आगरा, 7 मार्च 2026। उत्तर प्रदेश में स्वास्थ्य क्षेत्र को नई दिशा देने की तैयारी तेज हो गई है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को आगरा दौरे के दौरान बड़ी घोषणाएं करते हुए कहा कि प्रदेश में मेडिकल डिवाइस पार्क और फार्मा पार्क स्थापित किए जाएंगे, जिससे दवाओं और चिकित्सा उपकरणों का उत्पादन राज्य में ही संभव होगा। उनका कहना था कि इसका सीधा लाभ आम लोगों को मिलेगा और इलाज की लागत कम हो सकेगी।
आगरा के सिकंदरा स्थित यथार्थ हॉस्पिटल के लोकार्पण कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार की प्राथमिकता है कि लोगों को बेहतर और किफायती स्वास्थ्य सुविधाएं मिलें। इसी दिशा में कदम बढ़ाते हुए आगरा में मेडिकल डिवाइस पार्क और ललितपुर में फार्मा पार्क स्थापित किए जाने की योजना बनाई गई है।
आगरा में बनेगा मेडिकल डिवाइस पार्क, ललितपुर में फार्मा पार्क
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बताया कि आगरा में मेडिकल डिवाइस पार्क स्थापित करने के लिए यमुना एक्सप्रेसवे के पास लगभग 350 एकड़ जमीन चिन्हित की गई है। यह स्थान शहर से करीब एक घंटे की दूरी पर है और यहां सर्वे सहित अन्य प्रारंभिक तैयारियां पूरी की जा चुकी हैं।
उन्होंने कहा कि जब चिकित्सा उपकरण प्रदेश में ही तैयार होंगे तो उनकी लागत स्वाभाविक रूप से कम होगी। इससे अस्पतालों को मशीनें और उपकरण सस्ती दरों पर मिल सकेंगे, जिसका सीधा असर मरीजों के इलाज की लागत पर पड़ेगा। जांच और सर्जरी भी अपेक्षाकृत किफायती हो सकेंगी।
इसी के साथ सरकार ने ललितपुर में फार्मा पार्क स्थापित करने की योजना भी बनाई है। मुख्यमंत्री ने बताया कि इसके लिए करीब 1500 एकड़ भूमि चिन्हित की जा चुकी है। यहां दवाओं का उत्पादन किया जाएगा ताकि प्रदेश को दवाओं के लिए बाहरी बाजारों पर निर्भर न रहना पड़े और आम लोगों को सस्ती दवाएं उपलब्ध कराई जा सकें।
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन के दौरान पिछली सरकारों पर अप्रत्यक्ष टिप्पणी करते हुए कहा कि पहले की सरकारें विकास के बजाय “वन डिस्ट्रिक्ट-वन माफिया” जैसी स्थिति पैदा कर रही थीं, जबकि वर्तमान सरकार “वन डिस्ट्रिक्ट-वन मेडिकल कॉलेज” की दिशा में काम कर रही है।
उन्होंने बताया कि वर्ष 2017 तक उत्तर प्रदेश में केवल 17 मेडिकल कॉलेज थे, जबकि अब उनकी संख्या बढ़कर 81 हो चुकी है। इसके अलावा रायबरेली और गोरखपुर में एम्स भी संचालित हो रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में स्वास्थ्य और आधारभूत ढांचे में व्यापक परिवर्तन हुआ है। हाईवे, मेट्रो, रेलवे की नई लाइनें, आधुनिक कोच और वंदे भारत तथा नमो भारत जैसी ट्रेनों से परिवहन व्यवस्था भी मजबूत हो रही है। साथ ही आईआईटी, आईआईएम, एनआईटी और ट्रिपल आईटी जैसे संस्थान शिक्षा के क्षेत्र में नई संभावनाएं खोल रहे हैं।
उन्होंने आयुष्मान भारत योजना का जिक्र करते हुए कहा कि पहले इलाज के खर्च से कई परिवार आर्थिक संकट में आ जाते थे। अब आयुष्मान कार्ड के माध्यम से लोगों को मुफ्त इलाज की सुविधा मिल रही है। प्रदेश में अब तक 5.60 करोड़ लोगों को गोल्डन कार्ड जारी किए जा चुके हैं और जल्द ही यह संख्या 10 करोड़ तक पहुंचने की उम्मीद है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि हाल ही के बजट में अनुदेशक, आशा कार्यकर्ता और शिक्षामित्र सहित करीब 10 लाख लोगों को भी इस योजना में शामिल किया गया है। इसके अलावा मुख्यमंत्री राहत कोष से लगभग 1300 करोड़ रुपये की सहायता जरूरतमंदों को दी जा चुकी है।
उन्होंने यह भी कहा कि प्रदेश के हर जिले में निशुल्क डायलिसिस और सीटी स्कैन जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। साथ ही एसजीपीजीआई और आईआईटी कानपुर को स्वास्थ्य तकनीक के क्षेत्र में सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के रूप में विकसित किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने पूर्वी उत्तर प्रदेश में एंसेफलाइटिस की समस्या का उल्लेख करते हुए कहा कि पिछले चार दशकों में इस बीमारी से लगभग 50 हजार लोगों की मौत हुई थी, लेकिन वर्तमान सरकार के प्रयासों से इस पर प्रभावी नियंत्रण पाया गया है। डेंगू, कालाजार, मलेरिया और चिकनगुनिया जैसी बीमारियों के खिलाफ भी केंद्र सरकार के साथ मिलकर अभियान चलाया जा रहा है।
पीपीपी मॉडल पर बनेंगे सुपर स्पेशियलिटी सेंटर
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार के लिए सरकार जल्द ही पीपीपी मॉडल पर सुपर स्पेशियलिटी सेंटर बनाने की नीति भी लेकर आ रही है।
उन्होंने कहा कि सरकार की अपनी सीमाएं होती हैं, इसलिए निजी क्षेत्र की भागीदारी से स्वास्थ्य सुविधाओं को और मजबूत किया जाएगा। यदि किसी जरूरतमंद जिले में निजी संस्थाएं मेडिकल कॉलेज स्थापित करना चाहती हैं तो सरकार उन्हें हर संभव सहयोग देगी।
इस दौरान मुख्यमंत्री ने यथार्थ ग्रुप से भी मेडिकल कॉलेज स्थापित करने का आह्वान किया और भरोसा दिलाया कि सरकार इस दिशा में पूरी मदद करेगी। उनका कहना था कि इससे प्रदेश में मेडिकल शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं का स्तर और बेहतर होगा।








