नई दिल्ली / गंगटोक (Tue, 28 Apr 2026)। दो दिन के सिक्किम दौरे पर पहुंचे प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने राज्य के 50वें स्थापना दिवस समारोह के समापन कार्यक्रम में भाग लेते हुए पूर्वोत्तर भारत को देश की “अष्टलक्ष्मी” करार दिया। अपने संबोधन में उन्होंने “सिक्किम अष्टलक्ष्मी भारत” की अवधारणा को रेखांकित करते हुए कहा कि यह क्षेत्र न केवल सांस्कृतिक विविधता का प्रतीक है, बल्कि भारत के भविष्य के विकास का मजबूत आधार भी है।
पीएम मोदी के शब्दों में, “सिक्किम आकर जो अनुभव होता है, वह केवल प्राकृतिक सुंदरता तक सीमित नहीं है, बल्कि यह आत्मिक शांति और राष्ट्रीय एकता का एहसास भी कराता है।”
प्रकृति, संस्कृति और स्वच्छता का अनूठा संगम
अपने संबोधन में प्रधानमंत्री ने सिक्किम की सुंदरता का बेहद भावनात्मक अंदाज़ में जिक्र किया। उन्होंने कहा कि रात की बारिश, सुबह की ठंडक और खिली धूप — यह सब मिलकर सिक्किम को “पूरब का स्वर्ग” बनाते हैं।
उन्होंने राज्य को “ऑर्किड्स का गार्डन” बताते हुए कहा कि यहां की फ्लोरल डाइवर्सिटी (पुष्प विविधता) देश में सबसे समृद्ध है। आंकड़ों का हवाला देते हुए उन्होंने बताया कि भले ही सिक्किम का क्षेत्रफल देश का 1% से भी कम हो, लेकिन यहां भारत की 25% से अधिक वनस्पति विविधता पाई जाती है।
इसके साथ ही पीएम ने खास तौर पर सिक्किम की स्वच्छता की सराहना की—
“सड़कें हों या हवा, हर जगह स्वच्छता दिखती है। यहां के लोग प्रकृति के सच्चे संरक्षक हैं।”
‘एक भारत-श्रेष्ठ भारत’ का जीवंत उदाहरण
प्रधानमंत्री मोदी ने अपने भाषण में कहा कि जब देश के कुछ हिस्सों में भाषावाद, प्रांतवाद और विभाजन की राजनीति देखने को मिलती है, तब सिक्किम एक अलग ही तस्वीर पेश करता है।
उन्होंने कहा कि गंगटोक में आयोजित कार्यक्रम और रोड शो के दौरान जिस तरह लोगों ने तिरंगा लेकर “भारत माता की जय” और “वंदे मातरम्” के नारे लगाए, वह राष्ट्रीय एकता (National Integration) का सशक्त उदाहरण है।
पीएम ने भावुक होकर कहा—
“आपने सिर्फ मेरा नहीं, पूरे हिंदुस्तान का दिल जीत लिया है।”
कनेक्टिविटी और टूरिज्म पर सरकार का फोकस
“सिक्किम अष्टलक्ष्मी भारत” के विजन को आगे बढ़ाते हुए प्रधानमंत्री ने स्पष्ट किया कि केंद्र सरकार पूर्वोत्तर में कनेक्टिविटी और इंफ्रास्ट्रक्चर पर तेजी से काम कर रही है।
उन्होंने बताया कि पिछले कुछ वर्षों में:
- सैकड़ों किलोमीटर नए हाईवे बनाए गए
- गांव-गांव तक सड़क पहुंचाने का अभियान तेज हुआ
- पर्यटन (Tourism Economy) को बढ़ावा देने के लिए विशेष योजनाएं लागू की गईं
पीएम ने कहा कि सिक्किम की अर्थव्यवस्था में पर्यटन की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है और इसे और मजबूत करना सरकार की प्राथमिकता है।
‘अष्टलक्ष्मी’ क्यों है नॉर्थ ईस्ट?
प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन में पूर्वोत्तर भारत को “अष्टलक्ष्मी” बताते हुए कहा कि यह क्षेत्र आठ राज्यों के रूप में भारत की समृद्धि का प्रतीक है।
उन्होंने “Act East Policy” के साथ-साथ “Act Fast for Northeast” के संकल्प को दोहराते हुए कहा कि यह इलाका भारत के विकास की नई धुरी बनने जा रहा है।
स्थानीय नेतृत्व और जनभागीदारी की सराहना
पीएम मोदी ने सिक्किम के मुख्यमंत्री Prem Singh Tamang के नेतृत्व की सराहना करते हुए कहा कि राज्य सरकार ईमानदारी से विरासत को सहेजते हुए विकास को गति दे रही है।
उन्होंने स्थानीय लोगों की सादगी, सौम्यता और मुस्कान का जिक्र करते हुए कहा कि सिक्किम के लोग देश की असली ताकत हैं।
निष्कर्ष: विकास और विरासत का संतुलन ही पहचान
“सिक्किम अष्टलक्ष्मी भारत” केवल एक राजनीतिक बयान नहीं, बल्कि एक व्यापक दृष्टि (Vision) है—जहां विकास, संस्कृति, प्रकृति और राष्ट्रीय एकता एक साथ आगे बढ़ते हैं।
सिक्किम ने एक बार फिर यह साबित किया है कि छोटा राज्य होने के बावजूद, वह देश के लिए बड़ी प्रेरणा बन सकता है।










