लखनऊ, 8 मार्च 2026। अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में आयोजित राज्य स्तरीय महिला सम्मान कार्यक्रम में महिलाओं के सशक्तीकरण और आत्मनिर्भरता की कई प्रेरक कहानियां सामने आईं। इस खास मौके पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने वाराणसी मंडल की 600 से अधिक महिलाओं से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से संवाद किया और उनके प्रयासों की सराहना की।
इस संवाद में वाराणसी, चंदौली, गाजीपुर और जौनपुर जिलों की महिलाओं ने हिस्सा लिया और बताया कि कैसे सरकारी योजनाओं का लाभ लेकर उन्होंने अपने जीवन की दिशा बदली। कई महिलाओं ने अपनी मेहनत और हौसले से न केवल खुद को आत्मनिर्भर बनाया, बल्कि अन्य महिलाओं के लिए भी प्रेरणा का स्रोत बनीं।
अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर महिलाओं से सीएम योगी का संवाद
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने महिलाओं से सीधे संवाद करते हुए कहा कि प्रदेश में महिला सशक्तीकरण सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने कहा कि जब महिलाएं आत्मनिर्भर बनती हैं तो पूरा परिवार और समाज आगे बढ़ता है।
संवाद के दौरान महिलाओं ने अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि सरकारी योजनाओं के माध्यम से उन्हें रोजगार, प्रशिक्षण और आर्थिक सहयोग मिला, जिससे वे आज आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ रही हैं।
ई-रिक्शा चलाकर सीता देवी बनीं आत्मनिर्भर
वाराणसी की सीता देवी ने मुख्यमंत्री को बताया कि उन्होंने मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना के तहत ई-रिक्शा चलाकर अपनी पहचान बनाई है।
सीता देवी ने बताया कि शुरुआत में उन्हें समाज के तानों और संकोच का सामना करना पड़ा, लेकिन उन्होंने हिम्मत नहीं छोड़ी। आज वे न केवल स्वयं ई-रिक्शा चलाकर अपनी आजीविका कमा रही हैं, बल्कि करीब 250 महिलाओं को ई-रिक्शा चलाने का प्रशिक्षण देकर उन्हें भी आत्मनिर्भर बनने की राह दिखा चुकी हैं।
मुख्यमंत्री ने उनके साहस और नेतृत्व की सराहना करते हुए कहा कि ऐसी पहलें समाज में सकारात्मक बदलाव का उदाहरण हैं।
फूलों की खेती से बदल रही सोनी कुमारी की दुनिया
चंदौली जिले की सोनी कुमारी ने संवाद के दौरान बताया कि उन्होंने फूलों की खेती को अपना रोजगार बनाया है। इसके साथ ही वे महिला स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से क्षेत्र की अन्य महिलाओं को भी इस काम से जोड़ रही हैं।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उनसे फूलों की खेती से होने वाले लाभ के बारे में विस्तार से जानकारी ली। उन्होंने मंदिरों में चढ़ाए जाने वाले फूलों के पुनः उपयोग से धूपबत्ती और अगरबत्ती बनाने के प्रशिक्षण की संभावनाओं पर भी चर्चा की और उनके उद्यम को आगे बढ़ाने के लिए प्रेरित किया।
ड्रोन दीदी और उद्यमी बनीं दुर्गा मौर्य
जौनपुर से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़ी दुर्गा मौर्य ने बताया कि उन्होंने कृषि विभाग की योजनाओं के तहत एफपीओ (फार्मर प्रोड्यूसर ऑर्गनाइजेशन) बनाकर किसानों को आधुनिक कृषि तकनीकों और कृषि यंत्रों के उपयोग के बारे में जागरूक किया है।
उन्होंने बताया कि वे ‘ड्रोन दीदी’ के रूप में भी कार्य कर रही हैं और उद्योग विभाग से ऋण लेकर नमकीन बनाने की एक छोटी फैक्ट्री भी स्थापित की है। इस पहल से कई अन्य महिलाओं को भी रोजगार मिला है।
मुख्यमंत्री ने उनके प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि ऐसी महिलाएं ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं।
नारी सशक्तीकरण की दिशा में नई ऊर्जा
अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर आयोजित यह संवाद कार्यक्रम प्रदेश में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी और आत्मनिर्भरता की दिशा में हो रहे बदलाव को दर्शाता है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि सरकार की विभिन्न योजनाओं का उद्देश्य महिलाओं को आर्थिक और सामाजिक रूप से सशक्त बनाना है, ताकि वे आत्मविश्वास के साथ अपने सपनों को साकार कर सकें।
इस संवाद से यह स्पष्ट हुआ कि प्रदेश की महिलाएं अब केवल लाभार्थी नहीं रहीं, बल्कि वे परिवर्तन की वाहक बनकर समाज को नई दिशा दे रही हैं।











