लखनऊ, 25 फरवरी 2026 (बुधवार)। होली से ठीक पहले उत्तर प्रदेश सरकार ने राज्य के लाखों कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को बड़ी राहत दी है। यूपी कर्मचारियों की सैलरी और पेंशन को लेकर वित्त विभाग ने अहम आदेश जारी करते हुए फरवरी माह का वेतन और पेंशन 28 फरवरी 2026 को ही जारी करने का निर्णय लिया है।
त्योहारों के मौसम में जब घर-परिवार की ज़रूरतें बढ़ जाती हैं, ऐसे में यह फैसला सरकारी कर्मचारियों और पेंशनर्स के लिए किसी तोहफे से कम नहीं माना जा रहा। शासनादेश के मुताबिक, एक मार्च को रविवार का सार्वजनिक अवकाश और दो मार्च को होलिका दहन का अवकाश होने के कारण वेतन भुगतान की तिथि अग्रिम कर दी गई है।
यूपी कर्मचारियों की सैलरी: वित्त विभाग का स्पष्ट आदेश
वित्त विभाग के विशेष सचिव महेंद्र कुमार भट्ट द्वारा जारी शासनादेश में साफ कहा गया है कि फरवरी माह का वेतन और पेंशन 28 फरवरी को ही दे दी जाएगी। यह आदेश समस्त राज्य कर्मचारियों, सहायता प्राप्त शिक्षण एवं प्राविधिक शिक्षण संस्थानों के कर्मियों, शहरी स्थानीय निकायों के कर्मचारियों और कार्य प्रभारित कर्मचारियों पर लागू होगा।
साथ ही कोषागारों से पेंशन प्राप्त करने वाले पेंशनरों और पारिवारिक पेंशनरों को भी इसी तारीख को भुगतान सुनिश्चित किया जाएगा।
विभागों को निर्देश दिए गए हैं कि आदेश का समयबद्ध और तत्परता से पालन किया जाए, ताकि किसी कर्मचारी या पेंशनर को असुविधा न हो।
28 लाख लोगों को सीधा लाभ
सरकारी आंकड़ों के अनुसार, इस निर्णय का सीधा लाभ करीब 16 लाख राज्य कर्मचारियों और लगभग 12 लाख पेंशनभोगियों को मिलेगा। यानी कुल मिलाकर करीब 28 लाख परिवारों में होली से पहले आर्थिक राहत पहुंचेगी।
त्योहारों में रंग-गुलाल, मिठाई, कपड़े और घरेलू जरूरतों का खर्च बढ़ जाता है। ऐसे समय में समय से पहले वेतन और पेंशन मिलना कर्मचारियों के लिए बड़ी सहूलियत है। कई कर्मचारियों ने इसे “सरकार का संवेदनशील निर्णय” बताया है।
त्योहार और वित्तीय प्रबंधन का संतुलन
आमतौर पर वेतन और पेंशन का भुगतान महीने की पहली तारीख को किया जाता है। लेकिन लगातार सार्वजनिक अवकाश होने की स्थिति में भुगतान में देरी की आशंका रहती है। इसी को ध्यान में रखते हुए सरकार ने अग्रिम भुगतान का फैसला लिया।
यह कदम प्रशासनिक तत्परता और वित्तीय प्रबंधन के बेहतर समन्वय का उदाहरण माना जा रहा है।
होली से पहले आया यह आदेश प्रदेश के कर्मचारियों और पेंशनर्स के लिए रंगों से पहले खुशियों की सौगात बनकर आया है।








