिक्स एवं आईटी मंत्रालय के सचिव एस. कृष्णन ने कहा कि भारत दुनिया को यह संदेश देना चाहता है कि एआई का विकास केवल तकनीकी शक्ति नहीं बल्कि मानवीय विकास की दिशा में होना चाहिए।

भारत की एआई नीति भी इसी विचार पर आधारित है — तकनीक ऐसी हो जो पारदर्शी, सुरक्षित और भरोसेमंद हो, और जिसकी जानकारी का स्रोत स्पष्ट रूप से समझा जा सके।

दुनियाभर के टेक दिग्गज एक मंच पर

AI इम्पैक्ट समिट 2026 में टेक जगत के कई बड़े नाम शामिल हो रहे हैं। ओपनएआई के सीईओ सैम आल्टमैन, मेटा के मुख्य एआई वैज्ञानिक यान लेकुन, माइक्रोसॉफ्ट के प्रेसिडेंट ब्रैड स्मिथ, गूगल के सीईओ सुंदर पिचाई और माइक्रोसॉफ्ट के सह-संस्थापक बिल गेट्स जैसे दिग्गज इस कार्यक्रम का हिस्सा हैं।

सैम आल्टमैन ने भारत की भूमिका पर टिप्पणी करते हुए कहा कि भारत अब केवल एआई उपयोगकर्ता नहीं रहा, बल्कि एआई विकसित करने वाले देशों की पहली पंक्ति में शामिल हो चुका है। उनके मुताबिक, भारत के पास जनसंख्या, डिजिटल इन्फ्रास्ट्रक्चर और प्रतिभा — तीनों ऐसी ताकतें हैं जो उसे एआई नेतृत्व की क्षमता देती हैं।

भारत का अपना AI मॉडल, फोकस शिक्षा से कृषि तक

समिट के दौरान भारत अपने स्वदेशी एआई मॉडल की घोषणा करने जा रहा है। यह मॉडल शिक्षा, स्वास्थ्य, कौशल विकास, पर्यावरण, महिला सशक्तिकरण, कृषि और उद्योग जैसे क्षेत्रों को केंद्र में रखकर तैयार किया गया है।

सरकार का उद्देश्य साफ है — एआई का इस्तेमाल केवल कॉरपोरेट लाभ के लिए नहीं, बल्कि सामाजिक बदलाव के लिए भी हो।

मुख्य वैज्ञानिक सलाहकार अजय कुमार सूद ने एआई को “दोधारी तलवार” बताते हुए कहा कि सरकार की जिम्मेदारी है कि उसके सकारात्मक उपयोग को बढ़ावा दिया जाए और संभावित नुकसान को सीमित किया जाए। उन्होंने खास तौर पर बच्चों और आने वाली पीढ़ी पर एआई के प्रभाव को लेकर सतर्क रहने की जरूरत बताई।

रिकॉर्ड भागीदारी: 2.5 लाख से ज्यादा पंजीकरण

इस मेगा आयोजन में देश-विदेश से भारी उत्साह देखने को मिला है। आयोजकों के अनुसार, 2.5 लाख से अधिक लोगों ने समिट में भाग लेने के लिए रजिस्ट्रेशन कराया है। 100 से अधिक देशों की कंपनियां और संस्थान इसमें शामिल हैं, जिससे यह दुनिया का सबसे बड़ा एआई सम्मेलन माना जा रहा है।

साथ ही, प्रधानमंत्री मोदी ने इंडिया एआई इम्पैक्ट एक्सपो का भी उद्घाटन किया, जिसमें 600 से अधिक हाई-कैपेसिटी स्टार्टअप और 13 देशों के पवेलियन मौजूद हैं। प्रधानमंत्री ने विभिन्न स्टॉल्स का दौरा कर स्टार्टअप प्रतिनिधियों से बातचीत की और नवाचार की दिशा में उनके प्रयासों की सराहना की।

भारत का संदेश: AI सिर्फ तकनीक नहीं, जिम्मेदारी भी

AI इम्पैक्ट समिट 2026 यह संकेत देता है कि आने वाले वर्षों में एआई केवल तकनीकी प्रतियोगिता का विषय नहीं रहेगा, बल्कि नीति, नैतिकता और सामाजिक प्रभाव पर आधारित वैश्विक चर्चा का केंद्र बनेगा। भारत का प्रयास है कि एआई ऐसी दिशा में बढ़े जो विश्व अर्थव्यवस्था को मजबूत करे और साथ ही हर वर्ग के लोगों तक लाभ पहुंचाए।

तकनीक की इस दौड़ में भारत अब केवल भागीदार नहीं, बल्कि दिशा तय करने वाला खिलाड़ी बनने की तैयारी में है — और यही इस समिट का सबसे बड़ा संदेश माना जा रहा है।

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now

और पढ़ें

PM VBRY, पीएम मोदी ने युवाओं को दी 2400 करोड़ रुपये की सौगात

PM VBRY: पीएम मोदी ने युवाओं को दी 2400 करोड़ रुपये की सौगात, बोले- भारत के लिए खुल रहे वैश्विक अवसरों के नए द्वार

NEET UG 2026 , एनटीए ने जारी किया आधिकारिक WhatsApp नंबर

NEET UG 2026: एनटीए ने जारी किया आधिकारिक WhatsApp नंबर, परीक्षा से जुड़ी हर अपडेट अब मोबाइल पर

सीएम योगी अयोध्या दौरा, रामलला और हनुमानगढ़ी में किए दर्शन

सीएम योगी अयोध्या दौरा: रामलला और हनुमानगढ़ी में किए दर्शन, बोले- किसी षड्यंत्र या दुष्प्रचार में न पड़ें रामभक्त

सुप्रीम कोर्ट ने कहा- फुटपाथ पर सबसे पहला हक राहगीरों का

पैदल चलना मौलिक अधिकार: सुप्रीम कोर्ट ने कहा- फुटपाथ पर सबसे पहला हक राहगीरों का, सरकारों को दिए बड़े निर्देश

राजनाथ सिंह ने YIL की मेगा परियोजना का किया भूमि पूजन

आत्मनिर्भर रक्षा उत्पादन को मिलेगी नई ताकत, राजनाथ सिंह ने YIL की मेगा परियोजना का किया भूमि पूजन

राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामला, CM योगी बोले- 15 दिन में दूध का दूध और पानी का पानी

राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामला: CM योगी बोले- 15 दिन में दूध का दूध और पानी का पानी, दोषी कोई भी हो नहीं बचेगा