लखनऊ, 24 अप्रैल 2026। उत्तर प्रदेश में सरकारी भर्तियों को लेकर पारदर्शिता की मांग लंबे समय से उठती रही है। इसी पृष्ठभूमि में होमगार्ड भर्ती परीक्षा 2025 को लेकर योगी सरकार ने ऐसा सुरक्षा मॉडल तैयार किया है, जिसे अब तक की सबसे सख्त और तकनीक-आधारित व्यवस्था माना जा रहा है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर इस परीक्षा में आधार आधारित E-KYC और आइरिस बायोमेट्रिक सत्यापन को अनिवार्य किया गया है, ताकि ‘मुन्नाभाई’ यानी फर्जी अभ्यर्थियों की एंट्री पूरी तरह रोकी जा सके।
41,424 पद, 25 लाख से ज्यादा अभ्यर्थी—बड़ी परीक्षा, बड़ी चुनौती
इस भर्ती परीक्षा में कुल 41,424 पदों के लिए लगभग 25.32 लाख अभ्यर्थी शामिल हो रहे हैं। परीक्षा 25, 26 और 27 अप्रैल को प्रदेश के 1053 केंद्रों पर दो पालियों में आयोजित होगी।
इतनी बड़ी संख्या को देखते हुए उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड ने बहुस्तरीय सुरक्षा योजना लागू की है, जो सिर्फ निगरानी ही नहीं बल्कि पहचान सत्यापन से लेकर लॉजिस्टिक्स तक हर स्तर को कवर करती है।
E-KYC और आइरिस बायोमेट्रिक: ‘इंपर्सनेशन’ पर सीधा प्रहार
बोर्ड के अध्यक्ष एस.बी. शिरडकर ने बताया कि हर अभ्यर्थी को परीक्षा केंद्र में प्रवेश से पहले आधार आधारित E-KYC प्रक्रिया से गुजरना होगा।
इसके साथ:
- केंद्रों पर आइरिस बायोमेट्रिक डेस्क लगाई जाएंगी
- अभ्यर्थियों की आंखों की पहचान (iris scan) से सत्यापन होगा
- किसी दूसरे व्यक्ति द्वारा परीक्षा देने (impersonation) की संभावना खत्म होगी
यह तकनीक न सिर्फ पहचान को पुख्ता करेगी, बल्कि भविष्य में भर्ती परीक्षाओं के लिए एक नया मानक भी तय कर सकती है।
हर स्तर पर निगरानी, पुलिस-प्रशासन अलर्ट
परीक्षा की शुचिता बनाए रखने के लिए सुरक्षा के पारंपरिक और आधुनिक दोनों उपाय अपनाए गए हैं:
- हर जिले में ASP/ACP स्तर के नोडल अधिकारी
- हर 240 अभ्यर्थियों पर एक निरीक्षक/उप निरीक्षक
- एंट्री गेट पर हैंड हेल्ड मेटल डिटेक्टर से जांच
- महिला अभ्यर्थियों की जांच अलग सुरक्षित परिसर में
इससे साफ है कि सरकार ने परीक्षा को “सिस्टमेटिक कंट्रोल” के तहत लाने की पूरी तैयारी कर ली है।
प्रश्नपत्र सुरक्षा: डबल लॉक सिस्टम और सख्त प्रोटोकॉल
पेपर लीक जैसी घटनाओं को रोकने के लिए इस बार विशेष सतर्कता बरती गई है।
- प्रश्नपत्र कोषागार में डबल लॉक सिस्टम में रखे गए हैं
- चाबियां अलग-अलग अधिकारियों के पास
- स्ट्रॉन्ग रूम में 24×7 बिजली, इंटरनेट और फायर सेफ्टी
- सेंटर तक पहुंचाने के लिए पहले से रिहर्सल
परिवहन के दौरान फोटोग्राफी तक पर पूरी तरह प्रतिबंध लगाया गया है, जो सुरक्षा की गंभीरता को दर्शाता है।
परीक्षा केंद्रों का सैनिटाइजेशन और CCTV निगरानी
सिर्फ सुरक्षा बलों पर ही निर्भर नहीं रहा गया, बल्कि परीक्षा केंद्रों को तकनीकी रूप से भी पूरी तरह तैयार किया गया है:
- छत, गैलरी, मैदान और वॉशरूम तक की जांच
- किसी भी इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस को छिपाने की गुंजाइश खत्म
- सभी केंद्रों पर CCTV से लगातार निगरानी
- पेयजल, क्लॉक रूम और समय सूचना की व्यवस्था
यह व्यवस्था अभ्यर्थियों के अनुभव को भी बेहतर बनाती है, जो अक्सर अनदेखा रह जाता है।
अभ्यर्थियों के लिए सख्त नियम: मोबाइल से लेकर घड़ी तक बैन
इस बार परीक्षा में अनुशासन को लेकर कोई ढील नहीं दी गई है।
अभ्यर्थियों को सिर्फ:
- प्रवेश पत्र
- वैध पहचान पत्र
- काला/नीला पेन
ले जाने की अनुमति होगी।
मोबाइल, स्मार्ट वॉच, ब्लूटूथ या किसी भी इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस पर पूरी तरह प्रतिबंध रहेगा।
स्टेशन से सेंटर तक सुरक्षा, अफवाहों पर भी नजर
परीक्षा के दौरान सिर्फ केंद्र ही नहीं, बल्कि पूरे रूट को सुरक्षित किया गया है:
- रेलवे स्टेशन और बस अड्डों पर अतिरिक्त पुलिस बल
- परीक्षा केंद्रों के पास UP-112 और एम्बुलेंस तैनात
- सोशल मीडिया पर निगरानी, अफवाह फैलाने वालों पर कार्रवाई
यह दिखाता है कि सरकार परीक्षा को सिर्फ एक इवेंट नहीं, बल्कि राज्यव्यापी ऑपरेशन की तरह ले रही है।
निष्कर्ष: तकनीक और सख्ती का संतुलन, भरोसे की नई शुरुआत
होमगार्ड भर्ती परीक्षा 2025 के लिए बनाई गई यह व्यवस्था सिर्फ नकल रोकने का प्रयास नहीं है, बल्कि यह संदेश भी है कि भर्ती प्रक्रिया अब पारदर्शिता, तकनीक और जवाबदेही के नए दौर में प्रवेश कर चुकी है।
अगर यह मॉडल सफल रहता है, तो आने वाले समय में अन्य भर्तियों में भी इसी तरह की सख्ती और तकनीकी हस्तक्षेप देखने को मिल सकता है—जो लाखों युवाओं के भरोसे को मजबूत करेगा।










