गुवाहाटी (Wed, 06 May 2026)। असम की राजनीति में बुधवार को बड़ा घटनाक्रम देखने को मिला, जब मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा ने अपने मंत्रिमंडल सहयोगियों के साथ पद से इस्तीफा दे दिया। इस कदम के साथ ही राज्य में भाजपा के नेतृत्व वाली सरकार के लगातार तीसरी बार गठन की प्रक्रिया औपचारिक रूप से शुरू हो गई है।
राज्यपाल Lakshman Prasad Acharya ने मुख्यमंत्री और मंत्रिपरिषद का इस्तीफा स्वीकार कर लिया है। हालांकि नई सरकार के गठन तक हिमंत बिस्व सरमा को कार्यवाहक मुख्यमंत्री के तौर पर जिम्मेदारी निभाने का अनुरोध किया गया है। राजनीतिक हलकों में माना जा रहा है कि नई सरकार का शपथ ग्रहण समारोह 11 मई के बाद आयोजित हो सकता है।
चुनाव परिणामों की अधिसूचना के बाद दिया इस्तीफा
मुख्यमंत्री कार्यालय की ओर से जारी बयान में कहा गया कि असम विधानसभा चुनाव 2026 के परिणामों की औपचारिक अधिसूचना जारी होने के बाद संवैधानिक प्रक्रिया के तहत मुख्यमंत्री और मंत्रिपरिषद ने लोकभवन पहुंचकर राज्यपाल को अपना इस्तीफा सौंप दिया।
भाजपा की यह जीत राज्य की राजनीति में महत्वपूर्ण मानी जा रही है, क्योंकि पार्टी लगातार तीसरी बार सत्ता में वापसी की ओर बढ़ रही है। राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, असम में भाजपा ने संगठनात्मक मजबूती, क्षेत्रीय सहयोगियों के समर्थन और नेतृत्व की आक्रामक चुनावी रणनीति के दम पर अपनी पकड़ और मजबूत की है।
11 मई के बाद हो सकता है शपथ ग्रहण समारोह
लोकभवन के बाहर मीडिया से बातचीत करते हुए हिमंत बिस्व सरमा ने कहा कि नई सरकार का शपथ ग्रहण समारोह 11 मई के बाद होने की संभावना है। उन्होंने बताया कि भाजपा इस ऐतिहासिक जीत के मौके पर प्रधानमंत्री Narendra Modi को आमंत्रित करना चाहती है।
सरमा ने कहा कि प्रधानमंत्री कार्यालय की ओर से जानकारी दी गई है कि पीएम मोदी 11 मई तक व्यस्त हैं और उसके बाद ही असम दौरे पर आ सकेंगे। इसी कारण शपथ ग्रहण की संभावित तारीख 11 मई के बाद तय की जा रही है।
विधायक दल की बैठक में चुना जाएगा नेता
मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि भाजपा ने दो केंद्रीय पर्यवेक्षकों की नियुक्ति की है, जो विधायक दल की बैठक की निगरानी करेंगे। इसी बैठक में विधायक दल का नेता चुना जाएगा, जिसके बाद राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) के सहयोगी दल औपचारिक समर्थन देंगे।
उन्होंने संकेत दिया कि विधायक दल की बैठक 11 मई से पहले आयोजित हो सकती है। इसके बाद भाजपा राज्यपाल के समक्ष सरकार गठन का दावा पेश करेगी। नई सरकार में पुराने चेहरों के साथ कुछ नए नेताओं को भी मौका मिलने की संभावना जताई जा रही है, हालांकि अंतिम फैसला नए मुख्यमंत्री के स्तर पर होगा।
चुनाव परिणाम राज्यपाल को सौंपे गए
इस बीच असम के मुख्य निर्वाचन अधिकारी अनुराग गोयल ने विधानसभा चुनाव के आधिकारिक परिणाम राज्यपाल लक्ष्मण प्रसाद आचार्य को सौंप दिए। निर्वाचन अधिकारियों की टीम ने राजभवन पहुंचकर निर्वाचित विधायकों की सूची प्रस्तुत की।
संवैधानिक प्रक्रिया के तहत अब राज्यपाल नई सरकार के गठन की औपचारिक प्रक्रिया आगे बढ़ाएंगे। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि भाजपा और उसके सहयोगी दलों के पास स्पष्ट बहुमत होने के कारण सरकार गठन में किसी तरह की बाधा नहीं आएगी।
अगप ने भी हिमंत बिस्व सरमा के नेतृत्व पर जताया भरोसा
भाजपा की सहयोगी पार्टी Asom Gana Parishad (अगप) ने भी हिमंत बिस्व सरमा के नेतृत्व पर भरोसा जताया है। पार्टी अध्यक्ष Atul Bora को सर्वसम्मति से विधायक दल का नेता चुना गया।
बैठक में अगप विधायकों ने हिमंत बिस्व सरमा को फिर से राज्य का नेतृत्व सौंपने का समर्थन किया। अतुल बोरा ने राज्य की जनता का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि गठबंधन सरकार विकास और स्थिरता के एजेंडे पर आगे काम करती रहेगी।
राजनीतिक तौर पर देखा जाए तो असम में भाजपा की लगातार तीसरी जीत पूर्वोत्तर की राजनीति में पार्टी की मजबूत पकड़ का संकेत मानी जा रही है। आने वाले दिनों में नई मंत्रिपरिषद की संरचना और सत्ता संतुलन पर भी नजरें टिकी रहेंगी।











