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मल्टी लेन फ्री फ्लो टोलिंग: अब नहीं लगेंगी कतारें, देशभर से हटेंगे टोल प्लाजा

On: April 24, 2026
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मल्टी लेन फ्री फ्लो टोलिंग, देशभर से हटेंगे टोल प्लाजा
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नई दिल्ली, 24 अप्रैल 2026। देश के हाईवे पर सफर करने वालों के लिए एक बड़ा बदलाव दस्तक देने जा रहा है। लंबे समय से टोल प्लाजा पर लगने वाली कतारें, रुक-रुक कर बढ़ती गाड़ियां और समय की बर्बादी—अब ये सब धीरे-धीरे इतिहास बनने वाले हैं। केंद्र सरकार मल्टी लेन फ्री फ्लो टोलिंग सिस्टम लागू करने जा रही है, जो न केवल यात्रा को तेज बनाएगा बल्कि पूरी टोल व्यवस्था को ही बदल देगा।

मल्टी लेन फ्री फ्लो टोलिंग: बिना रुके कटेगा टोल

मल्टी लेन फ्री फ्लो टोलिंग का मतलब है—अब टोल चुकाने के लिए गाड़ी को न रोकना पड़ेगा, न ही स्पीड कम करनी होगी।
यह सिस्टम हाईवे पर लगे विशेष “गेंट्री” (ऊंचे फ्रेम) के जरिए काम करेगा, जिनमें अत्याधुनिक कैमरे और सेंसर लगे होंगे।

इस पूरी प्रक्रिया को लागू करने की जिम्मेदारी National Highways Authority of India (NHAI) को दी गई है।

गाड़ी जैसे ही इन गेंट्री के नीचे से गुजरेगी,

  • ANPR (ऑटोमैटिक नंबर प्लेट रिकग्निशन) सिस्टम नंबर प्लेट पढ़ेगा
  • RFID रीडर FASTag को स्कैन करेगा
  • और बिना किसी रुकावट के टोल अपने आप कट जाएगा

यानी अब न बैरियर, न लाइन, न इंतजार—सीधा सफर।

मई से शुरुआत: गुजरात के चौर्यासी से पायलट प्रोजेक्ट

सरकार इस नई व्यवस्था की शुरुआत मई 2026 से गुजरात के सूरत स्थित चौर्यासी इलाके से करने जा रही है। यहां पहले ही टोल प्लाजा हटाया जा चुका है और नई तकनीक का परीक्षण अंतिम चरण में है।

इसके बाद यह सिस्टम हरियाणा के एनएच-44 पर घरौंदा टोल प्लाजा सहित अन्य प्रमुख मार्गों पर लागू किया जाएगा।

सरकार का लक्ष्य साफ है—अगले तीन साल के भीतर पूरे देश के राष्ट्रीय राजमार्गों पर मल्टी लेन फ्री फ्लो टोलिंग लागू करना।

फास्टैग के बाद अगला कदम: पूरी तरह डिजिटल टोल सिस्टम

अब तक FASTag ने टोल प्लाजा पर लगने वाली लंबी कतारों को काफी हद तक कम किया है। नकद भुगतान बंद होने से प्रक्रिया और तेज हुई है।

लेकिन फिर भी कुछ सेकंड या मिनट का ठहराव बना रहता था—

  • कभी बैलेंस कम होने पर
  • कभी स्कैनिंग में तकनीकी समस्या आने पर
  • या कभी मानवीय हस्तक्षेप के कारण

नई व्यवस्था इन सभी समस्याओं को खत्म कर देगी।

तकनीकी गड़बड़ी पर भी सख्ती: ई-चालान से वसूली

इस सिस्टम में एक दिलचस्प और सख्त पहलू भी है।
अगर किसी वाहन का FASTag काम नहीं करता या उसमें पर्याप्त बैलेंस नहीं होता, तो वाहन को रोका नहीं जाएगा।

इसके बजाय:

  • वाहन का डेटा रिकॉर्ड होगा
  • और बाद में ई-चालान के जरिए दोगुना टोल शुल्क वसूला जाएगा

इससे सिस्टम में पारदर्शिता भी बढ़ेगी और नियमों का पालन सुनिश्चित होगा।

क्या बदल जाएगा आम यात्रियों के लिए?

इस नई व्यवस्था का सीधा फायदा आम लोगों को मिलेगा—

  • हाईवे पर सफर तेज और स्मूथ होगा
  • ईंधन की बचत होगी (कम ब्रेक और एक्सेलेरेशन)
  • ट्रैफिक जाम में भारी कमी आएगी
  • और यात्रा का अनुभव अधिक आरामदायक बनेगा

दरअसल, यह सिर्फ तकनीकी बदलाव नहीं है—यह भारत के सड़क ढांचे को एक नए स्तर पर ले जाने की कोशिश है।

निष्कर्ष: हाईवे पर अब “रुकना” बीते दौर की बात

मल्टी लेन फ्री फ्लो टोलिंग के साथ भारत की सड़क व्यवस्था एक बड़े ट्रांजिशन के दौर में है।
जहां पहले टोल प्लाजा सफर की सबसे बड़ी रुकावट माने जाते थे, वहीं अब आने वाले समय में वे पूरी तरह गायब हो सकते हैं।

अगर सब कुछ योजना के अनुसार चला, तो आने वाले तीन वर्षों में देश का हाईवे नेटवर्क बिना रुके, बिना बाधा के—सच में “फ्री फ्लो” बन जाएगा।

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