23 फरवरी 2026, सोमवार। सिंगापुर की धरती पर जब मुख्यमंत्री Yogi Adityanath मंच पर पहुंचे तो सभागार “योगी-योगी” के नारों से गूंज उठा। भगवा परिधान में मौजूद मुख्यमंत्री ने प्रवासी भारतीयों को संबोधित करते हुए कहा—“माता और मातृभूमि का कर्ज कभी समाप्त नहीं होता।” उनके शब्दों में भावनात्मक आग्रह भी था और राष्ट्रीय चेतना का संदेश भी।
सिंगापुर दौरा CM योगी के कार्यक्रमों का पहला दिन व्यस्त रहा। उन्होंने एक कॉलेज परिसर और एविएशन हब का निरीक्षण किया, जहां शैक्षणिक और तकनीकी सहयोग की संभावनाओं पर चर्चा हुई। लेकिन शाम का संवाद कार्यक्रम भावनात्मक ऊंचाई पर पहुंच गया, जब भारतीय मूल के लोगों ने खड़े होकर उनका स्वागत किया।
भारतीयता पर गर्व का संदेश
मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत में जन्म लेना सौभाग्य की बात है। उन्होंने संस्कृत उक्ति “दुर्लभं भारते जन्म, मानुष्यं तत्र दुर्लभम्” का उल्लेख करते हुए कहा कि हर भारतीय को अपनी जड़ों पर गर्व होना चाहिए।
उन्होंने कहा, “जिस धरती पर हम रहते हैं, उसके प्रति कर्तव्य निभाना हमारा दायित्व है। लेकिन जिस मातृभूमि से हमारे पूर्वज जुड़े हैं, उसके प्रति भी हमारा ऋण (Debt of Gratitude) बना रहता है।” यह वाक्य सुनते ही सभागार में तालियां गूंज उठीं।
मुख्यमंत्री ने ‘नए भारत’ का जिक्र करते हुए कहा कि आज देश वैश्विक मंच पर आत्मविश्वास के साथ खड़ा है। हाल में नई दिल्ली में आयोजित एआई इम्पैक्ट समिट का उल्लेख करते हुए उन्होंने बताया कि 100 से अधिक देशों ने भारत की प्रगति की सराहना की।
बदली पहचान का दावा
सिंगापुर दौरा CM योगी के दौरान उन्होंने उत्तर प्रदेश की बदली तस्वीर भी सामने रखी। उन्होंने कहा कि प्रदेश की अर्थव्यवस्था पिछले नौ वर्षों में तीन गुना हो चुकी है। नोएडा में बन रहा अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट और बेहतर कानून-व्यवस्था राज्य को निवेश के लिए आकर्षक बना रही है।
प्रधानमंत्री Narendra Modi के विजन का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश को विकास की पटरी पर तेज गति से आगे बढ़ाया जा रहा है। प्रयागराज के कुंभ और माघ मेले का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि जो लोग प्रदेश की क्षमता पर सवाल उठाते हैं, वे संगम पर उमड़ने वाली भीड़ देख लें।
सिंगापुर से मजबूत रिश्ते
इससे पहले सिंगापुर के प्रधानमंत्री Lawrence Wong ने मुख्यमंत्री के दौरे को महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश भारत की तीसरी सबसे बड़ी राज्य अर्थव्यवस्था है और तेजी से विकसित हो रहा क्षेत्र है। सिंगापुर की कंपनियां लॉजिस्टिक्स, कनेक्टिविटी और इंफ्रास्ट्रक्चर में पहले से निवेश कर रही हैं।
दोनों नेताओं के बीच आर्थिक सहयोग और व्यापारिक संबंधों को और सुदृढ़ करने पर सकारात्मक चर्चा हुई। प्रधानमंत्री वोंग ने उम्मीद जताई कि भारत-सिंगापुर और विशेष रूप से उत्तर प्रदेश-सिंगापुर के रिश्ते आने वाले समय में और गहरे होंगे।
सिंगापुर दौरा CM योगी केवल राजनीतिक यात्रा नहीं, बल्कि भारतीयता, विकास और वैश्विक साझेदारी का संगम बनकर उभरा है—जहां भावनाएं भी थीं और भविष्य की आर्थिक संभावनाएं भी।








