नई दिल्ली, 5 मई 2026: देश की सबसे बड़ी अदालत सुप्रीम कोर्ट में आज की कार्यवाही कई मायनों में बेहद अहम मानी जा रही है। सुप्रीम कोर्ट सुनवाई के दौरान ऐसे मामलों पर बहस होगी, जिनका असर सिर्फ कानूनी दायरे तक सीमित नहीं, बल्कि सामाजिक और राजनीतिक विमर्श पर भी पड़ेगा। सबरीमाला मंदिर प्रवेश विवाद से लेकर मणिपुर हिंसा, उन्नाव रेप केस और आसाराम ट्रस्ट विवाद तक—आज अदालत का एजेंडा काफी व्यापक है।
सुप्रीम कोर्ट सुनवाई में उठेगा ‘स्पीडी ट्रायल’ का मुद्दा
दिन की शुरुआत एक महत्वपूर्ण फैसले से हुई, जिसमें अदालत ने यह साफ कर दिया कि न्याय में देरी, न्याय से इनकार के बराबर है। जस्टिस जेबी पारदीवाला और जस्टिस विजय विश्नोई की पीठ ने हत्या के एक आरोपी को जमानत देते हुए कहा कि बिना ट्रायल के लंबे समय तक जेल में रखना संविधान के अनुच्छेद 21 का उल्लंघन है।
महाराष्ट्र के कोल्हापुर निवासी साहिल मनोज मचारे नवंबर 2022 से जेल में था, लेकिन अब तक एक भी गवाह से पूछताछ नहीं हुई। अदालत ने इस स्थिति को गंभीर मानते हुए कहा कि कानून की प्रक्रिया का धीमा होना किसी भी आरोपी के मौलिक अधिकारों को कुचल नहीं सकता।
हाईकोर्ट के फैसले पर सुप्रीम कोर्ट की सख्त टिप्पणी
इस मामले में पहले बॉम्बे हाईकोर्ट ने आरोपी की जमानत याचिका खारिज कर दी थी। लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने इसे पलटते हुए निचली अदालत की शर्तों पर तत्काल रिहाई का आदेश दिया।
कोर्ट ने साफ शब्दों में कहा—“अपराध की गंभीरता अपनी जगह है, लेकिन संवैधानिक अधिकार उससे ऊपर हैं।” यह टिप्पणी आने वाले मामलों के लिए भी एक महत्वपूर्ण मिसाल बन सकती है।
सबरीमाला मंदिर पर फिर गरमाएगी बहस
आज की सुप्रीम कोर्ट सुनवाई का सबसे चर्चित हिस्सा केरल स्थित सबरीमाला मंदिर से जुड़ा है। नौ जजों की संविधान पीठ 2018 के उस ऐतिहासिक फैसले की समीक्षा करेगी, जिसमें सभी उम्र की महिलाओं को मंदिर में प्रवेश की अनुमति दी गई थी।
यह मामला धार्मिक आस्था और लैंगिक समानता के बीच संतुलन की बहस को फिर से केंद्र में ला सकता है।
मणिपुर हिंसा और उन्नाव केस भी सूची में
पूर्वोत्तर राज्य मणिपुर में हुई जातीय हिंसा से जुड़े मामलों पर भी आज सुनवाई होनी है। याचिकाओं में मांग की गई है कि इन मामलों का तेजी से और निष्पक्ष ट्रायल सुनिश्चित किया जाए।
इसके अलावा, उन्नाव रेप केस में दोषी ठहराए गए पूर्व भाजपा नेता कुलदीप सेंगर को मिली जमानत के खिलाफ सीबीआई की याचिका भी अदालत के सामने है।
आसाराम ट्रस्ट और शशि थरूर का मामला
स्वयंभू संत आसाराम के ट्रस्ट से जुड़ा जमीन विवाद भी आज की सुप्रीम कोर्ट सुनवाई में शामिल है। गुजरात सरकार द्वारा भूमि अधिग्रहण को चुनौती देने वाली याचिका पर अदालत का रुख महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
वहीं कांग्रेस नेता शशि थरूर के खिलाफ मानहानि मामले में भी सुनवाई होगी। यह मामला 2019 की एक टिप्पणी से जुड़ा है, जिसे लेकर दिल्ली हाईकोर्ट ने पहले शिकायत रद्द करने से इनकार कर दिया था।
निष्कर्ष: अदालत की आज की कार्यवाही पर देश की नजर
आज की सुप्रीम कोर्ट सुनवाई केवल कानूनी प्रक्रिया नहीं, बल्कि कई संवेदनशील मुद्दों पर देश की दिशा तय करने वाली बहस भी है। धार्मिक परंपराओं से लेकर मानवाधिकार और राजनीतिक जवाबदेही तक—हर पहलू पर अदालत के फैसले दूरगामी असर डाल सकते हैं।
ऐसे में, आज का दिन न्यायपालिका के लिए ही नहीं, बल्कि पूरे देश के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।













