गोरखपुर (15 अप्रैल 2026): पूर्वांचल की धरती पर तकनीकी क्रांति की एक नई इबारत लिखी गई, जब गोरखपुर में प्रदेश का पहला सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (Centre of Excellence) शुरू हुआ। यह सिर्फ एक शैक्षणिक संस्थान नहीं, बल्कि भविष्य की संभावनाओं का ऐसा केंद्र है, जो युवाओं, किसानों और महिलाओं को नई दिशा देने का दावा करता है।
बुधवार को मुख्यमंत्री Yogi Adityanath ने Maharana Pratap Institute of Technology परिसर में इस अत्याधुनिक एआई एवं इमर्जिंग टेक्नोलॉजी आधारित सेंटर का लोकार्पण किया।
सेंटर ऑफ एक्सीलेंस: तकनीक के जरिए सशक्तिकरण की पहल
अपने संबोधन में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्पष्ट कहा कि यह सेंटर ऑफ एक्सीलेंस केवल तकनीकी शिक्षा तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि यह क्षेत्र के सामाजिक-आर्थिक ढांचे को भी बदलने की क्षमता रखता है।
उन्होंने इसे पूर्वी उत्तर प्रदेश, पश्चिमी बिहार और नेपाल के तराई क्षेत्र के लिए “टेक्नोलॉजी का नया द्वार” बताया। उनके शब्दों में—यह केंद्र युवाओं को कौशल देगा, किसानों को आधुनिक तकनीक से जोड़ेगा और महिलाओं को आत्मनिर्भर बनने के अवसर प्रदान करेगा।
AI से लेकर ड्रोन तक—आधुनिक तकनीकों का मिलेगा प्रशिक्षण
यह सेंटर Tata Group के सहयोग से स्थापित किया गया है, जो अपने आप में इसकी विश्वसनीयता और गुणवत्ता का संकेत है। यहां जिन क्षेत्रों में प्रशिक्षण और शोध को बढ़ावा मिलेगा, वे हैं—
- आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI)
- मशीन लर्निंग
- डेटा साइंस
- साइबर सिक्योरिटी
- ड्रोन टेक्नोलॉजी
- 3D प्रिंटिंग
- स्पेस टेक्नोलॉजी
यानी यह केंद्र पारंपरिक शिक्षा से आगे बढ़कर छात्रों को उन कौशलों से लैस करेगा, जिनकी मांग आने वाले वर्षों में वैश्विक स्तर पर बढ़ने वाली है।
स्टार्टअप और इनोवेशन को मिलेगा नया प्लेटफॉर्म
मुख्यमंत्री ने इस पहल को केवल शिक्षा तक सीमित न मानते हुए इसे स्टार्टअप और इनोवेशन का लॉन्चपैड बताया।
उन्होंने कहा कि इस सेंटर के माध्यम से—
- नए स्टार्टअप्स को बढ़ावा मिलेगा
- इनोवेशन और रिसर्च को गति मिलेगी
- पेटेंट और टेक्नोलॉजी ट्रांसफर के अवसर बढ़ेंगे
यह एक ऐसा इकोसिस्टम तैयार करेगा, जहां स्थानीय प्रतिभाएं वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धा कर सकेंगी।
उत्तर प्रदेश की बदलती तस्वीर पर जोर
अपने भाषण में योगी आदित्यनाथ ने उत्तर प्रदेश के विकास मॉडल पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि राज्य अब तेजी से—
- एक्सप्रेसवे नेटवर्क
- आईटी सेक्टर
- मैन्युफैक्चरिंग हब
के रूप में उभर रहा है।
विशेष रूप से मोबाइल और इलेक्ट्रॉनिक्स निर्माण में प्रदेश की बढ़ती भूमिका को उन्होंने रोजगार सृजन का बड़ा आधार बताया।
टाटा समूह की भूमिका और सरकार की प्रतिबद्धता
मुख्यमंत्री ने टाटा समूह की सराहना करते हुए कहा कि यह सिर्फ एक औद्योगिक घराना नहीं, बल्कि “विश्वास और गुणवत्ता का प्रतीक” है।
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि राज्य सरकार तकनीकी शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए निरंतर प्रयासरत है और ऐसे प्रोजेक्ट भविष्य में और भी बढ़ाए जाएंगे।
युवाओं के नाम संदेश: तकनीक अपनाएं, भविष्य बनाएं
कार्यक्रम के अंत में मुख्यमंत्री ने युवाओं से सीधा संवाद करते हुए कहा कि आज का दौर तकनीक का है और जो इसे अपनाएगा, वही आगे बढ़ेगा।
उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे नई तकनीकों को सीखकर खुद को वैश्विक प्रतिस्पर्धा के लिए तैयार करें।
पूर्वांचल बनेगा ‘नॉलेज हब’?
गोरखपुर में स्थापित यह सेंटर ऑफ एक्सीलेंस केवल एक शुरुआत है, लेकिन इसके प्रभाव दूरगामी हो सकते हैं। अगर योजनाएं जमीन पर उतरीं, तो यह केंद्र पूर्वांचल को एक नॉलेज हब के रूप में स्थापित करने में मील का पत्थर साबित हो सकता है।
यह पहल संकेत देती है कि अब विकास का केंद्र सिर्फ बड़े शहर नहीं, बल्कि गोरखपुर जैसे उभरते शहर भी बन सकते हैं—जहां से भविष्य की तकनीकी कहानियां लिखी जाएंगी।










