लखनऊ, 7 मार्च 2026। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को प्रदेश के पहले मुख्यमंत्री और भारत रत्न पंडित गोविंद वल्लभ पंत की पुण्यतिथि पर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। इस अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में उन्होंने पंत के व्यक्तित्व, उनके संघर्षपूर्ण जीवन और राष्ट्र निर्माण में उनके योगदान को याद करते हुए कहा कि वे उत्तर प्रदेश के विकास की मजबूत नींव रखने वाले दूरदर्शी नेता थे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पंडित गोविंद वल्लभ पंत केवल एक राजनेता नहीं थे, बल्कि स्वतंत्रता संग्राम के प्रतिबद्ध सेनानी, प्रखर अधिवक्ता और कुशल प्रशासक भी थे। उनके विचार और कार्य आज भी सार्वजनिक जीवन में प्रेरणा का स्रोत बने हुए हैं। योगी आदित्यनाथ ने कहा कि जिस दूरदर्शिता के साथ पंत ने उत्तर प्रदेश के प्रशासन और विकास की रूपरेखा तैयार की, वही आगे चलकर प्रदेश की प्रगति का आधार बनी।
पंडित गोविंद वल्लभ पंत ने रखी उत्तर प्रदेश के विकास की आधारशिला
लोकभवन में आयोजित श्रद्धांजलि कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि पंडित गोविंद वल्लभ पंत का जन्म वर्तमान उत्तराखंड में हुआ था, जो उस समय संयुक्त प्रांत का हिस्सा था। राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के आह्वान से प्रेरित होकर उन्होंने अपनी सफल वकालत छोड़ दी और देश के स्वतंत्रता आंदोलन में सक्रिय रूप से शामिल हो गए।
सीएम योगी ने बताया कि वर्ष 1937 में ब्रिटिश शासन के दौरान हुए प्रांतीय चुनावों के बाद उन्हें संयुक्त प्रांत का प्रीमियर चुना गया था। बाद में स्वतंत्र भारत के गठन के पश्चात वे उत्तर प्रदेश के पहले मुख्यमंत्री बने। अपने कार्यकाल में उन्होंने प्रशासनिक सुधारों, शिक्षा के विस्तार और सामाजिक समरसता को बढ़ावा देने के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पंत की दूरदर्शी नीतियों ने प्रदेश के विकास की एक मजबूत नींव तैयार की। उसी विजन की बदौलत आज उत्तर प्रदेश देश की अर्थव्यवस्था में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि पंत का शासन मॉडल सुशासन और जनकल्याण की भावना से प्रेरित था, जिसे आज भी आदर्श माना जाता है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने यह भी याद दिलाया कि पंडित गोविंद वल्लभ पंत ने देश के गृह मंत्री के रूप में भी उल्लेखनीय सेवाएं दीं। उनके कार्यकाल में राष्ट्रीय एकता को मजबूत करने और राजभाषा हिंदी के प्रचार-प्रसार को गति देने के लिए महत्वपूर्ण प्रयास किए गए।
देश की स्वतंत्रता में उनके योगदान और राष्ट्र निर्माण में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका को देखते हुए वर्ष 1957 में उन्हें देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मान ‘भारत रत्न’ से सम्मानित किया गया था।
कार्यक्रम में कृषि राज्यमंत्री बलदेव सिंह औलख, लखनऊ की महापौर सुषमा खर्कवाल समेत कई जनप्रतिनिधि और अधिकारी भी मौजूद रहे। कार्यक्रम के दौरान पंडित गोविंद वल्लभ पंत के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी गई और उनके विचारों को स्मरण किया गया।








