राष्ट्रीय उत्तर प्रदेश राज्य अंतरराष्ट्रीय खेल मनोरंजन एजुकेशन बिजनेस राशिफल

---Advertisement---

तमिलनाडु में सरकार गठन पर फंसा पेंच, बहुमत के बिना नहीं मानी बात; अब क्या करेंगे TVK चीफ विजय?

On: May 7, 2026
Follow Us:
तमिलनाडु में सरकार गठन पर फंसा पेंच, बहुमत के बिना नहीं मानी बात
---Advertisement---

नई दिल्ली (Thu, 07 May 2026)। तमिलनाडु की राजनीति इन दिनों असाधारण हलचल के दौर से गुजर रही है। अभिनेता से नेता बने Joseph Vijay की पार्टी तमिलगा वेत्त्री कझगम (TVK) राज्य में सरकार बनाने की कोशिशों में जुटी है, लेकिन सत्ता का रास्ता फिलहाल आसान नजर नहीं आ रहा। दो दिनों के भीतर राज्यपाल से लगातार मुलाकातों के बावजूद पार्टी को सरकार गठन का न्योता नहीं मिला है, जिससे सियासी गलियारों में अटकलें तेज हो गई हैं।

तमिलनाडु के राज्यपाल Rajendra Arlekar ने साफ संकेत दिया है कि बिना स्पष्ट बहुमत के किसी भी दल को सरकार बनाने का अवसर नहीं दिया जाएगा। यही वजह है कि अब सबकी नजर इस बात पर टिकी है कि TVK चीफ विजय अगला कदम क्या उठाएंगे।

बहुमत के आंकड़े पर अटकी सरकार

तमिलनाडु विधानसभा में सरकार बनाने के लिए 118 विधायकों का समर्थन जरूरी है, लेकिन TVK फिलहाल इस जादुई आंकड़े से पीछे दिखाई दे रही है। पार्टी के पास करीब 108 विधायकों का समर्थन बताया जा रहा है। कांग्रेस और कुछ सहयोगी दलों का साथ मिलने के बाद भी बहुमत का गणित पूरी तरह नहीं बैठ पा रहा।

सूत्रों के मुताबिक पार्टी अभी भी जरूरी समर्थन जुटाने में लगी हुई है। हालांकि राज्यपाल ने यह स्पष्ट कर दिया है कि केवल “सबसे बड़ी पार्टी” होने के आधार पर सरकार गठन का दावा स्वीकार नहीं किया जा सकता, जब तक कि पर्याप्त संख्याबल साबित न हो जाए।

राज्यपाल से दो दिन में दो मुलाकात, फिर भी नहीं निकला हल

गुरुवार को TVK प्रमुख विजय को चेन्नई स्थित लोक भवन में बुलाया गया, जहां उनकी राज्यपाल राजेंद्र अर्लेकर के साथ अहम बैठक हुई। इससे पहले भी पार्टी प्रतिनिधिमंडल सरकार गठन को लेकर राज्यपाल से मुलाकात कर चुका था।

बैठक में विजय ने दावा किया कि उनकी पार्टी स्थिर सरकार देने में सक्षम है और जरूरत पड़ने पर विधानसभा में विश्वास मत हासिल कर सकती है। उन्होंने संवैधानिक परंपराओं और पूर्व उदाहरणों का भी हवाला दिया, जहां पूर्ण बहुमत न होने के बावजूद सबसे बड़े दल को सरकार बनाने का मौका मिला था।

लेकिन राजभवन की ओर से फिलहाल कोई सकारात्मक संकेत नहीं मिला। राज्यपाल ने कानूनी और संवैधानिक पहलुओं पर विचार करने की बात जरूर कही, मगर तत्काल निर्णय टाल दिया।

TVK के सामने अब क्या विकल्प?

राजनीतिक विश्लेषकों की मानें तो TVK के सामने अब तीन बड़े रास्ते बचे हैं—

1. अतिरिक्त समर्थन जुटाना

पार्टी निर्दलीय विधायकों या छोटे दलों का समर्थन हासिल करने की कोशिश कर सकती है। यही सबसे सीधा और व्यावहारिक रास्ता माना जा रहा है।

2. तीसरी बार राज्यपाल से दावा पेश करना

अगर समर्थन संख्या में थोड़ा भी इजाफा होता है तो विजय एक बार फिर सरकार गठन का दावा पेश कर सकते हैं। पार्टी नेतृत्व फिलहाल उम्मीद नहीं छोड़ना चाहता।

3. अदालत का दरवाजा खटखटाना

रिपोर्ट्स के मुताबिक यदि राजभवन से लगातार इनकार मिलता है तो TVK मद्रास हाईकोर्ट का रुख कर सकती है। पार्टी का तर्क हो सकता है कि सबसे बड़े दल को पहले अवसर देने की संवैधानिक परंपरा का पालन होना चाहिए।

फिल्मी लोकप्रियता से सत्ता तक का सफर अब कठिन मोड़ पर

Joseph Vijay ने अपने राजनीतिक अभियान में युवाओं और पहली बार वोट डालने वाले मतदाताओं को बड़े स्तर पर प्रभावित किया। उनकी फिल्मी छवि और आक्रामक प्रचार शैली ने TVK को तमिलनाडु की राजनीति में तेजी से उभरने में मदद की।

हालांकि चुनावी सफलता के बावजूद गठबंधन सहयोगियों की कमी अब सबसे बड़ी चुनौती बनती दिख रही है। राजनीतिक जानकार मानते हैं कि तमिलनाडु जैसे राज्य में केवल जनसमर्थन ही नहीं, बल्कि मजबूत राजनीतिक समीकरण भी सत्ता तक पहुंचने के लिए बेहद जरूरी होते हैं।

सियासी गलियारों में बढ़ी हलचल

सरकार गठन को लेकर जारी अनिश्चितता ने तमिलनाडु की राजनीति को और दिलचस्प बना दिया है। सोशल मीडिया से लेकर राजनीतिक मंचों तक एक ही सवाल चर्चा में है—क्या विजय आखिरकार बहुमत जुटा पाएंगे या फिर मामला अदालत तक पहुंचेगा?

फिलहाल TVK नेतृत्व सार्वजनिक तौर पर संयमित नजर आ रहा है, लेकिन पार्टी कार्यकर्ताओं में बेचैनी साफ महसूस की जा रही है। आने वाले 48 घंटे तमिलनाडु की राजनीति की दिशा तय करने में बेहद अहम माने जा रहे हैं।

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now

और पढ़ें