कन्याकुमारी, 15 अप्रैल 2026 (बुधवार)। तमिलनाडु की सियासत इस वक्त उफान पर है—और इसी उफान के बीच बुधवार को कन्याकुमारी रोड शो ने चुनावी माहौल को एक अलग ही ताप दे दिया। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जब नागरकोइल की सड़कों पर उतरे, तो यह सिर्फ एक राजनीतिक कार्यक्रम नहीं रहा; यह शक्ति, संदेश और रणनीति—तीनों का संगम बन गया।
कन्याकुमारी रोड शो में उमड़ा जनसैलाब, सड़कों पर दिखा उत्साह
कन्याकुमारी के नागरकोइल में आयोजित कन्याकुमारी रोड शो वेप्पामूडू जंक्शन से शुरू होकर वडासेरी तक करीब डेढ़ किलोमीटर चला। दूरी भले सीमित रही हो, लेकिन भीड़ और उत्साह ने इसे बेहद विशाल बना दिया।
प्रधानमंत्री के साथ इस दौरान Edappadi K. Palaniswami, K. Annamalai और प्रदेश भाजपा अध्यक्ष नैनार नागेंद्रन मौजूद रहे।
सड़क के दोनों ओर खड़े लोगों ने फूलों की बारिश की—कहीं ढोल-नगाड़ों की गूंज थी, तो कहीं युवाओं के नारे। राजनीतिक कार्यक्रमों में अक्सर दिखने वाली औपचारिकता यहां कुछ हद तक टूटती नजर आई; माहौल ज्यादा लोक-उत्सव जैसा दिखा।
आंबेडकर को श्रद्धांजलि: चुनावी मंच से सामाजिक संदेश
रोड शो के बीच प्रधानमंत्री ने नागरकोइल में B. R. Ambedkar की प्रतिमा पर जाकर पुष्प अर्पित किए और उन्हें नमन किया।
यह कदम महज एक औपचारिकता नहीं था। चुनावी रणनीति में ऐसे प्रतीकात्मक संदेश अक्सर गहरे मायने रखते हैं—विशेषकर तब, जब सामाजिक न्याय और संविधान की बात केंद्र में हो। स्थानीय कार्यकर्ताओं के बीच इस पल ने भावनात्मक जुड़ाव भी पैदा किया।
अन्नामलाई का दावा: “तमिलनाडु बदलाव चाहता है”
रोड शो के दौरान K. Annamalai ने भरोसे के साथ कहा कि राज्य की जनता अब बदलाव के मूड में है। उन्होंने मौजूदा Dravida Munnetra Kazhagam सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि लोग विकल्प तलाश रहे हैं।
अन्नामलाई ने यह भी संकेत दिया कि NDA की जीत की स्थिति में Edappadi K. Palaniswami एक बार फिर मुख्यमंत्री बन सकते हैं। यह बयान गठबंधन की अंदरूनी रणनीति और चेहरे को लेकर साफ संकेत देता है।
केंद्र बनाम राज्य: योजनाओं को लेकर आरोप-प्रत्यारोप
इससे पहले प्रधानमंत्री मोदी ने बूथ कार्यकर्ताओं से बातचीत में राज्य सरकार पर सीधा हमला बोला था। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र की योजनाएं जमीन तक सही तरीके से नहीं पहुंच पा रही हैं, जिससे आम लोग लाभ से वंचित रह जाते हैं।
मोदी ने अपनी सरकार के मॉडल का जिक्र करते हुए कहा कि बिचौलियों को खत्म कर सीधे लाभार्थियों के खातों में पैसा भेजा जा रहा है—एक ऐसा दावा जो उनकी राजनीतिक शैली का अहम हिस्सा रहा है।
चुनाव की तस्वीर: सीधी टक्कर या त्रिकोणीय मुकाबला?
तमिलनाडु में 23 अप्रैल को एक ही चरण में मतदान होगा और 4 मई को नतीजे सामने आएंगे। इस बार मुकाबला मुख्य रूप से Dravida Munnetra Kazhagam के नेतृत्व वाले गठबंधन और भाजपा-अन्नाद्रमुक के NDA के बीच है।
हालांकि, अभिनेता से नेता बने Vijay की पार्टी के मैदान में उतरने से चुनावी समीकरण और जटिल हो गए हैं। इससे वोटों का बंटवारा किस दिशा में जाएगा—यह फिलहाल सबसे बड़ा सवाल बना हुआ है।












