नई दिल्ली, 5 मई 2026 (Tue): PM Kisan 23rd Installment का इंतजार कर रहे करोड़ों किसानों के लिए केंद्र सरकार ने समय से पहले एक बड़ा आर्थिक तोहफा दिया है। फसलों की गिरती कीमतों और बाजार की अनिश्चितता के बीच सरकार ने चना और सूरजमुखी की न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर 4,886 करोड़ रुपये की खरीद को मंजूरी देकर साफ संकेत दिया है कि किसान हित फिलहाल नीति के केंद्र में हैं।
केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री Shivraj Singh Chauhan ने इस फैसले की घोषणा करते हुए कहा कि किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य दिलाना सरकार की प्राथमिकता है, ताकि उन्हें मजबूरी में फसल औने-पौने दाम पर न बेचनी पड़े।
PM Kisan 23rd Installment से पहले MSP पर बड़ा फैसला
PM Kisan 23rd Installment से ठीक पहले लिया गया यह फैसला केवल एक औपचारिक घोषणा नहीं, बल्कि किसानों के लिए वास्तविक राहत का संकेत है। कृषि मंत्रालय के मुताबिक, मूल्य समर्थन योजना (PSS) के तहत खरीद का दायरा बढ़ाया गया है।
सरकार का उद्देश्य साफ है—
- किसानों को बाजार के उतार-चढ़ाव से बचाना
- MSP के जरिए आय की सुरक्षा देना
- कृषि क्षेत्र में स्थिरता बनाए रखना
इस योजना के तहत महाराष्ट्र और कर्नाटक के किसानों से सीधे MSP पर खरीद की जाएगी, जिससे करीब 4,886.46 करोड़ रुपये का आर्थिक लाभ पहुंचेगा।
महाराष्ट्र के चना किसानों के लिए राहत का बड़ा पैकेज
महाराष्ट्र के किसानों के लिए यह फैसला किसी बड़ी राहत से कम नहीं है। राज्य में रबी 2025-26 सीजन के लिए चने की खरीद सीमा को बढ़ाकर 8,19,882 मीट्रिक टन कर दिया गया है।
इस खरीद का कुल MSP मूल्य लगभग 4,816.80 करोड़ रुपये होगा।
यह सीधे किसानों की जेब में जाने वाला पैसा है—बिचौलियों के प्रभाव को कम करते हुए।
ग्रामीण इलाकों में लंबे समय से यह शिकायत थी कि बाजार में चने की कीमत MSP से नीचे गिर जाती है। ऐसे में यह कदम किसानों के भरोसे को फिर से मजबूत करता दिख रहा है।
चना बेचने की तारीख बढ़ी, किसानों को मिला अतिरिक्त समय
सरकार ने केवल खरीद बढ़ाई ही नहीं, बल्कि समय-सीमा भी बढ़ाकर किसानों की व्यावहारिक समस्याओं को समझने की कोशिश की है।
अब महाराष्ट्र के किसान 29 मई 2026 तक MSP पर चना बेच सकेंगे।
पहले तय समय सीमा में कई किसान अपनी उपज बेच नहीं पाए थे—या तो मौसम की वजह से या लॉजिस्टिक कारणों से।
इस विस्तार से:
- किसानों को जल्दबाजी में कम कीमत पर बेचने से राहत मिलेगी
- मंडियों में दबाव कम होगा
- बेहतर मूल्य मिलने की संभावना बढ़ेगी
कर्नाटक के सूरजमुखी किसानों को भी मिला फायदा
महाराष्ट्र के साथ-साथ कर्नाटक के किसानों को भी इस फैसले से लाभ मिलेगा।
रबी 2026 सीजन के लिए 9,023 मीट्रिक टन सूरजमुखी की MSP पर खरीद को मंजूरी दी गई है।
इसके लिए सरकार ने करीब 69.66 करोड़ रुपये का बजट तय किया है।
सूरजमुखी उत्पादक किसानों के लिए यह अहम है क्योंकि तेल बीज फसलों की कीमतें अक्सर बाजार में अस्थिर रहती हैं। MSP खरीद से उन्हें एक तय न्यूनतम सुरक्षा मिल जाती है।
किसानों और कृषि क्षेत्र पर क्या पड़ेगा असर?
PM Kisan 23rd Installment से पहले लिया गया यह फैसला केवल आर्थिक सहायता नहीं, बल्कि एक मनोवैज्ञानिक भरोसा भी देता है।
- किसानों को आय का भरोसा मिलेगा
- कृषि निवेश बढ़ सकता है
- बाजार में MSP एक मजबूत संकेतक के रूप में काम करेगा
कृषि मंत्रालय के अनुसार, ऐसे कदम यह दर्शाते हैं कि सरकार केवल योजनाएं घोषित नहीं कर रही, बल्कि उन्हें जमीन पर लागू भी कर रही है।
ग्रामीण अर्थव्यवस्था में नकदी का प्रवाह बढ़ेगा, जिससे स्थानीय व्यापार और रोजगार पर भी सकारात्मक असर पड़ सकता है।
निष्कर्ष: भरोसे को मजबूती, आय को सुरक्षा
PM Kisan 23rd Installment से पहले MSP पर इतनी बड़ी खरीद की मंजूरी यह दिखाती है कि सरकार किसानों को सिर्फ किस्तों तक सीमित नहीं रखना चाहती, बल्कि उनकी आय को स्थायी रूप से सुरक्षित करना चाहती है।
यह फैसला उन किसानों के लिए खास मायने रखता है जो बाजार की अनिश्चितताओं से जूझ रहे थे। आने वाले समय में अगर ऐसे कदम जारी रहे, तो कृषि क्षेत्र में स्थिरता और किसानों के जीवन स्तर में सुधार दोनों संभव हैं।











