राष्ट्रीय उत्तर प्रदेश राज्य अंतरराष्ट्रीय खेल मनोरंजन एजुकेशन बिजनेस राशिफल

---Advertisement---

बंगाल में सियासी हमला तेज: योगी आदित्यनाथ बोले—कांग्रेस ने लूटा, TMC कर रही कंगाल

On: April 22, 2026
Follow Us:
बंगाल में सियासी हमला तेज, योगी आदित्यनाथ बोले—कांग्रेस ने लूटा
---Advertisement---

कोलकाता (Wed, 22 Apr 2026)। पश्चिम बंगाल की राजनीति में चुनावी गर्मी अब खुलकर दिखने लगी है। बंगाल में सियासी हमला उस वक्त और तेज हो गया, जब उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री Yogi Adityanath ने कोलकाता की जनसभा से सीधे मुख्यमंत्री Mamata Banerjee और उनकी सरकार पर निशाना साधा।

जोरासांको विधानसभा क्षेत्र में आयोजित रैली में योगी ने कहा कि “कांग्रेस ने लूटा, कम्युनिस्टों ने नोचा और अब TMC बंगाल को कंगाल बना रही है।” उनके भाषण में सिर्फ राजनीतिक आरोप नहीं थे, बल्कि सांस्कृतिक और आर्थिक मुद्दों का मिश्रण भी साफ दिखाई दिया।

4 मई को ‘भगवा लहर’ का दावा, वोटरों से सीधी अपील

योगी आदित्यनाथ ने चुनावी तारीखों का जिक्र करते हुए दावा किया कि 4 मई को नतीजे आने के बाद बंगाल में “भगवा ध्वज” लहराएगा।

उन्होंने कहा कि पहले चरण के चुनाव में ही बदलाव की लहर दिख रही है और मतदाताओं का रुझान स्पष्ट संकेत दे रहा है।

सभा में मौजूद भीड़ और पोस्टरों का जिक्र करते हुए उन्होंने इसे “जनता के मन की आवाज” बताया। उनके मुताबिक, अब बंगाल “अंधकार से निकलकर सोनार बांग्ला” बनने की ओर बढ़ेगा—हालांकि यह दावा राजनीतिक मंचों पर अक्सर सुनाई देता रहा है।

बेरोजगारी और उद्योगों पर सवाल, आंकड़ों के साथ हमला

अपने भाषण में योगी ने आर्थिक मुद्दों को भी प्रमुखता दी। उन्होंने कहा कि कभी रोजगार का केंद्र रहा बंगाल आज बेरोजगारी के संकट से जूझ रहा है।

उनके अनुसार, पिछले 10 वर्षों में 7000 से अधिक बड़े उद्योग और हजारों MSME इकाइयां बंद हुईं, जिससे करीब 30 लाख युवाओं को रोजगार का नुकसान हुआ।

यह आरोप सीधे तौर पर राज्य सरकार की नीतियों पर सवाल उठाता है, हालांकि इन आंकड़ों को लेकर राजनीतिक बहस की गुंजाइश भी बनी रहती है।

संस्कृति और पहचान का मुद्दा भी बना केंद्र

योगी आदित्यनाथ ने अपने भाषण में बंगाल की सांस्कृतिक पहचान का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि बंगाल की अस्मिता से खिलवाड़ नहीं होना चाहिए और इसे राजनीतिक स्वार्थ से ऊपर रखा जाना चाहिए।

गुरुदेव Rabindranath Tagore का उल्लेख करते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि उनकी विरासत से जुड़े स्थानों पर भी राजनीतिक हस्तक्षेप हो रहा है।

उन्होंने यह भी कहा कि बंगाल की पहचान उसकी सांस्कृतिक विरासत से है, न कि किसी बाहरी प्रभाव से—यह टिप्पणी सीधे तौर पर पहचान की राजनीति की ओर इशारा करती है।

यूपी मॉडल का जिक्र, ‘रामराज्य’ और कानून व्यवस्था पर जोर

योगी ने उत्तर प्रदेश के उदाहरण को सामने रखते हुए कहा कि 2017 से पहले वहां भी अराजकता, दंगे और कर्फ्यू आम बात थी, लेकिन अब स्थिति पूरी तरह बदल चुकी है।

उन्होंने “नो कर्फ्यू, नो दंगा” का जिक्र करते हुए कहा कि आज यूपी में धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजनों को खुलकर मनाया जा रहा है।

साथ ही, ‘बुलडोजर कार्रवाई’ को उन्होंने कानून व्यवस्था सुधार का प्रतीक बताया—जो समर्थकों के लिए सख्ती का संकेत है, वहीं आलोचकों के लिए यह विवाद का विषय भी बना रहता है।

चुनावी संदेश साफ, लेकिन राजनीतिक टकराव भी उतना ही स्पष्ट

बंगाल में सियासी हमला केवल आरोप-प्रत्यारोप तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इसमें विकास, रोजगार, संस्कृति और कानून व्यवस्था जैसे कई मुद्दे एक साथ उभरकर सामने आए।

योगी आदित्यनाथ ने मंच से भाजपा उम्मीदवारों के लिए समर्थन मांगा और मतदाताओं से बदलाव के लिए वोट देने की अपील की।

हालांकि, इस तरह के तीखे राजनीतिक बयान चुनावी माहौल को और धारदार बनाते हैं, जहां हर दावा और हर आरोप जनता के फैसले की कसौटी पर परखा जाएगा।

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now